विज्ञापन

कौन हैं फि‍जिशि‍यन अनिल मेनन जो नासा के ISS मिशन का हैं हिस्सा, पत्नी भी हैं मशहूर अंतर‍िक्ष यात्री 

अनिल मेनन का कनेक्शन केरल के पलक्कड़ जिले हैं. हालांक‍ि, अन‍िल का जन्म अमेरिका में हुआ है, लेकिन उनके पिता भारतीय और मां यूक्रेन की हैं. उनकी जड़ें केरल के पलक्कड़ से जुड़ी हैं.

कौन हैं फि‍जिशि‍यन अनिल मेनन जो नासा के ISS मिशन का हैं हिस्सा, पत्नी भी हैं मशहूर अंतर‍िक्ष यात्री 
डॉ. अनिल मेनन का भारत से है खास कनेक्‍शन.

भारतीय मूल के अंतरिक्ष यात्री डॉ. अनिल मेनन (Anil Menon) 14 जुलाई को अपने स्पेस मिशन पर रवाना होने वाले हैं. डॉ. अनिल मेनन कजाखस्तान के बैकोनूर कास्मोड्रोम से इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन के लिए रवाना होंगे. उनका यह मिशन करीब 8 महीने तक चलने वाला है. ऐसे में हर कोई उनके बारे में जानना चाहता है, आइए जानते हैं कौन हैं अन‍िल मेनन? 

अनिल मेनन का कनेक्शन केरल के पलक्कड़ जिले हैं. हालांक‍ि, अन‍िल का जन्म अमेरिका में हुआ है, लेकिन उनके पिता भारतीय और मां यूक्रेन की हैं. उनकी जड़ें केरल के पलक्कड़ से जुड़ी हैं. अंतरिक्ष यात्री होने के साथ-साथ अन‍िल एक डॉक्टर, मैकेनिकल इंजीनियर, स्पेस मेडिसिन स्पेशलिस्ट, पायलट और अमेरिकी स्पेस फोर्स में कर्नल भी हैं. अंतरिक्ष यात्री बनने से पहले वह नासा (NASA) के फ्लाइट सर्जन के रूप में अन्य अंतरिक्ष यात्रियों की देखभाल करते थे.

पत्नी एना भी हैं मशहूर अंतर‍िक्ष यात्री 

दिलचस्प बात यह है कि अनिल की पत्नी एना मेनन भी एक मशहूर अंतरिक्ष यात्री हैं. एना ने सितंबर 2024 में ऐतिहासिक 'पोलारिस डॉन' मिशन के तहत उड़ान भरी थी, जिसने दुनिया की पहली प्राइवेट स्पेसवॉक का रिकॉर्ड बनाया था. वर्तमान में एना नासा में ट्रेनिंग ले रही हैं. दोनों के दो बच्चे हैं. अन‍िल और एना के परिवार को कम्पलीट एस्ट्रोनॉट फैमिली भी कहा जाता है.

यह भी पढ़ें- पिज्जा, डायनासोर की हड्डी और अमेरिकी राष्ट्रपतियों के बाल... अंतरिक्ष में भेजी जा चुकी हैं ये अजीब चीजें

ऑर्बिट में कौन सी रिसर्च करेंगे अनिल मेनन?

र‍िपोर्ट्स के मुताबि‍क, ISS पर रहने के दौरान अनिल मेनन कई तरह के एक्सपेरिमेंट करेंगे. इन एक्सपेरिमेंट का मकसद यह समझना होगा कि अंतरिक्ष में रहने के दौरान इंसानी शरीर कैसे ढलता है. उनके काम में लंबे समय तक अंतरिक्ष की यात्रा के शरीर पर होने वाले असर की जांच की जाएगी. इसमें यह भी देखा जाएगा कि माइक्रोग्रैविटी का ब्लड फ्लो, नसों की बनावट और खून के कंपोजिशन पर क्या असर पड़ता है. उम्मीद है कि इन नतीजों से भविष्य में लो-अर्थ ऑर्बिट से आगे के मिशन के दौरान अंतर‍िक्ष यात्र‍ियों को सेहतमंद रखने की कोशिशों में मदद मिलेगी.

Latest and Breaking News on NDTV

अनिल मेनन उन टेक्नोलॉजीज को टेस्ट करने में भी मदद करेंगे, जो ISS के पीने के पानी के सिस्टम का इस्तेमाल करके इंट्रावेनस फ़्लूड (IV फ़्लूड) बना सकती हैं. यह क्षमता भविष्य में चांद, मंगल और अंतरिक्ष में दूर की जगहों पर जाने वाले मिशन के लिए बहुत जरूरी मानी जाती है, क्योंकि वहां मेडिकल सप्लाई सीमित होगी और दोबारा सप्लाई पहुंचाने वाले मिशन शायद मुमकिन न हों. 

यह भी पढ़ें- क्या आप चांद और मंगल ग्रह पर रह सकते हैं? NASA को है 4 लोगों की तलाश- जानिए क्राइटेरिया

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
NASA, NASA Mission, Anil Menon Astronauts Palakkad, Anil Menon, Space Mission
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com