विज्ञापन

South India Education Model: दक्षिण भारत के एजुकेशन मॉडल की क्या हैं खास बातें, जानिए यहां

दक्षिण भारत का एजुकेशन मॉडल पूरे देश के लिए मिसाल है. आइए जानते हैं आखिर क्यों पढ़ाई के मामले में दक्षिण भारत सबसे आगे है.

South India Education Model: दक्षिण भारत के एजुकेशन मॉडल की क्या हैं खास बातें, जानिए यहां
तमिलनाडु जैसे राज्यों ने बहुत पहले ही 'मिड-डे मील' जैसी योजनाओं की शुरुआत कर दी थी.

South India Education Model : जब भी भारत में शिक्षा और तरक्की की बात होती है, तो दक्षिण भारतीय राज्यों का नाम सबसे पहले आता है. केरल, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना ने मिलकर पढ़ाई का एक ऐसा मॉडल तैयार किया, जो इसे सबसे अलग बनाता है. बेहतरीन स्कूल, कॉलेज जाने वाले छात्रों की भारी संख्या और साइंस के प्रति जुनून यही दक्षिण भारत की पहचान बन चुका है.

आइए समझते हैं कि आखिर दक्षिण भारत के एजुकेशन मॉडल में ऐसा क्या खास है जो इसे सबसे अलग बनाता है...

साक्षरता और स्कूलों में बच्चों का ज्यादा से ज्यादा दाखिला

दक्षिण भारत के राज्यों में साक्षरता दर (Literacy Rate) देश में सबसे ज्यादा है. ताजा आंकड़ों के अनुसार, केरल 95.3% साक्षरता के साथ नंबर एक पर है, वहीं तमिलनाडु में यह 85% है. यहां की सबसे बड़ी खूबी यह है कि बच्चे सिर्फ स्कूल में एडमिशन ही नहीं लेते, बल्कि अपनी पढ़ाई पूरी भी करते हैं. केरल में कक्षा 1 से 10 तक के 99.5% बच्चे अपनी स्कूलिंग पूरी करते हैं, जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है.

कॉलेज जाने में सबसे आगे

स्कूल खत्म करने के बाद हायर एजुकेशन (Higher Education) के मामले में भी दक्षिण भारत बहुत आगे है. तमिलनाडु का ग्रॉस एनरोलमेंट रेशियो (GER) 47% है. इसका मतलब है कि वहां स्कूल से निकलने वाले लगभग आधे छात्र कॉलेज पहुंचते हैं. तुलना के लिए, पूरे भारत का औसत सिर्फ 28.4% है. यह दिखाता है कि वहां के युवाओं में ग्रेजुएशन और पोस्ट-ग्रेजुएशन को लेकर कितनी जागरूकता है.

साइंस और डॉक्टर बनने का क्रेज

साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग और मैथ्स की पढ़ाई में दक्षिण भारत का दबदबा है.

आंध्र प्रदेश- यहां 11वीं के 75.63% छात्र साइंस चुनते हैं.

तेलंगाना और तमिलनाडु- यहां भी 60% से ज्यादा छात्र साइंस की पढ़ाई करते हैं.

यही कारण है कि देश की कुल 41% MBBS सीटें अकेले दक्षिण भारत के राज्यों में हैं.

सफलता का राज: सरकारी स्कूल और टेक्नोलॉजी

दक्षिण भारत के मॉडल की सफलता के पीछे दो बड़ी वजह हैं-

सरकारी और एडेड स्कूलों की मजबूती

केरल जैसे राज्यों में 80% से ज्यादा बच्चे सरकारी या सहायता प्राप्त स्कूलों में पढ़ते हैं, जहां शिक्षा की गुणवत्ता बहुत शानदार है.

स्मार्ट क्लासरूम

केरल का KITE प्रोग्राम दुनिया के सबसे बड़े तकनीकी शिक्षा प्रोजेक्ट्स में से एक है, जिसने हर स्कूल को हाई-टेक बना दिया है.

तमिलनाडु जैसे राज्यों ने बहुत पहले ही 'मिड-डे मील' जैसी योजनाओं की शुरुआत कर दी थी, जिससे हर वर्ग के बच्चे के लिए स्कूल आना आसान हो गया. इन्ही नीतियों ने आज दक्षिण भारत को शिक्षा का चमकता हुआ सितारा बना दिया है.

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
South India Education Model, Kerala Literacy Rate, Tamil Nadu Higher Education, STEM Enrollment South India, Education Success Story
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com