- मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के छोटे भाई नाना पटवारी को इंदौर पुलिस ने हिरासत में लिया है.
- पुलिस ने बताया कि ड्रग्स पेडलर्स की पूछताछ में नाना पटवारी की पहचान होने के बाद कार्रवाई की गई है.
- कांग्रेस नेताओं ने नाना पटवारी की गिरफ्तारी पर पुलिस की कार्रवाई और सूचना न देने पर सवाल उठाए हैं.
मध्य प्रदेश की राजनीति में उस समय हलचल मच गई जब कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के भाई नाना पटवारी का नाम इंदौर में चल रही कथित ड्रग्स नेटवर्क की जांच में सामने आया. पुलिस ने दो संदिग्ध ड्रग्स पेडलर्स से पूछताछ के बाद नाना पटवारी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की. वहीं कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि नाना पटवारी अचानक लापता हो गए हैं, उनका मोबाइल बंद है और परिवार को उनकी कोई जानकारी नहीं मिल रही है. इस पूरे घटनाक्रम ने राजनीतिक गलियारों में नई बहस छेड़ दी है और पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल उठने लगे हैं.
ड्रग्स नेटवर्क की जांच में सामने आया नाम
दरअसल, इंदौर के राजेंद्र नगर थाना क्षेत्र में पुलिस कथित ड्रग्स नेटवर्क की जांच कर रही है. इसी दौरान हिरासत में लिए गए दो संदिग्ध ड्रग्स पेडलर्स से पूछताछ में नाना पटवारी का नाम सामने आने की बात कही जा रही है. सूत्रों के मुताबिक इसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी.
हालांकि अब तक पुलिस ने मामले को लेकर कोई औपचारिक बयान जारी नहीं किया. सूत्रों के अनुसार जांच एजेंसियां यह जानने की कोशिश कर रही हैं कि नाना पटवारी का कथित ड्रग्स कारोबार से कोई सीधा संबंध था या उनका नाम केवल जान-पहचान के स्तर पर सामने आया है.
जीतू पटवारी के घर पहुंचने लगे कांग्रेस नेता
मामले के सामने आने के बाद बिजलपुर स्थित जीतू पटवारी के निवास पर कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं का जमावड़ा लग गया. पार्टी नेताओं ने पूरे घटनाक्रम पर चिंता जताते हुए पुलिस की कार्रवाई और उसकी प्रक्रिया को लेकर सवाल खड़े किए हैं. कांग्रेस का कहना है कि यदि किसी व्यक्ति को हिरासत में लिया है, तो उसके परिवार को इसकी जानकारी दी जानी चाहिए.
परिवार ने दर्ज कराई गुमशुदगी की रिपोर्ट
जीतू पटवारी के कानूनी सलाहकार जय हार्डिया के मुताबिक सुबह बिजलपुर क्षेत्र में नाना पटवारी की कार लावारिस हालत में मिली थी. उन्होंने बताया कि नाना पटवारी का मोबाइल भी सुबह करीब 10 बजे के बाद से बंद है. परिजनों ने उनकी गुमशुदगी को लेकर राजेंद्र नगर थाने में आवेदन भी दिया है. उनका कहना है कि अगर पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया था तो इसकी जानकारी परिवार को क्यों नहीं दी?
कांग्रेस ने मांगी पारदर्शिता
शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे ने कहा कि यदि नाना पटवारी से पूछताछ की जा रही है या उन्हें हिरासत में लिया गया है तो पुलिस को स्पष्ट रूप से बताना चाहिए कि कार्रवाई किस आधार पर की गई है. उन्होंने ड्रग्स से जुड़े आरोपों को निराधार बताते हुए पूरे मामले में पारदर्शिता बरतने की मांग की है.
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