- भोपाल की एमपी नगर पुलिस ने एक आरोपी को सरकारी नौकरी का झांसा देकर युवाओं से ठगी के आरोप में गिरफ्तार किया.
- आरोपी खुद को 2016 बैच का आईपीएस अधिकारी या आयकर विभाग का जॉइंट इन्वेस्टिगेशन ऑफिसर बताकर युवाओं को फंसाता था.
- वह फर्जी नियुक्ति पत्र और पहचान पत्र बनाकर प्रतियोगी परीक्षार्थियों से लाखों रुपये वसूल करता था.
भोपाल की एमपी नगर पुलिस ने एक ऐसे शातिर ठग को गिरफ्तार किया है, जो खुद को 2016 बैच का IPS अधिकारी बताकर बेरोजगार युवाओं को अपने जाल में फंसा रहा था. आरोपी सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देता था और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों से लाखों रुपये वसूल लेता था. इतना ही नहीं, भरोसा जीतने के लिए वह फर्जी पहचान पत्र और नकली नियुक्ति पत्र भी तैयार कर देता था. पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी ने कई युवाओं को अपना शिकार बनाया है.
नौकरी का झांसा देकर बनाता था शिकार
गिरफ्तार आरोपी की पहचान झांसी निवासी ऋषि कुमार यादव के रूप में हुई है. पुलिस के अनुसार, वह खुद को कभी 2016 बैच का IPS अधिकारी बताता था तो कभी आयकर विभाग का जॉइंट इन्वेस्टिगेशन ऑफिसर या इंटेलिजेंस अधिकारी बताकर लोगों पर रौब जमाता था. उसका मुख्य निशाना प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्र और नौकरी की तलाश में जुटे युवा होते थे.
फर्जी नियुक्ति पत्र देकर ठगे लाखों रुपये
पुलिस जांच में पता चला है कि आरोपी ने सरकारी नौकरी लगवाने का भरोसा दिलाकर करीब एक दर्जन युवाओं से लाखों रुपये ऐंठ लिए. युवाओं को विश्वास दिलाने के लिए वह आयकर विभाग के नाम से फर्जी जॉइनिंग लेटर भी उपलब्ध कराता था. नौकरी मिलने की उम्मीद में छात्र उसके झांसे में आते गए और रकम देते रहे.

फर्जी आईडी.
वर्तनी की गलतियों से खुली पोल
पीड़ित छात्रों ने बताया कि करीब तीन महीने पहले उनकी मुलाकात आरोपी से हुई थी. शुरुआत में उसकी बातों और दस्तावेजों पर उन्हें भरोसा हो गया था. लेकिन जब जॉइनिंग लेटर को ध्यान से देखा तो उसमें कई जगह वर्तनी और अन्य त्रुटियां दिखाई दीं. इसी के बाद छात्रों को शक हुआ कि उनके साथ धोखाधड़ी की गई है.
मामले की जानकारी मिलने के बाद पीड़ितों ने एमपी नगर थाने में शिकायत दर्ज कराई. शिकायत के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू की और आरोपी तक पहुंचने में सफलता हासिल की. पुलिस ने कार्रवाई करते हुए ऋषि कुमार यादव को गिरफ्तार कर लिया.
फर्जी आईडी कार्ड और दस्तावेज बरामद
गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने आरोपी के कब्जे से फर्जी IPS पहचान पत्र, कई नकली दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए हैं. इन दस्तावेजों का इस्तेमाल वह लोगों को सरकारी अधिकारी होने का विश्वास दिलाने के लिए करता था.
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी से लगातार पूछताछ की जा रही है. आशंका है कि उसने भोपाल सहित अन्य शहरों में भी लोगों को नौकरी का झांसा देकर ठगा हो सकता है. जांच आगे बढ़ने के साथ ठगी के अन्य मामलों और संभावित पीड़ितों की जानकारी सामने आ सकती है.
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