- शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को कांग्रेस ने देश के युवाओं और जेनरेशन जेड की बड़ी जीत बताया है
- कांग्रेस सांसदों ने धर्मेंद्र प्रधान को शिक्षा प्रणाली की खराब स्थिति और भ्रष्टाचार का प्रतीक करार दिया
- प्रियंका गांधी ने कहा कि युवाओं के संघर्ष के कारण सरकार को झुकना पड़ा और यह युवाओं की जीत है
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद कांग्रेस ने इसे देश के युवाओं और जेन जी की बड़ी जीत बताया है. पार्टी के राज्यसभा सांसद पवन खेड़ा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि देश के छात्रों, नौजवानों और बेरोजगारों को आज बहुत-बहुत बधाई और धन्यवाद कि उन्होंने देश के शिक्षा मंत्री को नौकरी से बाहर निकाल दिया. युवाओं ने धर्मेंद्र प्रधान को डिसमिस कर दिया. उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा अंत की शुरुआत है.
देश के छात्रों, नौजवानों और बेरोजगारों को आज बहुत-बहुत बधाई और धन्यवाद कि उन्होंने देश के शिक्षा मंत्री को नौकरी से बाहर निकाल दिया।
— Congress (@INCIndia) July 25, 2026
युवाओं ने धर्मेंद्र प्रधान को dismiss कर दिया।
: राज्यसभा सांसद @Pawankhera जी
📍 दिल्ली pic.twitter.com/5pCArxbOaU
पवन खेड़ा ने कहा, "धर्मेंद्र प्रधान देश की निम्न स्तरीय शिक्षा प्रणाली, बेरोजगारी, शिक्षा विभाग के भ्रष्टाचार, पुलिस बर्बरता और सरकारी संवेदनहीनता के प्रतीक थे. लड़ाई सिर्फ प्रतीक से नहीं, बल्कि सिस्टम से थी और रहेगी. लड़ाई उस सिस्टम से है, जिसने 21 बच्चों की जान ले ली. बच्चों को घसीटा गया, उन्हें लाठियों से पीटा गया. उन पर पैलेट गन, शॉक बैटन का इस्तेमाल किया गया, बल्कि उनकी आवाज उठाने वाले नेताओं को भी सड़कों पर घसीटा गया. देश के युवाओं, GEN Z का पहले मजाक उड़ाया गया, लेकिन वे डटे रहे. आखिर में सरकार का घमंड टूटा और धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा हुआ."
धर्मेंद्र प्रधान देश की निम्न स्तरीय शिक्षा प्रणाली, बेरोजगारी, शिक्षा विभाग के भ्रष्टाचार, पुलिस बर्बरता और सरकारी संवेदनहीनता के प्रतीक थे।
— Congress (@INCIndia) July 25, 2026
लड़ाई सिर्फ प्रतीक से नहीं, बल्कि सिस्टम से थी और रहेगी। लड़ाई उस सिस्टम से है, जिसने 21 बच्चों की जान ले ली।
बच्चों को घसीटा गया,… pic.twitter.com/jhZKQn2AO3
इससे पहले कांग्रेस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट शेयर कर कहा कि यह जीत उन करोड़ों युवाओं की है, जिन्होंने बेहतर शिक्षा व्यवस्था की मांग को लेकर अपनी आवाज बुलंद की. अब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को छात्रों से माफी मांगनी चाहिए और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई के जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय होनी चाहिए.
युवा नहीं झुके, सरकार को झुकना पड़ा- प्रियंका गांधी
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने शनिवार को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का स्वागत करते हुए कहा कि सरकार को भारत के युवाओं और छात्रों के आगे झुकना पड़ा. वाद्रा ने इसे देश के युवाओं और छात्रों की जीत करार दिया, 'जो झुके नहीं.' उन्होंने कहा, 'युवा नहीं झुके; सरकार को झुकना पड़ा. यह भारत के युवाओं और छात्रों की जीत है. जब मैंने यह खबर सुनी तो मैं वास्तव में बहुत खुश हुई. मैं थोड़ी भावुक भी हो गई.'
The youth of India have started to take our country back from those who tried to suppress their voice… today is the day an undemocratic and oppressive government was forced to bend to the will of the people of India.
— Priyanka Gandhi Vadra (@priyankagandhi) July 25, 2026
To all you boys and girls who stand unflinchingly for what… pic.twitter.com/74uki59zYC
पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने ‘एक्स' पर पोस्ट कर ये भी कहा कि प्रधान का इस्तीफा उस युवा पीढ़ी के संघर्ष की जीत है जो एक ‘अनुचित और भ्रष्ट व्यवस्था' से थक चुकी है तथा यह छात्रों के साथ विपक्ष की ‘चट्टान जैसी एकजुटता और समर्थन' की भी जीत है. उन्होंने कहा, ' युवाओं के लगातार दबाव ने आखिरकार प्रधानमंत्री मोदी को प्रधान को राजनीतिक संरक्षण देना बंद करने के लिए मजबूर किया.'
रमेश ने आरोप लगाया कि प्रधान ने नीट-यूजी 2026 परीक्षा में प्रश्नपत्र लीक होने की बात स्वीकार करने से लगातार इनकार किया और परीक्षा रद्द किए जाने के बाद अपनी प्रेस वार्ता में भी जानबूझकर ‘लीक' शब्द का इस्तेमाल नहीं किया. उन्होंने दावा किया कि शिक्षा मंत्रालय ने मई, 2020 में संसद की शिक्षा संबंधी स्थायी समिति के समक्ष आधिकारिक तौर पर प्रश्नपत्र लीक होने से इनकार किया था और प्रधान ने अपने इस्तीफे के पत्र में भी ‘पेपर लीक' के बजाय ‘अनियमितताओं' का उल्लेख किया.
धर्मेंद्र प्रधान ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) प्रश्नपत्र लीक विवाद को लेकर अपने पद से इस्तीफा दे दिया. उन्होंने कहा कि यह उनके लिए 'व्यक्तिगत प्रतिष्ठा' का मामला नहीं है.
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