मध्य प्रदेश में मॉनसून में देरी और जून में हुई कम बारिश का असर साफ नजर आना लगा है. बारिश की कमी के चलते जबलपुर बरगी बांध का जलस्तर इतना नीचे गिरा कि पानी में 55 फीट की गहराई में दफन एक मोटर बोट दिखाई देने लगी. यह मोटर बोट 1986 में हादसे का शिकार हुई थी, जिसके बाद से पानी में छोड़ दिया गया था. अब ऐतिहासिक रूप से कम से कम हुए जलस्तर ने उस बोट को सबसे सामने ला दिया, जिसके बाद से इसकी खूब चर्चा हो रही है. बड़ी संख्या में लोग बोट को देखने पहुंच रहे हैं, उसके साथ सेल्फी और फोटो ले रहे हैं.

जबलपुर बरगी बांध में दिखाई दे रही मोटर बोट की कहानी.
जानकारी के अनुसार, बरगी बांध में जलस्तर घटने से सामने आई मोटर बोट साल 1986 के आसपास हादसे का शिकार होकर पानी में डूब गई थी. बरगी बांध के निर्माण के दौरान इस मोटर बोट को पुनर्वास विभाग इस्तेमाल किया जाता था, बोट का उपयोग विस्थापित परिवारों के आवागमन और राहत कार्य के लिए किया जाता था. करीब 40 साल से 55 फीट गहरे पानी में पड़ी नाव में पूरी तरह कंडम हो चुकी है, उस पर जंग की मोदी परत चढ़ गई है, लेकिन बोट पर लिखा "सुमा रैप्स प्रोजेक्ट जबलपुर" आज भी दिखाई दे रहा है. साथ ही बोट का केबिन भी काफी हद तक सुरक्षित है.

हादसे के 40 साल बाद दिखी मोटर बोट पर जंग की मोटी परत चढ़ गई है.
हादसे में किसी की नहीं गई थी जान
जानकारों का कहना है कि 1986 तकनीकी खराबी के कारण मोटर बोट बरगी बांध में डूब गई थी. हादसे में कोई भी जनहानी नहीं हुई थी. 55 फीट गहराई में होने के कारण बोट को बाहर नहीं निकाला जा सका था. अब जलस्तर घटने से बोट दिखाई दे रही है.

बोट में बना केबिन काफी हद तक सुरक्षित है.
लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी
बरगी बांध में कम हुए पानी के कारण बाहर आई मोटर बोट लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बन चुकी है. कई लोग इसे देखने पहुंच रहे हैं और इसके वीडियो फोटो ले रहे हैं.
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Jabalpur bargi dam: अंदर से ऐसी है बोट की हालत.
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