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भोपाल में 'काली ईद'; खामेनेई की मौत पर शिया समुदाय का विरोध, काली पट्टियां और गम के बीच अदा की गई नमाज

Eid al-Fitr Bhopal: भोपाल में ईद-उल-फितर पर शिया समुदाय ने ‘काली ईद’ मनाई. खामेनेई की मौत से गम, नमाज के बाद विरोध और नारे.

भोपाल में 'काली ईद'; खामेनेई की मौत पर शिया समुदाय का विरोध, काली पट्टियां और गम के बीच अदा की गई नमाज
Eid 2026: भोपाल की फतेहगढ़ मस्जिद में काली पट्टियों के साथ ईद की नमाज

Bhopal Eid ki Namaz: ईद-उल-फितर (Eid ul-Fitr) के मौके पर भोपाल (Bhopal Eid) में शिया समुदाय (Shia Community) ने गम और आक्रोश के माहौल में नमाज अदा की. ईरान पर हुए हमले (Iran Attack) और धार्मिक नेता अयातुल्ला खामेनेई (Ali Khamenei) की मौत की खबर से शिया समुदाय में गहरा दुख और नाराजगी देखने को मिली. इसी कारण इस बार ईद (Eid Ki Namaz) की खुशियों पर मातम का साया नजर आया और समुदाय ने इसे ‘काली ईद' के तौर पर मनाया.

Eid 2026: भोपाल में काली ईद

Eid 2026: भोपाल में 'काली ईद'

काली पट्टियों और पुराने कपड़ों में ईद की नमाज

भोपाल की फतेहगढ़ मस्जिद में शिया समुदाय के लोग काली पट्टियां बांधे और सादे व पुराने कपड़े पहनकर नमाज में शामिल हुए. नमाज के दौरान और उसके बाद लोगों के चेहरों पर दुख, रंज और आक्रोश साफ दिखाई दिया. बच्चों तक ने काली पट्टियां पहनकर विरोध जताया. समुदाय के लोगों का कहना था कि उनके “सुप्रीम लीडर” की मौत ने ईद की खुशियों को गम में बदल दिया है.

नमाज के बाद लगाए विरोध के नारे

नमाज के बाद खुतबे के दौरान मस्जिद परिसर में अमेरिका और इजरायल के विरोध में नारे लगाए गए. शिया समुदाय ने आरोप लगाया कि इस्लाम विरोधी ताकतों की वजह से उनके धार्मिक नेता को जान गंवानी पड़ी. इस पूरे घटनाक्रम में शांति व्यवस्था बनी रही, लेकिन आक्रोश खुलकर सामने आया.

मध्य प्रदेश में शिया आबादी और मौजूदगी

मध्य प्रदेश में शिया समुदाय की आबादी लगभग 10 हजार बताई जाती है. इसमें से करीब 4 हजार लोग भोपाल में रहते हैं. इसके अलावा इंदौर, रतलाम, सारंगपुर और बुरहानपुर जैसे इलाकों में भी शिया समुदाय की उल्लेखनीय उपस्थिति है.

जम्मू में भी सादगी से मनाई गई ईद

ईरान से जुड़ी घटनाओं का असर जम्मू तक देखने को मिला. जम्मू प्रांत शिया फेडरेशन के अध्यक्ष आशक हुसैन खान ने बताया कि अयातुल्ला खामेनेई की मौत के कारण इस साल ईद सादगी और संयम के साथ मनाई जा रही है. उन्होंने कहा कि समुदाय की आंखें आंसुओं से भरी हैं और दिल दुखी है, इसलिए उत्सव की जगह शांति और दुआ को प्राथमिकता दी गई.

शांति और विश्व कल्याण के लिए दुआ

इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया (ईदगाह) के अध्यक्ष मौलाना खालिद रशीद फिरंगी महली ने बताया कि सुबह 10 बजे ईद की नमाज अदा की गई, जिसमें देश की प्रगति और विश्व शांति के लिए विशेष दुआएं मांगी गईं. उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात में अमन और भाईचारा सबसे बड़ी जरूरत है.

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