Garlic Price Hike: मध्यप्रदेश के आगर-मालवा जिले में लहसुन उत्पादक किसानों के लिए इस समय बाजार से राहत भरी खबर सामने आई है. पिछले एक महीने के भीतर लहसुन की कीमतों में जबरदस्त तेजी दर्ज की गई है, जिससे किसानों के चेहरों पर लंबे समय बाद मुस्कान लौट आई है. मंडियों में सामान्य गुणवत्ता का लहसुन जहां पहले 30 से 40 रुपये प्रति किलो बिक रहा था, वहीं अब इसके भाव 60 से 70 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गए हैं. अच्छी गुणवत्ता वाले लहसुन की कीमतों में तो और अधिक उछाल देखने को मिला है. व्यापारियों का अनुमान है कि यदि बाजार में मांग और भंडारण की स्थिति बनी रही, तो आने वाले दिनों में लहसुन के दाम 200 रुपये प्रति किलो तक पहुंच सकते हैं.

Garlic Price Hike: मंडी में लहसुन के साथ किसान
एक महीने में दोगुने हुए दाम
आगर-मालवा जिले की कृषि मंडियों में लहसुन के दामों में पिछले एक महीने के भीतर बड़ी तेजी देखने को मिली है. बड़ी मंडियों पर नजर रखने वाले थोक व्यापारी मुकेश माली ने एनडीटीवी को बताया कि सामान्य गुणवत्ता वाला लहसुन जो पहले 30 से 40 रुपये किलो बिक रहा था, अब 60 से 70 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है. वहीं बेहतर और उच्च गुणवत्ता वाले लहसुन के भाव 120 से 140 रुपये किलो तक पहुंच चुके हैं. कुछ चुनिंदा किस्मों के लिए इससे भी अधिक बोली लगने की बातें सामने आ रही हैं.

Garlic Price Hike: आगर-मालवा मंडी में लहसुन की आवक
किसानों में खुशी का माहौल
लंबे समय तक लागत से कम दाम मिलने के कारण परेशान किसान अब राहत महसूस कर रहे हैं. मंडी में अपनी उपज बेचने पहुंचे किसान नारायण सिंह का कहना है कि बढ़ते दामों से किसानों को आर्थिक राहत मिली है. उनके अनुसार इस साल खेती की लागत लगातार बढ़ी है. बीज, खाद, कीटनाशक, मजदूरी और सिंचाई पर खर्च पहले की तुलना में काफी ज्यादा हो गया था. ऐसे में बेहतर भाव मिलने से किसानों को अब उम्मीद जगी है कि उनकी मेहनत का सही मूल्य मिलेगा.

Garlic Price Hike: अच्छे दाम से किसानों में खुशी
क्यों बढ़े लहसुन के दाम?
व्यापारियों और मंडी विशेषज्ञों के मुताबिक इस बार लहसुन की खेती कई कारणों से प्रभावित हुई है. एक तरफ पिछले वर्षों की तुलना में फसल का रकबा कम रहा, वहीं मौसम में उतार-चढ़ाव और बीमारी के असर ने उत्पादन घटा दिया. कम उत्पादन के कारण बाजार में आवक घटी है, जबकि मांग लगातार मजबूत बनी हुई है. इसी असंतुलन के चलते कीमतों में तेजी देखने को मिल रही है.

