विज्ञापन

Smart Policing: बदमाशों का काल बनेगा बायोमेट्रिक फिंगरप्रिंट और फुट प्रिंट, एक क्लिक में खुलेगी क्राइम कुंडली

Death Knell Of Criminals: दुर्ग पुलिस ने अपराधों और अपराधियों पर नकेल कसने के लिए आधुनिक तकनीक को इस्तेमाल में लाते हुए क्रिमिनल्स की बायोमीट्रिक फिंगर प्रिंट और फुट प्रिंट का रिकॉर्ड दर्ज करवाई है ताकि अगली बार जेल से छुटने के बाद क्रिमिनल अपराध करें तो उनके फिंगर प्रिंट और फुट प्रिंट के जरिए उनकी आपराधिक कुंडली खंगालने में आसानी हो सके.

Smart Policing: बदमाशों का काल बनेगा बायोमेट्रिक फिंगरप्रिंट और फुट प्रिंट, एक क्लिक में खुलेगी क्राइम कुंडली
DURG POLICE SMART POLICING WILL BECOME DEATH KNELL OF CRIMINALS

Chhattisgarh Police: छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में पुलिस ने बायोमीट्रिक फिंगर प्रिंट और फुट प्रिंट के जरिए अपराधियों का रिकॉर्ड रखने के लिए एक अभियान शुरू किया है. इस प्रक्रिया से अगली बार अपराध करते ही अपराधी की क्राइम कुंडली पलक झपकते ही मिल जाएगी. इस अभियान के तहत दुर्ग पुलिस ने स्मार्ट पुलिसिंग का मुजाहरा करते हुए जिले के 68 खूंखार गुंडा-बदमाशों की उंगलियों और पैरों पर स्कैनिंग करवाई है. 

दुर्ग पुलिस ने अपराधों और अपराधियों पर नकेल कसने के लिए आधुनिक तकनीक को इस्तेमाल में लाते हुए क्रिमिनल्स की बायोमीट्रिक फिंगर प्रिंट और फुट प्रिंट का रिकॉर्ड दर्ज करवाई है ताकि अगली बार जेल से छुटने के बाद क्रिमिनल अपराध करें तो उनके फिंगर प्रिंट और फुट प्रिंट के जरिए उनकी आपराधिक कुंडली खंगालने में आसानी हो सके.

ये भी पढ़ें-'गोद में बिठाता है, कभी कपड़ों में हाथ डालता है', छात्राओं का गंभीर आरोप, पॉक्सो एक्ट में टीचर पर दर्ज हुआ FIR

दुर्ग पुलिस के नए प्रयोग से अपराध करते ही खुलेगी क्रिमिनल्स की कुंडली

रिपोर्ट के मुताबिक दुर्ग पुलिस के नव प्रयोग से अपराध करते ही एक क्लिक में क्रिमिनल्स की कुंडली खुलेगी. दुर्ग पुलिस के मुताबिक स्मार्ट पुलिसिंग से प्रदेश के अपराधियों पर लगाम कसने में बेहद आसानी होगी. अपराधियों की बायोमीट्रिक और फुट फ्रिंट रिकॉर्ड से एक क्लिक में उसका पूरा क्राइम रिकॉर्ड सामने आ जाएगा. यह तकनीक पुलिस को किसी शख्स के अपराध में संलिप्तता को उजागर करने और सबूत जुटाने में भी सहायक होगी. 

68 खूंखार गुंडों-बदमाशों की बायोमेट्रिक फिंगरप्रिंट व फुटप्रिंट दर्ज कराए

गौरतलब है होली के पर्व को शांतिपूर्ण औऱ सौहार्दपूर्ण बनाने के लिए दुर्ग पुलिस ने भिलाई नगर एवं छावनी अनुविभाग क्षेत्र के कुल 68 खूंखार गुंडों और बदमाशों को कंट्रोल रूम सेक्टर-6 तलब करवा कर उन सभी की बायोमेट्रिक फिंगरप्रिंट और फुटप्रिंट दर्ज कराए हैं. इससे अब इन अपराधियों के हर अपराध की डिजिटल फाइल पुलिस के सेंट्रल डेटाबेस में सुरक्षित हो चुकी है.

ये भी पढ़ें-अपने दुधमुंहे बच्चे को बस की सीट पर लावारिस छोड़ गई निर्दयी मां, एक सप्ताह में सामने आए दो ऐसे मामले

Latest and Breaking News on NDTV
होली पर्व के मौके पर दुर्ग पुलिस द्वारा हुड़दंग, मारपीट, नशा तस्करी, नशा सेवन, अवैध गतिविधि या सार्वजनिक शांति भंग नहीं करने गुंडो और बदमाशों को क्राइम नहीं करने की चेतावनी दी है.अधिकारियों ने बदमाशों को चेताया है कि अब उनके पास भागने का रास्ता नहीं है, क्योंकि उनकी उंगलियों और पैरों के छाप हर जगह पुलिस के पास मौजूद होगी.

एक क्लिक में क्रिमिनल्स की पूरी आपराधिक कुंडली खुलकर सामने आ जाएगी

उल्लेखनीय है बायोमीट्रिक फिंगर प्रिंट और फुट फ्रिंट रिकॉर्ड से भविष्य में किए गए क्राइम के सबूत पुलिस आसानी से मिल सकेंगे. अपराधी चाहे कितना भी चालाक क्यों न हो, अब एक क्लिक में उसकी पूरी आपराधिक कुंडली खुलकर सामने आ जाएगी. CSP, भिलाई सत्यप्रकाश तिवारी ने बताया कि यह अपराधी के हर हरकत का ब्यौरा देगा. इससे अपराधी भाग नहीं पाएगा, क्योंकि अब पुलिस की नजर उसकी उंगलियों पर हमेशा रहेगी.

ये भी पढ़ें-लंबी कानूनी लड़ाई के बाद कुर्क हुआ PWD दफ्तर का 1-1 सामान, विभाग ने रोक रखा था कर्मचारी का 40 लाख रुपए वेतन

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com