- पहलगाम आतंकी हमले के तुरंत बाद प्रधानमंत्री मोदी ने एयरपोर्ट पर ही मीटिंग की थी.
- अजीत डोभाल ने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर की योजना एयरपोर्ट पर ही बनाई गई और 88 घंटे तक यह अभियान चला था.
- ऑपरेशन में आतंकियों के साथ-साथ उन्हें पनाह देने वाले पूरे इंफ्रास्ट्रक्चर को भी निशाना बनाया गया था.
पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने 'ऑपरेशन सिंदूर' चलाया था. लेकिन इसकी प्लानिंग कैसे बनी थी. हमले के बाद विदेश यात्रा से तुरंत लौटे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहला सवाल क्या किया था. इस पर राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने पहली बार विस्तार से जानकारी दी है. उन्होंने बताया कि एयरपोर्ट पर ही इसकी प्लानिंग बन गई थी. एनएसए डोभाल के मुताबिक कैसे 88 घंटे तक चले इस ऑपरेशन के पीछे भारत की रणनीतिक सोच क्या थी और किस तरह यह प्लान हुआ था. जिसके बाद भारत ने पहलगाम हमले के बाद बड़ी कार्रवाई की थी.
पीएम मोदी ने अजीत डोभाल से पहला सवाल क्या किया था
अजीत डोभाल ने बताया 'पहलगाम हमले के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तुरंत सऊदी अरब का दौरा छोड़कर भारत लौट आए थे. उन्होंने एयरपोर्ट पर ही पहली मीटिंग की थी. पीएम ने अजीत डोभाल से पहला सवाल किया कि यह 'यह किसने किया है? इसके लिए कौन जिम्मेदार है? मुझे यह जानकारी तुरंत चाहिए. वह सारे फैक् जानना चाहते थे.'
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हम उन्हें नहीं छोड़ेंगे: अजीत डोभाल
अजीत डोभाल ने पीएम मोदी को जवाब देते हुए कहा 'हम उनके पीछे जाएंगे. जमीन में हो, आसमान में हो, पाताल में हो, वो लोग जहां भी हैं, हम उन्हें माफ नहीं करेंगे. डोभाल ने कहा कि हम उन्हें नहीं छोड़ेंगे. हमारी इंटेलिजेंस एजेंसियों ने बहुत अच्छा काम किया और बहुत कम समय में हमने हमलावरों की पहचान की थी. इसके बाद शुरू हुआ 'ऑपरेशन सिंदूर' भारत ने पहले ही दिन तय कर लिया था कि निशाना सिर्फ आतंकी ही नहीं, बल्कि उन्हें पनाह देने वाला पूरा इंफ्रास्ट्रक्चर होगा जिसे तबाह किया जाएगा. इसी के बाद सही तरीके से पूरी कार्रवाई को अंजाम दिया गया था. अजीत डोभाल ने यह जानकारी टाइम्स ऑफ इंडिया को दिए इंटरव्यू में दी है.
'हमारी सहनशीलता को कमजोरी समझने की भूल न करें'
ऑपरेशन सिंदूर में हमले से जुड़े सभी प्रमुख आतंकी कैंपों को चिन्हित कर ध्वस्त किया गया. ऑपरेशन सिंदूर ने दुनिया के सामने भारत की आधुनिक सैन्य तकनीक और खुफिया तंत्र का लोहा मनवाया, जबकि पाकिस्तान को यह स्पष्ट कर दिया गया कि आतंकवाद को शह देना या उस पर चुप्पी साधे रखना अब उसकी भारी भूल साबित होगी. अजीत डोभाल ने बताया कि इस बात पर जोर दिया कि पहलगाम के आतंकियों ने भारत के सहनशीलता की सीमा को लांघ दिया था. डोभाल ने कड़े शब्दों में दुनिया और दुश्मनों को चेतावनी देते हुए कहा एक बार जब बात देश की संप्रभुता पर आती है, तो भारत के लिए कोई सीमा रेखा नहीं रह जाती. हम खून की आखिरी बूंद तक लड़ते हैं. भारत की उदारता और संयम को कभी भी हमारी कमजोरी मानने की भूल नहीं की जानी चाहिए.'
भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के जरिए बड़ा संदेश दिया था. अजीत डोभाल ने पहली बार इसकी जानकारी विस्तार से दी है. जहां भारत और पाकिस्तान के बीच 88 घंटे संघर्ष चला था.
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