मध्य प्रदेश के हरदा जिला अस्पताल में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब निरीक्षण के लिए पहुंचे सहकारिता एवं खेल विभाग मंत्री विश्वास कैलाश सारंग के सामने एक घायल महिला रोते हुए उनके पैरों में गिर पड़ी. महिला वार्ड में भर्ती तीन पीड़ित महिलाओं ने राजस्व विभाग पर गंभीर लापरवाही और मिलीभगत का आरोप लगाते हुए बताया कि वर्ष 1961 से उनके कब्जे वाली 20 एकड़ जमीन का पट्टा 2003 में गलत तरीके से किसी अन्य व्यक्ति के नाम कर दिया गया. हाल ही में 30 जून को हुए सीमांकन के बाद उपजे विवाद में दबंगों ने उनके साथ बेरहमी से मारपीट की, जिसके बाद से वे अस्पताल में भर्ती हैं. मामले की गंभीरता को देखते हुए मंत्री सारंग ने मौके पर मौजूद कलेक्टर और एसपी को तत्काल निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई करने के कड़े निर्देश दिए हैं.
सबहेड: 1961 से काबिज जमीन का पट्टा दूसरों के नाम करने का आरोप
पीड़ित महिलाओं के अनुसार,उनका परिवार वर्ष 1961 से करीब 20 एकड़ जमीन पर काबिज है और लगातार उस पर खेती-किसानी करता आ रहा है. आरोप है कि राजस्व अधिकारियों की लापरवाही के कारण वर्ष 2003 में इसी जमीन का पट्टा कोरकू समाज के एक व्यक्ति के नाम जारी कर दिया गया. पीड़ित परिवार लंबे समय से इसकी शिकायतें कर रहा था, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला. 30 जून 2026 को जब राजस्व टीम ने विवादित जमीन का सीमांकन किया, तो विवाद और अधिक भड़क गया, जिसके बाद गांव के ही कुछ दबंगों ने महिलाओं पर हमला कर दिया.
सबहेड: दबंगों ने की मारपीट, पटवारी-तहसीलदार पर भी लगाए आरोप
अस्पताल में भर्ती शिकायतकर्ता गुलाब बाई ने अपना दर्द साझा करते हुए बताया कि दबंगों द्वारा उनकी पैतृक जमीन पर अवैध कब्जा कर लिया गया है. बार-बार शिकायत करने के बाद भी प्रशासन ने उनकी कोई सुनवाई नहीं की. घटना के दिन दबंगों ने तीनों महिलाओं को लात-घूंसों से बेरहमी से पीटा. पीड़ित महिला का आरोप है कि घटना और विवाद के दौरान पटवारी और तहसीलदार मौके पर मौजूद खड़े रहे, लेकिन किसी भी अधिकारी ने उन्हें बचाने या रोकने का प्रयास नहीं किया. मंत्री से शिकायत के बाद अब पीड़ितों को जल्द न्याय मिलने की उम्मीद जगी है.
सबहेड: मंत्री के निर्देश के बाद एक्शन में आया पुलिस प्रशासन
महिला वार्ड में पीड़ितों की शिकायत और रोते-बिलखते हुए पैर पड़ने की घटना के बाद मंत्री विश्वास सारंग ने तत्काल कड़ा रुख अपनाया. उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट हिदायत दी कि राजस्व और पुलिस विभाग मिलकर इस मामले की पूरी जांच करें और महिलाओं की समस्या का तुरंत निराकरण करें. मंत्री के अस्पताल से रवाना होने के तुरंत बाद एसडीओपी शालिनी परस्ते जिला अस्पताल पहुंचीं और भर्ती महिलाओं से घटना एवं शिकायत की विस्तृत जानकारी जुटाकर जांच शुरू कर दी.
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