Bhopal Beef Case: भोपाल में गौमांस मिलने के मामले ने सियासी और प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा दी है. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस कमिश्नर हरिनारायण चारी मिश्र ने विशेष जांच दल (SIT) के गठन का ऐलान किया है. यह टीम पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच करेगी. शुरुआती जांच के बाद अब केस की दोबारा और गहराई से पड़ताल की जा रही है, जिससे आने वाले दिनों में कई नए खुलासे होने की संभावना है.
ACP स्तर के अधिकारी करेंगे लीड
पुलिस कमिश्नर ने साफ किया है कि इस संवेदनशील मामले की जांच SIT को सौंपी गई है. जांच की कमान ACP स्तर के अधिकारी को दी गई है. SIT में दो थाना प्रभारी भी शामिल हैं, जो सभी पहलुओं की बारीकी से जांच कर रहे हैं. पुलिस का कहना है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी आधार पर सख्त कार्रवाई की जाएगी.
CTV फुटेज खंगाले जा रही टीम
SIT ने मामले की शुरुआत से दोबारा जांच शुरू कर दी है. घटनास्थल और आसपास लगे CCTV कैमरों की गहन जांच की जा रही है, ताकि मांस की आवाजाही और इसमें शामिल लोगों की सही जानकारी सामने आ सके. तकनीकी साक्ष्यों को भी खंगाला जा रहा है.
जांच के दौरान भोपाल नगर निगम के स्लॉटरहाउस से जुड़े कर्मचारियों और मांस की पैकेजिंग में शामिल लोगों पर भी शक गहराया है. SIT यह पता लगाने में जुटी है कि प्रतिबंधित मांस कहां से आया और किन लोगों की मिलीभगत से इसकी सप्लाई हुई.
असलम कुरैशी से पूछताछ होगी
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, अगर जांच में जरूरत पड़ी तो असलम कुरैशी उर्फ असलम चमड़ा से रिमांड पर पूछताछ भी की जा सकती है. फिलहाल उससे जुड़े सभी दस्तावेजों और पुराने रिकॉर्ड की जांच की जा रही है. SIT तकनीकी, फॉरेंसिक और दस्तावेजी साक्ष्यों को जोड़कर मामले की कड़ियों को समझने की कोशिश कर रही है. जांच में नए नाम सामने आने की संभावना जताई जा रही है, जिससे आरोपियों की संख्या बढ़ सकती है.
स्लॉटरहाउस पहले ही किया जा चुका है सील
8 जनवरी को भोपाल नगर निगम ने जिन्सी इलाके में स्थित बीएमसी स्लॉटरहाउस को सील कर दिया था. निगम अधिकारियों ने गेट पर ताला लगाकर फिलहाल सभी गतिविधियां बंद कर दी हैं. 17 दिसंबर को पकड़ी गई मांस की खेप की FSL रिपोर्ट में प्रतिबंधित मांस होने की पुष्टि हुई है. रिपोर्ट आने के बाद प्रशासन और पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है. इस मामले में असलम कुरैशी और कंटेनर चालक को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है.
क्या है पूरा मामला?
17 दिसंबर 2025 की रात हिंदू संगठनों ने पुलिस मुख्यालय (PHQ) के सामने एक ट्रक को रोका था. ट्रक में करीब 25 से 26 टन मांस होने का दावा किया गया था. पुलिस ने ट्रक जब्त कर मांस के सैंपल जांच के लिए भेजे थे. अब रिपोर्ट में गौमांस की पुष्टि होने के बाद पूरे मामले ने तूल पकड़ लिया है.
विरोध प्रदर्शन के बीच पुलिस अलर्ट
रिपोर्ट आने के बाद हिंदूवादी संगठनों ने पुलिस कमिश्नर कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया. हालात को देखते हुए पुलिस सतर्क है और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त इंतजाम किए गए हैं.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं