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Success Story: संघर्ष, आत्मविश्वास और जज्बे की कहानी... मां ने उधार रुपये लेकर भेजा खेलने, अब बेटी निधि सेन ने ऐसे बढ़ाया MP का मान

Golfer Nidhi Sen Success Story: पिछले साल निधि ने पैसों की कमी के कारण वो फाइनल मुकाबले तक नहीं पहुंच सकीं. उनकी मां के पास इतने पैसे नहीं थे कि वो बेटी को बाहर खेलने भेज सकें. हालांकि कई बार टूर्नामेंट में भाग लेने के लिए उनकी मां को लोगों से उधार पैसे लेने पड़े.

Success Story: संघर्ष, आत्मविश्वास और जज्बे की कहानी... मां ने उधार रुपये लेकर भेजा खेलने, अब बेटी निधि सेन ने ऐसे बढ़ाया MP का मान

Nidhi Sen Success Story: कहते हैं कि हालात चाहे कितने भी कठिन क्यों न हों, यदि इरादे मजबूत हों और मेहनत सच्ची हो तो सफलता जरूर मिलती है. इस कथन को सागर की 16 वर्षीय होनहार खिलाड़ी निधि सेन ने सच कर दिखाया है. निधि ने कमला नेशनल जूनियर गोल्फ चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम किया और न केवल सागर बल्कि पूरे बुंदेलखंड का मान बढ़ाया है.

संघर्ष से भरी है निधि सेन की सफलता की कहानी

निधि सेन की सफलता की कहानी संघर्ष, आत्मविश्वास और जज्बे से भरी हुई है. निधि बचपन से ही पढ़ाई में कमजोर रही हैं, जिस कारण उन्हें कई बार घर में ताने भी सुनने पड़े. उनके पिता भारतीय सेना से सेवानिवृत्त हैं, जिससे पूरे परिवार में अनुशासन का माहौल रहा. हालांकि पढ़ाई में औसत रहने के बावजूद निधि के मन में शुरू से ही खेल के प्रति गहरा जुनून था. उनका सपना था कि वो खेल के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाएं.

अपने सपनों को साकार करने के लिए निधि ने अपने स्कूल के कोच से संपर्क किया और गोल्फ की नियमित ट्रेनिंग शुरू की. आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण यह सफर आसान नहीं था. परिवार का खर्च सिर्फ पिता की पेंशन से चलता है. कई बार संसाधनों की कमी निधि के रास्ते में बड़ी बाधा बनकर खड़ी हुई.

पैसों की कमी की वजह से फाइनल मुकाबले में नहीं पहुंची थी निधि

निधि बताती हैं कि पिछले वर्ष पैसों की कमी के कारण वे फाइनल मुकाबले तक नहीं पहुंच सकीं. उनकी मां के पास इतने पैसे नहीं थे कि वो बेटी को बाहर खेलने भेज सकें. कई बार टूर्नामेंट में भाग लेने के लिए उनकी मां को लोगों से उधार पैसे लेने पड़े. बावजूद इसके मां ने कभी बेटी के सपनों को टूटने नहीं दिया और हर परिस्थिति में उसका हौसला बढ़ाया.

फिर मां ने पैसे उधार लेकर भेजा खेलने

इस सफलता के पीछे निधि की मां का योगदान सबसे अहम माना जा रहा है, जिन्होंने विपरीत हालात में भी बेटी पर विश्वास बनाए रखा. निधि तीन भाई-बहनों में सबसे बड़ी हैं. वर्तमान में निधि आर्मी पब्लिक स्कूल में कक्षा 11वीं की छात्रा हैं.

सागर में खुशी का माहौल

इस वर्ष निधि ने कड़ी मेहनत का फल हासिल किया. फाइनल मुकाबले में उन्होंने महाराष्ट्र और गुजरात की मजबूत टीमों को कड़ी टक्कर देते हुए पराजित किया और गोल्ड मेडल जीत लिया. उनकी इस उपलब्धि से परिवार के साथ-साथ पूरे जिले में खुशी का माहौल है.

निधि सेन का सपना है कि वो भविष्य में खेल के क्षेत्र में ही अपना करियर बनाएं और राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन करें। उनकी यह सफलता सागर, बुंदेलखंड और प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बन गई.

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