Lokayukta Raid: इंदौर में लोकायुक्त पुलिस ने बुधवार को महिला एवं बाल विकास विभाग के संयुक्त संचालक लक्ष्मीनारायण कंडवाल के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए उनके कई ठिकानों पर छापेमारी की. जांच के दौरान अधिकारी और उनके परिजनों से जुड़ी करीब 9.50 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्तियों का खुलासा हुआ है. लोकायुक्त पुलिस के अनुसार, कंडवाल की सरकारी सेवा के दौरान वेतन से कुल आय लगभग 2.5 करोड़ रुपये रही, जबकि बरामद संपत्तियां इससे कई गुना ज्यादा हैं. कार्रवाई के बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है. पुलिस ने आरोपी अधिकारी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है और संपत्तियों के विस्तृत मूल्यांकन की प्रक्रिया जारी है.
शिकायत के बाद लोकायुक्त की कार्रवाई
लोकायुक्त पुलिस को महिला एवं बाल विकास विभाग के संयुक्त संचालक लक्ष्मीनारायण कंडवाल के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने की शिकायत मिली थी. प्राथमिक जांच में शिकायत सही पाए जाने के बाद लोकायुक्त की टीम ने इंदौर में उनके कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की.

Lokayukta Raid Indore: इस जगह पड़ा है छापा
मकान, जिम और स्टोर पर पड़े छापे
लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक राजेश सहाय के अनुसार, कार्रवाई के दौरान एक मकान, जिम, डिपार्टमेंटल स्टोर और अन्य संपत्तियों की जांच की गई. छापेमारी में दस्तावेज, जमीन से जुड़े रिकॉर्ड और अन्य वित्तीय जानकारी जुटाई गई है.
वेतन से चार गुना ज्यादा संपत्ति
लोकायुक्त की जांच में अब तक लगभग 9.50 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्तियों का खुलासा हुआ है. पुलिस के मुताबिक, कंडवाल वर्ष 1996 से सरकारी सेवा में हैं और करीब 30 वर्षों की नौकरी में उनकी वेतन से कुल आय लगभग 2.5 करोड़ रुपये रही है. इस तुलना में सामने आई संपत्तियां उनकी आय से करीब चार गुना अधिक बताई जा रही हैं.
इंदौर में बहुमंजिला भवन और भूखंड
जांच के दौरान इंदौर में करीब 13,500 वर्गफुट क्षेत्रफल में बने एक बहुमंजिला भवन का पता चला है. इसके अलावा शहर में दो भूखंडों की जानकारी भी सामने आई है.
पीथमपुर क्षेत्र में भी संपत्ति
लोकायुक्त पुलिस को इंदौर के पास पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र से लगे गांवों में भी बड़ी संख्या में जमीन होने की जानकारी मिली है. पुलिस के अनुसार, यहां 11 भूखंडों का पता चला है, जिनकी कीमत भी करोड़ों रुपये आंकी जा रही है.
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज
लोकायुक्त पुलिस ने लक्ष्मीनारायण कंडवाल के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम 2018 के तहत मामला दर्ज किया है. फिलहाल संपत्तियों का विस्तृत मूल्यांकन और दस्तावेजों की जांच जारी है.
प्रशासनिक महकमे में मचा हड़कंप
महिला एवं बाल विकास विभाग के वरिष्ठ अधिकारी पर हुई इस कार्रवाई के बाद प्रशासनिक और सरकारी महकमे में चर्चा तेज हो गई है. लोकायुक्त अधिकारियों का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.
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