आईआईटी बॉम्बे में आत्महत्या करने वाले छात्र साहिल वकोडे के पिता और उनकी मां ने मीडिया से बात करते हुए गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने इस मामले में प्रोफेसर सूर्यनारायण दूल्ला की गिरफ्तारी की मांग की है. साहिल के पिता रविंद्र ने कहा कि प्रोफेसर को तुरंत अरेस्ट किया जाए. उन्होंने कहा कि प्रोफेसर दूल्ला ने मेरे बेटे पर जातिगत टिप्पणियां की थीं और इसी को लेकर वह आहत था.
रविंद्र ने कहा कि प्रोफेसर दूल्ला मेरे बेटे से जातिगत भेदभाव किया करते थे. मेरे बेटे ने पहले भी ऐसे भेदभाव वाली बात कही थी, लेकिन मैंने कहा था कि आईआईटी में एडमिशन मिलना मुश्किल होता है. इसलिए किसी तरह से काम चला लो.
उन्होंने प्रोफेसर शिरीष केदारे पर भी जातिगत टिप्पणियां और भेदभाव का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि दूल्ला और केदारे दोनों को अरेस्ट किया जाए.
प्रोफेसर दूल्ला को आईआईटी बॉम्बे की डीन की जिम्मेदारियों से मुक्त किया
साहिल वकोडे की आत्महत्या के बाद प्रोफेसर दूल्ला पर जो आरोप लगे, इसे देखते हुए आईआईटी बॉम्बे ने उन्हें डीन की जिम्मेदारियों से मुक्त कर दिया था. आईआईटी बॉम्बे के फैकल्टी फोरम ने इस बारे में कहा कि उन्हें संस्थान ने सस्पेंड नहीं किया है, बल्कि जांच प्रभावित न हो इसलिए जिम्मेदारियों से मुक्त किया है.
बीते दिन प्रोफेसर दूल्ला के समर्थन में फोरम ने मार्च निकाला था. फोरम ने कहा कि उसे साहिल की मौत का दुख है लेकिन प्रोफेसर दूल्ला अच्छे प्रोफेसर रहे हैं और बच्चों के अधिकार की बातें कर रहे हैं.
वही प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने भी प्रोफेसर सूर्यानारायण दूल्ला को लेकर अपना पक्ष स्पष्ट किया. उन्होंने कहा कि उनकी ओर से कभी भी प्रोफेसर को दोषी मानने या जांच पूरी होने से पहले कोई निष्कर्ष निकालने की कोशिश नहीं की गई. छात्र प्रतिनिधियों ने कहा कि वे प्रोफेसर दूल्ला को अपने शिक्षक समुदाय का हिस्सा मानते हैं और चाहते हैं कि जांच निष्पक्ष तथा स्वतंत्र तरीके से पूरी हो.
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