Cabinet Decisions Chhattisgarh: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित छत्तीसगढ़ मंत्रिपरिषद की बैठक में जनकल्याण, कृषि, परिवहन, ऊर्जा और खनन क्षेत्र से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसलों पर मुहर लगाई गई. डिप्टी सीएम अरुण साव कैबिनेट मीटिंग की जानकारी देते हुए कहा कि कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड को आईपीओ के जरिए स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध करने को सैद्धांतिक मंजूरी दी. वहीं खरीफ 2026 से किसानों को फसल विविधीकरण के लिए प्रति एकड़ 15 हजार रुपये की सहायता देने का निर्णय लिया गया. इसके अलावा प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना, योग विभाग के पुनर्गठन, सार्वजनिक वितरण प्रणाली, नवा रायपुर विकास और खनिज परिवहन में पारदर्शिता बढ़ाने जैसे कई अहम फैसले लिए गए. सरकार ने इन निर्णयों को राज्य के दीर्घकालिक विकास और आर्थिक मजबूती की दिशा में बड़ा कदम बताया है.
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद की बैठक
— CMO Chhattisgarh (@ChhattisgarhCMO) June 9, 2026
📍मंत्रालय, महानदी भवन, नवा रायपुर pic.twitter.com/lCOJTUgZ1Q
पावर ट्रांसमिशन कंपनी के IPO को मंजूरी
अरुण साव ने बताया कि कैबिनेट बैठक में छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड को आईपीओ (IPO) के माध्यम से स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध करने की सैद्धांतिक सहमति दी गई. सरकार का मानना है कि इस फैसले से आम नागरिकों और निवेशकों को कंपनी की विकास यात्रा में भागीदार बनने का अवसर मिलेगा. इसके अलावा कंपनी की वित्तीय क्षमता, पारदर्शिता और निवेश संभावनाओं को भी मजबूती मिलने की उम्मीद जताई गई है. कैबिनेट ने आगे की सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी करने के लिए कंपनी के संचालक मंडल को अधिकृत कर दिया है.
किसानों के लिए “कृषक उन्नति योजना” का नया स्वरूप
मंत्रिपरिषद ने खरीफ 2026 से कृषक उन्नति योजना के नए स्वरूप को मंजूरी दी है. सरकार का उद्देश्य धान पर अत्यधिक निर्भरता कम करना, फसल विविधीकरण को बढ़ावा देना और किसानों की आय में वृद्धि करना है. योजना के तहत धान की जगह अन्य खरीफ फसलें लगाने वाले किसानों को प्रति एकड़ 15 हजार रुपये की आदान सहायता दी जाएगी. दलहन, तिलहन, मक्का, कोदो, कुटकी, रागी और कपास की खेती करने वाले किसान भी इस योजना का लाभ ले सकेंगे.
डिजिटल प्रणाली से मिलेगा योजना का लाभ
सरकार ने स्पष्ट किया है कि योजना का लाभ एकीकृत किसान पोर्टल, एग्रीस्टेक पंजीयन और डिजिटल क्रॉप सर्वे के आधार पर दिया जाएगा. इससे पात्र किसानों की पहचान और पारदर्शी तरीके से सहायता वितरण सुनिश्चित किया जा सकेगा. सरकार का मानना है कि यह कदम जल संरक्षण और टिकाऊ कृषि को भी बढ़ावा देगा.
राशन वितरण के लिए चना खरीदी को मंजूरी
कैबिनेट ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 में चना वितरण जारी रखने के लिए आवश्यक खरीदी की अनुमति दी. निर्णय के अनुसार, छत्तीसगढ़ राज्य नागरिक आपूर्ति निगम को NeML ई-ऑक्शन प्लेटफॉर्म के माध्यम से अधिकतम 0.25 प्रतिशत सर्विस चार्ज पर चना खरीदने की मंजूरी दी गई है. इसके साथ ही अप्रैल से जून 2026 तक वर्तमान व्यवस्था को तीन माह बढ़ाने का अनुमोदन भी दिया गया. सरकार का कहना है कि इससे राशन हितग्राहियों को खाद्य एवं पोषण सुरक्षा योजनाओं का लाभ लगातार मिलता रहेगा.
योग अब चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधीन
कैबिनेट ने योग विषय को समाज कल्याण विभाग से हटाकर चिकित्सा शिक्षा विभाग के अंतर्गत लाने का निर्णय लिया है. सरकार का मानना है कि योग, आयुष प्रणाली का अभिन्न हिस्सा है और इसे चिकित्सा एवं स्वास्थ्य व्यवस्था से जोड़ना अधिक व्यावहारिक होगा. इस बदलाव से योग शिक्षा, प्रशिक्षण और अनुसंधान गतिविधियों के बेहतर समन्वय की उम्मीद जताई गई है.
ई-बस सेवा योजना को मिली रफ्तार
प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के तहत पेमेंट सिक्योरिटी मैकेनिज्म (PSM) स्कीम में डायरेक्ट डेबिट मैंडेट (DDM) की मंजूरी भी कैबिनेट ने दी. इस फैसले से रायपुर, दुर्ग-भिलाई, बिलासपुर और कोरबा में कुल 240 इलेक्ट्रिक बसों के संचालन का रास्ता साफ हो गया है. सरकार के अनुसार इससे शहरी क्षेत्रों में प्रदूषण कम होगा और लोगों को आधुनिक व किफायती सार्वजनिक परिवहन सुविधा मिलेगी.
नवा रायपुर में स्टाम्प ड्यूटी छूट की अवधि बढ़ी
मंत्रिपरिषद ने नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण को भूमि खरीद पर दी जा रही स्टाम्प ड्यूटी छूट की अवधि 31 मार्च 2028 तक बढ़ाने का फैसला किया. सरकार का कहना है कि इससे भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया को तेजी मिलेगी और नवा रायपुर में अधोसंरचना विकास को मजबूती मिलेगी.
खनिज नियमों में बड़ा बदलाव
कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ खनिज (खनन, परिवहन और भंडारण) नियम 2009 में संशोधन को मंजूरी दी. अब खनिज परिवहन करने वाले वाहनों में RFID टैग और वाहन ट्रैकिंग सिस्टम अनिवार्य किया जाएगा. इसके अलावा खनिजों के ग्रेड निर्धारण और मात्रा आकलन के लिए आधुनिक तकनीक आधारित व्यवस्था लागू होगी.
अवैध खनन पर लगेगी रोक
सरकार का कहना है कि नए नियमों से अवैध खनन, परिवहन और भंडारण पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकेगा. साथ ही भंडारण शुल्क और सिक्योरिटी डिपॉजिट में भी वृद्धि की गई है. ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के तहत लाइसेंस धारकों को अतिरिक्त जमीन स्वीकृति और दो भंडारण लाइसेंसों को एकीकृत करने की सुविधा भी दी जाएगी.
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