छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य में बिजली भुगतान व्यवस्था से लेकर जीएसटी कानून, उद्योग, निवेश और शिक्षा क्षेत्र से जुड़े कई बड़े फैसलों को मंजूरी दी है. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंत्रालय महानदी भवन में हुई कैबिनेट बैठक में ऐसे निर्णय लिए, जिनका असर आम लोगों, कारोबारियों, निवेशकों, छात्रों और सरकारी व्यवस्था पर पड़ने वाला है.
कैबिनेट ने बिजली भुगतान की नई व्यवस्था लागू करने, जीएसटी कानून में संशोधन, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा देने, निजी विश्वविद्यालयों के नियमों में बदलाव और नवा रायपुर में वन टाइम सेटलमेंट योजना समेत कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी.
1. बिजली भुगतान की नई व्यवस्था को मंजूरी
कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी द्वारा केंद्रीय बिजली उपक्रमों से खरीदी जाने वाली बिजली के भुगतान के लिए नई व्यवस्था लागू करने का फैसला लिया है. अब पुराने त्रिपक्षीय समझौते की जगह भारतीय रिजर्व बैंक के दिशा-निर्देशों के अनुसार डायरेक्ट डेबिट मैंडेट (DDM) व्यवस्था लागू होगी. सरकार का कहना है कि इससे एनटीपीसी समेत अन्य केंद्रीय कंपनियों से बिजली आपूर्ति लगातार बनी रहेगी और भुगतान व्यवस्था अधिक सुरक्षित और पारदर्शी होगी.
2. बस्तर फाइटर्स के नियमों में संशोधन
कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ पुलिस विशेष कार्यपालिक बल यानी बस्तर फाइटर्स से जुड़े भर्ती और सेवा शर्तों के नियमों में संशोधन को मंजूरी दी है. सरकार का मानना है कि इससे बल के संचालन और प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा.
3. निजी विश्वविद्यालयों के लिए नए प्रावधान
बैठक में छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय (स्थापना एवं संचालन) संशोधन विधेयक 2026 के प्रारूप को भी मंजूरी दी गई. नए प्रावधानों के तहत निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना और संचालन को अधिक व्यावहारिक और गुणवत्ता आधारित बनाया जाएगा. छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए रक्षित निधि का प्रावधान किया है, वहीं आधारभूत सुविधाओं, पुस्तकालय और अन्य व्यवस्थाओं को यूजीसी के मानकों के अनुरूप सुनिश्चित करने पर जोर दिया है.
4. वैट अधिकरण खत्म करने का फैसला
कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ मूल्य संवर्धित कर (वैट) संशोधन विधेयक को मंजूरी दी है. इसके तहत वाणिज्यिक कर अधिकरण को समाप्त किया जाएगा. सरकार का कहना है कि जीएसटी लागू होने के बाद वैट मामलों में अपीलों की संख्या काफी कम हो गई है. अब लंबित मामलों को राजस्व मंडल को स्थानांतरित किया जाएगा, जिससे मामलों के निपटारे में तेजी आएगी.
5. जीएसटी कानून में बदलाव
राज्य सरकार ने जीएसटी कानून को सरल और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ माल एवं सेवा कर (संशोधन) विधेयक 2026 को भी मंजूरी दी है. इस बदलाव से करदाताओं, विशेषकर निर्यातकों और उद्योगों को रिफंड प्रक्रिया में राहत मिलेगी. सरकार का दावा है कि इससे कर प्रशासन बेहतर होगा और राजस्व संग्रहण भी बढ़ेगा.
6. निवेश और उद्योग को मिलेगा बढ़ावा
कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन संशोधन विधेयक 2026 को मंजूरी दी है. इसका उद्देश्य राज्य में निवेश को आकर्षित करना और उद्योगों के लिए बेहतर माहौल तैयार करना है. सरकार का मानना है कि नए प्रावधानों से निवेश प्रक्रिया अधिक पारदर्शी होगी और औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी.
7. ईज ऑफ डूइंग बिजनेस पर बड़ा कदम
राज्य सरकार ने छत्तीसगढ़ ईज ऑफ डूइंग बिजनेस (विनिमय-मुक्ति एवं सुविधा) विधेयक 2026 के प्रारूप को भी मंजूरी दी है. इसमें डीम्ड परमिशन, स्व-प्रमाणीकरण, थर्ड पार्टी सत्यापन और जोखिम आधारित निरीक्षण जैसे प्रावधान शामिल किए हैं. सरकार का दावा है कि ऐसा कानून लागू करने वाला छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य होगा. इससे उद्योग स्थापित करने की प्रक्रिया आसान होगी और निवेशकों को राहत मिलेगी.
8. नवा रायपुर के लिए OTS योजना
कैबिनेट ने नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण की वन टाइम सेटलमेंट (OTS) योजना 2026 को भी मंजूरी दी है. इस योजना के तहत भूखंड और भवन आवंटित लोगों को बकाया राशि और ब्याज में राहत मिलेगी. सरकार को उम्मीद है कि इससे लंबित परियोजनाओं को पूरा करने में मदद मिलेगी और निवेश गतिविधियां बढ़ेंगी.
9. पर्यावरण कानून में संशोधन का प्रस्ताव
कैबिनेट ने जल प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण संशोधन अधिनियम 2024 को राज्य में लागू करने के लिए विधानसभा में प्रस्ताव लाने की मंजूरी दी है. इसके तहत छोटे उल्लंघनों को आपराधिक अपराध की श्रेणी से हटाकर आर्थिक दंड के दायरे में लाने का प्रावधान किया गया है. सरकार का कहना है कि इससे पर्यावरण संरक्षण और उद्योगों के बीच बेहतर संतुलन बनेगा.
10. किरायेदारी कानून में बदलाव
छत्तीसगढ़ भाड़ा नियंत्रण अधिनियम 2011 में संशोधन को भी मंजूरी दी है. नए प्रावधानों का उद्देश्य खाली मकानों को किराए पर देने को बढ़ावा देना और मकान मालिक तथा किरायेदारों के बीच होने वाले विवादों का तेजी से समाधान करना है. इसमें दोनों पक्षों के अधिकार और जिम्मेदारियां स्पष्ट की गई हैं.
11. राजनांदगांव में बनेगा आधुनिक ऑडिटोरियम
कैबिनेट ने राजनांदगांव में 2000 लोगों की क्षमता वाले आधुनिक ऑडिटोरियम के निर्माण के लिए शासकीय भूमि आवंटित करने का फैसला भी लिया है. सरकार का मानना है कि इससे सांस्कृतिक, शैक्षणिक और सामाजिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा तथा जिले को आधुनिक सुविधाओं से युक्त एक नया मंच मिलेगा.
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