8th Pay Commission Fitment Factor: सरकारी कर्मचारियों और पेंशन पाने वालों के बीच आजकल फिटमेंट फैक्टर को लेकर खूब चर्चा है.यही वह मल्टीप्लायर है, जिसके आधार पर केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स की बेसिक सैलरी और पेंशन को रिवाइज किया जाता है.फिलहाल 8वां वेतन आयोग अलग अलग शहरों में बैठक करके कर्मचारियों, पेंशनर्स और दूसरे पक्षों से राय ले रहा है. जानकारों का कहना है कि अगर महंगाई काबू में रही, तो यह बढ़कर 2.86 हो सकता है. ऐसे में सबसे बडा सवाल यही है कि आखिर फिटमेंट फैक्टर कितना हो सकता है और अगर यह 2.86 तक पहुंचता है, तो सैलरी कितनी बढ़ सकती है.
क्या होता है फिटमेंट फैक्टर?
फिटमेंट फैक्टर एक ऐसा मल्टीप्लायर है, जिससे कर्मचारियों की मौजूदा बेसिक सैलरी को नई बेसिक सैलरी में बदला जाता है. यानी जितना ज्यादा फिटमेंट फैक्टर होगा, उतनी ही ज्यादा बेसिक सैलरी और उसी के साथ कई भत्तों में भी बढ़ोतरी होगी. हालांकि कर्मचारियों के हाथ में आने वाली कुल सैलरी केवल फिटमेंट फैक्टर से तय नहीं होती. इसमें महंगाई भत्ता, HRA, ट्रांसपोर्ट अलाउंस, दूसरे भत्ते, कटौती, प्रमोशन और सालाना इंक्रीमेंट का भी असर होता है.
2.28 से 2.86 के बीच रह सकता है फिटमेंट फैक्टर
BankBazaar के CEO आदिल शेट्टी के अनुसार, फिलहाल अनुमान है कि 8वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 2.28 से 2.86 के बीच हो सकता है. अगर महंगाई काबू में रहती है और सरकार की आर्थिक स्थिति अनुकूल रहती है, तो यह 2.86 तक पहुंच सकता है.हालांकि, ये सिर्फ एक अनुमान है.इसको लेकर अंतिम फैसला महंगाई, कर्मचारी संगठनों के साथ बातचीत और सरकार के फैसले के बाद ही होगा.

7वें वेतन आयोग में कितना था फिटमेंट फैक्टर?
6वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 1.86 था. इसके बाद 7वें वेतन आयोग में इसे बढ़ाकर 2.57 किया गया था. उसी के आधार पर कर्मचारियों की न्यूनतम बेसिक सैलरी 7,000 रुपये से बढ़कर 18,000 रुपये हो गई थी. अब कर्मचारी संगठन चाहते हैं कि इस बार फिटमेंट फैक्टर इससे ज्यादा रखा जाए, ताकि खासकर निचले लेवल के कर्मचारियों को बेहतर बढ़ोतरी मिल सके.
कोलकाता में 8वें वेतन आयोग की होगी बड़ी बैठक
8वां वेतन आयोग अभी अलग-अलग शहरों में बैठकें कर रहा है. 6 और 7 जुलाई को भुवनेश्वर में कर्मचारियों, पेंशनर्स और दूसरे पक्षों के साथ चर्चा हुई. अब 9 और 10 जुलाई को कोलकाता में बैठक होगी. इसके बाद भी कई शहरों में चर्चा का दौर जारी रहेगा. आयोग अपनी अंतिम रिपोर्ट साल 2027 के बीच तक सरकार को सौंप सकता है.
कब लागू हो सकता है 8वां वेतन आयोग?
सरकार ने अभी तक लागू होने की तारीख का ऐलान नहीं किया है. नवंबर 2025 में आयोग को 18 महीने के भीतर रिपोर्ट देने की जिम्मेदारी दी गई थी. ऐसे में रिपोर्ट मई 2027 से पहले आने की संभावना कम है. इसके बाद मंत्रियों का समूह और कैबिनेट रिपोर्ट पर फैसला करेंगे. अगर सब कुछ समय पर हुआ तो अगस्त या सितंबर 2027 के आसपास इसे लागू किया जा सकता है. ऐसे में कर्मचारियों को करीब 20 से 21 महीने का एरियर भी मिल सकता है. हालांकि अंतिम फैसला सरकार के ऐलान के बाद ही साफ होगा.
1 करोड़ से ज्यादा लोगों को मिलेगा फायदा
8वें वेतन आयोग की सिफारिशों का फायदा 1 करोड़ से ज्यादा लोगों को मिलने की उम्मीद है. इसमें करीब 50 लाख केंद्रीय कर्मचारी और लगभग 65 लाख पेंशनर्स शामिल हैं.
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