दतिया उपचुनाव में भाजपा की हार के बाद प्रदेश की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है. पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा के एक सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर कांग्रेस ने उन पर निशाना साधा है. कांग्रेस का दावा है कि दतिया में संगठन से जुड़े अधिकांश पदाधिकारी डॉ. मिश्रा की अनुशंसा पर बनाए गए थे, ऐसे में हार की जिम्मेदारी तय करते समय उन्हें अलग नहीं रखा जा सकता. वहीं डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने अपने पोस्ट के जरिए भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी के साथ किसी भी तरह के मतभेद की अटकलों को खारिज करते हुए एकजुटता का संदेश दिया है.
नरोत्तम मिश्रा के पोस्ट पर कांग्रेस का हमला
कांग्रेस प्रवक्ता डॉ. विक्रम चौधरी ने नरोत्तम मिश्रा के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि दतिया उपचुनाव में हार के बाद जिन लोगों पर कार्रवाई की, उनमें अधिकांश पदाधिकारी नरोत्तम मिश्रा की अनुशंसा से बनाए थे. कांग्रेस ने सवाल उठाया कि जब अन्य लोगों पर कार्रवाई हो सकती है तो नरोत्तम मिश्रा को इससे अलग क्यों रखा गया.
'चौकीदार ही चोर है' कहकर साधा निशाना
कांग्रेस प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि भाजपा केवल छोटे स्तर के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों पर कार्रवाई करती है, जबकि बड़े नेताओं को बचाया जाता है. उन्होंने कहा कि दतिया की हार के लिए जिम्मेदार लोगों की निष्पक्ष समीक्षा होनी चाहिए. इसी दौरान उन्होंने नरोत्तम मिश्रा पर कटाक्ष करते हुए उन्हें ही "जयचंद" बताया.
हार के बाद सोशल मीडिया पर चली चर्चाएं
दतिया उपचुनाव के नतीजे आने के बाद सोशल मीडिया पर भाजपा के भीतर कथित गुटबाजी और नाराजगी को लेकर कई तरह की चर्चाएं सामने आईं. कुछ पोस्ट और संदेशों में नरोत्तम मिश्रा और भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी के रिश्तों को लेकर भी सवाल उठाए गए. इसी के बाद डॉ. मिश्रा ने सार्वजनिक रूप से अपनी बात रखी.
दतिया उपचुनाव में भाजपा की हार के बाद सियासी बयानबाजी तेज हो गई. पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा के सोशल मीडिया पोस्ट पर कांग्रेस ने तीखा पलटवार करते हुए उन्हें ही हार का जिम्मेदार बताया. कांग्रेस प्रवक्ता डॉ. विक्रम चौधरी ने भाजपा की कार्रवाई और संगठनात्मक फैसलों पर सवाल उठाए हैं.
नरोत्तम मिश्रा ने बताया भ्रामक प्रचार
डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने सोशल मीडिया पर जारी अपने संदेश में कहा कि उनके और भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी को लेकर फैलाई जा रही बातें पूरी तरह भ्रामक और असत्य हैं. उन्होंने कहा कि दोनों के बीच किसी प्रकार का मतभेद नहीं है और इस तरह की चर्चाओं का वास्तविकता से कोई संबंध नहीं है.
आशुतोष तिवारी को बताया परिवार का सदस्य
नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि आशुतोष तिवारी उनके अनुज जैसे हैं और उनके बीच करीब 25 वर्षों का पारिवारिक रिश्ता है. उन्होंने कहा कि उनके मन में आशुतोष तिवारी के प्रति हमेशा स्नेह और आत्मीयता रही है. चुनाव परिणाम के बाद भी दोनों की मुलाकात पहले की तरह ही आत्मीय माहौल में हुई.
'कर्मठ और समर्पित कार्यकर्ता हैं आशुतोष'
अपने संदेश में नरोत्तम मिश्रा ने आशुतोष तिवारी को भाजपा का कर्मठ, समर्पित और मेहनती कार्यकर्ता बताया. उन्होंने कहा कि वर्षों से उन्होंने आशुतोष की कार्यशैली को करीब से देखा है और उन्हें भरोसा है कि वे संगठन और जनता की अपेक्षाओं पर खरे उतरेंगे. उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव परिणाम के बाद आशुतोष तिवारी ने किसी पर व्यक्तिगत आरोप नहीं लगाया, जो उनके सकारात्मक स्वभाव को दर्शाता है.
कार्यकर्ताओं से एकजुट रहने की अपील
डॉ. मिश्रा ने अपने समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे ऐसा कोई बयान या आचरण न करें, जिससे संगठन या भाजपा प्रत्याशी को नुकसान पहुंचे. उन्होंने कहा कि भाजपा की ताकत उसकी एकजुटता, अनुशासन और संस्कार हैं, इसलिए सभी कार्यकर्ताओं को इन्हें बनाए रखना चाहिए.
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