- भोपाल पुलिस में पिछले 10 दिनों की कार्रवाई से साफ है कि अपराधियों से ज्यादा वर्दी वाले निशाने पर हैं.
- कुल मिलाकर 3 थाना प्रभारी + 2 आरक्षक पर संगीन आरोपों में एक्शन.
- मामला इतना बढ़ा कि पुलिस मुख्यालय ने रिपोर्ट मांगी, अधिकारियों के हाथ-पैर फूले.
इन दिनों अपराधियों पर कार्रवाई कम, लेकिन वर्दी पर दाग ज्यादा लग रहे हैं. हालात इतने ज्यादा खराब हैं कि पिछले दस दिन के अंदर संगीन आरोपों के चलते भोपाल में कई पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई हुई है. अब पुलिस कमिश्नर खुद हेल्पलाइन नंबर जारी कर पुलिसकर्मियों और अधिकरियों के खिलाफ शिकायत सुन रहे हैं.
दरअसल, पुलिस आयुक्त ने 7587648330 नंबर आम लोगों की शिकायतें सुनने के लिए जारी किया था, लेकिन अब हालात यह हो गए हैं कि पुलिसकर्मी और अधिकारियों के खिलाफ इस नंबर पर शिकायत आना शुरू हो गई. अब कमिश्नर संजय कुमार इस नंबर पर अपनों के खिलाफ भी शिकायत सुन रहे हैं.
इस नंबर पर उनके पास कई चौंकाने वाली शिकायतें आईं, जिसके आधार पर उन्होंने पुलिस कर्मियों से लेकर थाना प्रभारियों तक को लाइन अटैच कर दिया. इसके अलावा निलंबन तक की कार्रवाई की जा चुकी है.
10 दिनों में कई पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई
बता दें कि पिछले दस दिनों में तीन थाना प्रभारियों पर भ्रष्टाचार, महिलाओं से शारीरिक शोषण के मामले में कार्रवाई हुई है तो वहीं, किसी पर एक ही गवाह को 20 मामले में गवाह बनाने के लिए अपनी कुर्सी से हाथ धोना पड़ा है. अब शिकायतें इतनी आ रहीं है कि थमने का नाम नहीं ले रही हैं.
पुलिस मुख्यालय ने भी मांगी रिपोर्ट
वर्दी के दागी होने पर भोपाल पुलिस कमिश्नर परेशान हैं. यही नहीं, पूरे मामले को लेकर पुलिस मुख्यालय तक ने रिपोर्ट मांग रखी है, जिसके बाद अधिकारियों के हाथ पैर फूले हुए हैं. अधिकारियों को समझ नहीं आ रहा कि वो रोजाना आ रहे पुलिस अधिकारियों के खिलाफ संगीन मामलों से कैसे निपटें.
पीड़ित अजय पाटीदार ने बताया कि हमने कई स्तर पर आरक्षकों और थाना प्रभारी की शिकायत की है. 26 वर्षों में एक आरक्षक थाना प्रभारी बन गया और उसने फर्जी गवाह बनाकर लोगों को अलग-अलग मामलों में फंसाया. फिर उसे कमिश्नर ने पद से हटाया गया.
इन पुलिसकर्मियों पर हुई कार्रवाई
भोपाल के कोहेफिजा थाना प्रभारी पर वसूली के मामले में कार्रवाई हो चुकी है, जबकि अरेरा हिल्स थाना प्रभारी के खिलाफ महिला से अवैध संबंध मामले में हुई है. मिसरोद थाना प्रभारी फर्जी गवाह बनाने के मामले में नप चुके हैं. इनके अलावा दो आरक्षकों (कॉन्स्टेबल) पर महिला से दुष्कर्म मामले में एक्शन लिया गया है. इसके अलावा कई मामलों में जांच जारी हैं, जिन पर कमिश्नर की भी निगाह है.
क्या बोले पुलिस आयुक्त
पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने बताया कि हम ने जो नंबर आम लोगों की शिकायत सुनने के लिए जारी किया था, उस पर हम पुलिस कर्मियों की भी शिकायत सुन रहे हैं. जितने भी पुलिस कर्मियों और अधिकारियों के खिलाफ हमें शिकायतें आएंगी, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. इसके अलावा शिकायत करने वाले का नाम गुप्त रखेंगे.
- अरेरा हिल्स थाना प्रभारी सुनील शर्मा और आरक्षक नंदकिशोर को एक युवक की पत्नी से अनैतिक संबंध और पद के दुरुपयोग के आरोपों की शिकायत पर निलंबित कर दिया गया.
- भोपाल के कोहेफिजा थाना प्रभारी केजी शुक्ला पर कथित मासिक वसूली के आरोप में लाइन अटैच कर दिया गया.
- कोहेफिजा थाने के आरक्षक यशपाल तोमर और एफआरवी के एक ड्राइवर को रिश्वत लेते हुए ट्रैप किया गया।
- मिसरोद थाना प्रभारी रतन सिंह परिहार पर एक ही व्यक्ति को गवाह बनाकर कई लोगों को फसाने के आरोप में लाइन अटैच किया गया.
- जहांगीराबाद में बर्थडे पार्टी के बहाने पूर्व सहकर्मी की नाबालिग बेटी से आरक्षक संतोष सेन जितेंद्र ने किया दुष्कर्म, दोनों को गिरफ्तार.
रिटायर्ड पुलिस अधिकारी सलीम खान ने बताया कि पुलिसकर्मी भी एक सामान्य इंसान की तरह होते हैं, जो समाज में घट रहा है वो पुलिस के बीच हो रहा होता है. ये एक अच्छी शुरुआत है, इससे सिस्टम में सुधार आयेगा और एक डर पैदा होगा.
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