Drishti Online Platform: मध्य प्रदेश सरकार ने पंचायतों की वित्तीय व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ‘दृष्टि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म' लॉन्च किया है, जिसके जरिए अब पंचायतों का वित्तीय ऑडिट पूरी तरह डिजिटल तरीके से किया जा सकेगा. यह व्यवस्था प्रदेश की 23,011 ग्राम पंचायतों की आय-व्यय संबंधी जानकारी को ऑनलाइन उपलब्ध कराएगी, जिससे ऑडिट प्रक्रिया तेज और आसान होगी. इसके साथ ही पंचायत दर्पण पोर्टल पर पेमेंट गेटवे सुविधा भी शुरू की गई है. इससे नागरिक घर बैठे पंचायत से जुड़े बिलों का भुगतान कर सकेंगे और उन्हें ऑनलाइन रसीद भी मिल जाएगी.
क्या है ‘दृष्टि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म'?
‘दृष्टि' एक डिजिटल ऑडिट प्लेटफॉर्म है जिसे पंचायती राज संचालनालय ने राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) के तकनीकी सहयोग से विकसित किया है. इस प्लेटफॉर्म का उद्देश्य पंचायतों के वित्तीय रिकॉर्ड को ऑनलाइन उपलब्ध कराना है ताकि ऑडिट प्रक्रिया में पारदर्शिता और गति लाई जा सके. अब ऑडिटर को किसी पंचायत में जाकर रिकॉर्ड देखने की आवश्यकता नहीं होगी. वे अपने कार्यालय या घर से ही संबंधित पंचायत की आय, व्यय, भुगतान और वित्तीय दस्तावेजों की जांच कर सकेंगे.
पंचायत ऑडिट व्यवस्था होगी और अधिक पारदर्शी
— Panchayat and Rural Development Department, MP (@minprdd) July 14, 2026
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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 𝐃𝐑𝐀𝐒𝐇𝐓𝐈 सॉफ्टवेयर का शुभारंभ कर पंचायत स्तर पर ऑडिट प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, सरल एवं प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की
साथ ही, दर्पण पोर्टल पर पेमेंट गेटवे सुविधा का भी शुभारंभ किया। pic.twitter.com/rXzofCzKcu
कैसे करेगा काम?
दृष्टि प्लेटफॉर्म पर पंचायतों का वित्तीय डेटा डिजिटल रूप में उपलब्ध रहेगा. ऑडिटर लॉग-इन कर किसी भी पंचायत के आय-व्यय का रिकॉर्ड, भुगतान संबंधी दस्तावेज, वित्तीय लेन-देन, अनुदान की उपयोगिता और विभिन्न योजनाओं पर हुए खर्च की ऑनलाइन जांच कर सकेंगे. इससे ऑडिट की प्रक्रिया पहले की तुलना में काफी तेज और व्यवस्थित हो जाएगी.
पंचायतों को क्या होगा फायदा?
इस प्लेटफॉर्म का सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि ऑडिट रिपोर्ट समय पर तैयार हो सकेगी. अभी कई बार कर्मचारियों की कमी या दस्तावेज जुटाने में देरी के कारण ऑडिट लंबित रह जाता है. नए सिस्टम से ये आसानी होगी:-
- समय की बचत होगी
- रिकॉर्ड सुरक्षित रहेगा
- ऑडिट की गति बढ़ेगी
- वित्तीय गड़बड़ियों पर निगरानी आसान होगी
- जवाबदेही बढ़ेगी
23 हजार पंचायतों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह सिस्टम?
मध्य प्रदेश में 23,011 ग्राम पंचायतें हैं. केंद्रीय वित्त आयोग से मिलने वाले अनुदान के लिए पंचायतों का समयबद्ध ऑडिट जरूरी होता है. ऐसे में इतने बड़े नेटवर्क की निगरानी करना चुनौतीपूर्ण होता है. दृष्टि प्लेटफॉर्म इस चुनौती को कम करेगा और सीमित संसाधनों में भी बड़े स्तर पर ऑडिट संभव बना सकेगा.
पंचायत दर्पण पर पेमेंट गेटवे से क्या बदलेगा?
दृष्टि प्लेटफॉर्म के साथ पंचायत दर्पण पोर्टल पर पेमेंट गेटवे सुविधा भी शुरू की गई है. इस व्यवस्था के तहत:
- पंचायतें ऑनलाइन बिल जनरेट कर सकेंगी
- नागरिक घर बैठे भुगतान कर सकेंगे
- ऑनलाइन रसीद तुरंत मिलेगी
- रिकॉर्ड स्वतः सिस्टम में दर्ज होगा
- कार्यालयों के चक्कर कम लगेंगे
इसका सीधा लाभ ग्रामीण नागरिकों को मिलेगा.
पारदर्शिता और सुशासन पर जोर
नई प्रणाली का मकसद सिर्फ डिजिटल सुविधा देना नहीं है बल्कि पंचायतों के वित्तीय प्रबंधन को अधिक पारदर्शी बनाना भी है. पंचायत मंत्री का कहना है कि यदि सभी पंचायतों का रिकॉर्ड ऑनलाइन और रियल-टाइम उपलब्ध होगा तो अनियमितताओं की संभावना कम होगी और सरकारी धन के उपयोग की निगरानी बेहतर तरीके से हो सकेगी.
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