Ekta Aswani Inspirational Story: जीवन में कभी-कभी ऐसी परिस्थितियां आती हैं जो हमारी परीक्षा लेती हैं... जिसकी तैयारी कोई नहीं करता, इस दौरान कुछ लोग टूटकर बिखर जाते हैं तो कई लोग निखरकर बाहर आते हैं... ऐसी ही एक कहानी है मध्य प्रदेश के शहडोल की रहने वाली एकता आसवानी की... एकता आसवानी ने MPPSC 2023 में सफलता हासिल कर कोऑपरेटिव इंस्पेक्टर बनीं. बीते 8 सालों में एकता आसवानी को कदम-कदम पर चोट मिली, फिर भी वो उठ खड़ी हुई और सभी बाधाओं को पीछे छोड़ सफलता की कहानी लिखी.
मेंटल ट्रॉमा से कोऑपरेटिव इंस्पेक्टर तक... ऐसे हासिल की सफलता
एकता आसवानी की राह काफी संघर्षों भरा रहा. वो मेंटल ट्रॉमा से बाहर निकलकर इस मुकाम को हासिल कर पायी. जब MPPSC 2023 का रिजल्ट आया तो एकता ने अपने चाचा को फोन कर गर्व से कहा- 'मैं अफसर बन गई …' इस दौरान वो खुशी के आंसुओं में टूटकर रो पड़ी. एकता ने जो इतना संघर्ष किया… आज उसी की जीत थी.
पाचवें प्रयास में हासिल की सफलता
एकता आसवानी ने पांचवें प्रयास में सफलता हासिल की. वो पहली बार 2019 में एमपीपीएससी की परीक्षा में बैठी थी. हालांकि वो प्री क्वालिफाई तो कर ली, लेकिन मेंस परीक्षा में सफलता नहीं मिली. इसके बाद वो लगातार एमपी पीसीएस परीक्षा में बैठी... 4 बार मेंस परीक्षा तक पहुंची, लेकिन सफलता नहीं मिली. हालांकि पाचवें प्रयास में वो प्री, मेंस और इंटरव्यू क्लियर कर एमपी पीसीएस में सफलता हासिल की. एकता का चयन कोऑपरेटिव इंस्पेक्टर के पद पर हुआ है.
मां की मौत... मेंटल ट्रॉमा में चली गई थी एकता
बता दें कि जब एकता ने एमपीपीएससी परीक्षा की तैयारी शुरू की तो 6 महीने बाद ही उनकी मां की मौत हो गई. सिर से मां की छाया छीन जाने से वो बिखर गई और मेंटल ट्रॉमा में चली गई. काफी मुश्किलों के बाद वो खुद को संभाली और फिर से तैयारी शुरू की. हालांकि वो इस ट्रॉमा के साथ ही पढ़ाई कर रही थी, ऐसे में वो लगातार फेल होते रही. लेकिन इसके बावजूद वो हार नहीं मानी. एकता के जीवन में मुश्किलों का दौर अभी बाकी थे. काफी मेहनत कर आसवानी ने एमपीपीएससी 2023 की परीक्षा में बैठी. इस दौरान उनका प्री, मेंस क्लियर हुआ... इंटरव्यू अभी बाकी थे.
पिता ने दुनिया को कहा अलविदा
एकता को पहली बार फिल हुआ कि वो अपना सबसे बेस्ट देकर आई... वो इंटरव्यू तक जरूर पहुंचेगी. वो घर पहुंची और अपने पापा को गले लगाकर कहा, 'इस बार इंटरव्यू देने जरूर जाऊंगी...' उनके पिता भी काफी प्राउड फिल कर रहे थे, लेकिन इस परीक्षा के एक महीने बाद पिता ही उनकी मौत हो गई. एकता आखिरी बार अपने पापा से भी नहीं मिल पायी.
एक बार फिर एकता टूट गई. दोनों पेरेंट्स का रोल अदा करने वाले पिता भी इस दुनिया को अलविदा कह गए... हालांकि पिता की मौत के बाद उनकी हिम्मत उनका छोटा भाई बना. पिता की मौत के 15 दिन बाद वो लाइब्रेरी गई. एमपीपीएससी 2023 मेंस का रिजल्ट आया. इसमें एकता आसवानी को सफलता मिली.
इंटरव्यू के 20 पहले दादी की भी मौत
पिता के जाने के बाद भाई और दादी ने आसवानी को काफी सपोर्ट किया है, लेकिन इंटरव्यू के 20 पहले दादी की भी मौत हो गई. जब MPPSC 2023 का रिजल्ट आया तो एकता ने अपने चाचा को फोन कर गर्व से कहा- 'मैं अफसर बन गई …' इस दौरान वो खुशी के आंसुओं में टूटकर रो पड़ी. एकता ने जो इतना संघर्ष किया… आज उसी की जीत थी.
8 सालों की इस कहानी में एक सपना, जी तोड़ मेहनत, अपनों की यादें, अनगिनत रातों की खामोशी, खुद पे अटूट विश्वास और हर मुश्किल के बाद उठ खड़े होने की हिम्मत... यही एकता की सफलता के पीछे की कहानी है.
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