- 12 जुलाई 2009 को छत्तीसगढ़ के कोरकोट्टी-मदनवाड़ा इलाके में नक्सलियों ने पुलिसवालों पर घात लगाकर हमला किया था.
- हमले में तत्कालीन एसपी विनोद कुमार चौबे समेत 29 पुलिस जवानों ने अपने प्राण देश की सुरक्षा में न्योछावर किए थे.
- हर वर्ष 12 जुलाई को राजनांदगांव में शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए पुलिस लाइन में कार्यक्रम होता है.
कुछ तारीखें कैलेंडर में सिर्फ तारीख नहीं होतीं, वे दर्द, साहस और बलिदान की ऐसी याद बन जाती हैं जिन्हें समय भी धुंधला नहीं कर पाता. 12 जुलाई 2009 भी ऐसी ही एक तारीख है, जब छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले के कोरकोट्टी-मदनवाड़ा इलाके में नक्सलियों के हमले में तत्कालीन एसपी विनोद कुमार चौबे समेत 29 पुलिस जवानों ने देश की सुरक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए थे. 17 साल बाद भी उस घटना को याद करते हुए लोगों की आंखें नम हो जाती हैं. हर साल की तरह इस वर्ष भी राजनांदगांव में उन वीर सपूतों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई, जिन्होंने कर्तव्य निभाते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया था.
कोरकोट्टी में नक्सलियों ने बिछाया था मौत का जाल
बात हैं 12 जुलाई 2009 की, इस दिन अविभाजित राजनांदगांव जिले के मानपुर थाना क्षेत्र के कोरकोट्टी इलाके में नक्सलियों ने बड़े स्तर पर एंबुश (जाल) लगाया था. उस समय मानपुर से पुलिस बल मदनवाड़ा की ओर जा रहा था. घने जंगलों के बीच पहले से घात लगाए बैठे नक्सलियों ने जवानों पर हमला बोल दिया. अचानक हुए इस हमले के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और दोनों ओर से भारी गोलीबारी शुरू हो गई.

नक्सली हमले में शहीद एसपी चौबे सहित उनके साथी.
जवानों को बचाने पहुंचे एसपी चौबे शहीद
हमले की सूचना मिलते ही तत्कालीन पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार चौबे खुद मौके के लिए रवाना हुए. अपने जवानों को बचाने और मोर्चा संभालने के लिए वे बिना देर किए घटनास्थल पहुंचे. लेकिन हालात बेहद चुनौतीपूर्ण थे. नक्सलियों की ओर से पहले से रची गई साजिश के कारण एसपी विनोद कुमार चौबे भी उसी एंबुश में फंस गए. कई घंटों तक चली मुठभेड़ के बाद एसपी सहित पुलिस के 29 जवान वीरगति को प्राप्त हो गए.
29 वीर सपूतों का बलिदान आज भी किया जाता है याद
कोरकोट्टी हमले को छत्तीसगढ़ के नक्सल इतिहास की सबसे दुखद घटनाओं में गिना जाता है. इस घटना में शहीद हुए सभी जवानों के साहस और समर्पण को याद करने के लिए हर वर्ष 12 जुलाई को श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया जाता है. यह दिन सिर्फ पुलिस विभाग ही नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए भावनात्मक महत्व रखता है.

श्रद्धांजलि कार्यक्रम में पुलिसकर्मियों ने अपने शहीद साथियों को सेल्यूट किया.
पुलिस लाइन में आयोजित हुआ श्रद्धांजलि कार्यक्रम
शहीदों की स्मृति में इस वर्ष भी पुलिस लाइन राजनांदगांव में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया. कार्यक्रम में पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, जनप्रतिनिधि और विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता शामिल हुए. भाजपा और कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता भी समारोह में मौजूद रहे और शहीदों को श्रद्धासुमन अर्पित किए.
शहीद एसपी की पत्नी भी रहीं मौजूद
इस अवसर पर शहीद एसपी विनोद कुमार चौबे की पत्नी भी कार्यक्रम में शामिल हुईं. उनके साथ अन्य शहीद जवानों के परिजन भी उपस्थित रहे. कार्यक्रम के दौरान शहीद परिवारों का सम्मान किया गया और उनसे जुड़ी समस्याओं एवं आवश्यकताओं पर भी चर्चा की गई.

शहीदों की याद में कुछ पुलिसकर्मियों ने रक्त दान भी किया.
हर साल जीवित हो जाती हैं शहादत की यादें
रक्षित आरक्षी केंद्र राजनांदगांव में आयोजित होने वाला यह कार्यक्रम केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं है, बल्कि उन वीर जवानों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर है जिन्होंने अपने कर्तव्य को सबसे ऊपर रखा. 12 जुलाई आते ही कोरकोट्टी का वह दर्दनाक अध्याय फिर से लोगों की स्मृतियों में ताजा हो जाता है और पूरा राजनांदगांव अपने शहीदों को नम आंखों से याद करता है.
अमर रहे शहीदों का बलिदान
एसपी विनोद कुमार चौबे समेत 29 जवानों की शहादत आज भी पुलिस बल के लिए साहस, कर्तव्यनिष्ठा और देशभक्ति की मिसाल है. उनके बलिदान की कहानी आने वाली पीढ़ियों को यह संदेश देती रहेगी कि देश और समाज की सुरक्षा के लिए कुछ वीर अपने जीवन का सबसे बड़ा त्याग कर जाते हैं, लेकिन इतिहास में हमेशा अमर हो जाते हैं.
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