Garlic Price Hike: किसान में खुशी
बड़े व्यापारियों ने शुरू किया भंडारण
थोक व्यापारी मुकेश माली ने बताया कि बाजार में तेजी के संकेत देखते हुए बड़े व्यापारियों और स्टॉकिस्टों ने अच्छी गुणवत्ता वाले लहसुन का भंडारण शुरू कर दिया है. व्यापारियों को उम्मीद है कि आने वाले महीनों में कीमतें और बढ़ सकती हैं. इसी संभावना को देखते हुए बड़ी मात्रा में लहसुन गोदामों में सुरक्षित रखा जा रहा है.
खुदरा बाजार पर भी असर
भंडारण बढ़ने का असर अब खुले बाजार में भी दिखाई देने लगा है. बेहतर गुणवत्ता वाला लहसुन बाजार में सीमित मात्रा में नजर आ रहा है, क्योंकि उसका बड़ा हिस्सा स्टोर किया जा चुका है. खुदरा व्यापारी हाजी अब्दुल जब्बार के अनुसार आम उपभोक्ता फिलहाल कम कीमत वाले और सामान्य गुणवत्ता के लहसुन की खरीद को प्राथमिकता दे रहे हैं. वर्तमान में सामान्य लहसुन खुदरा बाजार में करीब 80 रुपये प्रति किलो तक बिक रहा है.
किसानों को पुराने नुकसान की भरपाई की उम्मीद
किसान किरपाल सिंह बताते हैं कि पिछले कुछ वर्षों में कई बार लहसुन के दाम लागत से भी नीचे चले गए थे. ऐसी स्थिति में किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ता था और कई बार कर्ज का बोझ भी बढ़ जाता था. इस बार बाजार में आई तेजी ने किसानों की उम्मीदों को फिर से मजबूत किया है. किसानों का मानना है कि यदि मांग बनी रही और आवक सीमित रही, तो दामों में और उछाल आ सकता है.

Garlic Price Hike: व्यापारियों ने स्टॉक बढ़ाया
200 रुपये किलो तक पहुंच सकते हैं दाम
व्यापारियों का अनुमान है कि आने वाले समय में लहसुन के दाम और बढ़ सकते हैं. प्रदेश सहित देश की बड़ी मंडियों में मांग लगातार मजबूत बनी हुई है. स्टॉक सीमित होने और भंडारण बढ़ने के कारण भाव 200 रुपये प्रति किलो तक पहुंचने की संभावना जताई जा रही है. हालांकि इसका असर आम उपभोक्ताओं की जेब पर भी पड़ सकता है.
उपभोक्ताओं की बढ़ सकती है चिंता
जहां किसान और व्यापारी बढ़ते दामों से खुश दिखाई दे रहे हैं, वहीं उपभोक्ताओं की चिंता भी बढ़ने लगी है. रसोई में रोज इस्तेमाल होने वाला लहसुन महंगा होने से घरेलू बजट प्रभावित हो सकता है. आने वाले दिनों में खुदरा बाजार में कीमतें और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है.
मंडी विशेषज्ञों की राय
कृषि उपज मंडी से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि अभी बाजार में तेजी का माहौल बना हुआ है. उत्पादन में कमी, सीमित आवक, मजबूत मांग और बड़े व्यापारियों द्वारा भंडारण जैसे कारण फिलहाल कीमतों को सहारा दे रहे हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि यदि मौसम सामान्य रहा और नई आवक नहीं बढ़ी तो बाजार में तेजी कुछ समय तक बनी रह सकती है.
किसानों के लिए राहत, उपभोक्ताओं के लिए चुनौती
लहसुन बाजार की इस तेजी को किसानों के लिए राहत के तौर पर देखा जा रहा है. लंबे समय बाद किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिल रहा है, लेकिन दूसरी तरफ आम उपभोक्ताओं को अधिक कीमत चुकानी पड़ सकती है. अब आने वाले दिनों में बाजार की चाल और सरकारी नीतियां तय करेंगी कि लहसुन के दाम कहां जाकर स्थिर होते हैं.
यह भी पढ़ें : बेमौसम आंधी-पानी से बुरहानपुर में करोड़ों की केला फसल तबाह; किसानों ने मांगा 1000 करोड़ का विशेष पैकेज
यह भी पढ़ें : ग्वालियर-चंबल में बंदूक के लिए 'जंग'; लाइसेंस ट्रांसफर को लेकर भाइयों-परिजनों में बढ़े झगड़े और विवाद
यह भी पढ़ें : जलगांव सड़क हादसा: खुशियां मातम में बदलीं; कार, बाइक और ST बस की टक्कर में 5 लोगों की मौत
यह भी पढ़ें : राज्यसभा चुनाव 2026 मध्य प्रदेश: भाजपा ने उतारा तीसरा उम्मीदवार, मुकाबला हुआ दिलचस्प
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं