विज्ञापन

भोपाल का बदनाम ऐशबाग 90 डिग्री ओवरब्रिज; 10 महीने की खींचतान खत्म, रि‑डिजाइन के बाद जल्द खुलेगा जनता के लिए

90 Degree Railway Overbridge: भोपाल के ऐशबाग 90 डिग्री रेलवे ओवरब्रिज के सुधार पर फैसला. मोड़ का रेडियस और चौड़ाई बढ़ेगी, जल्द शुरू होगा काम. पढ़िए ये रिपोर्ट.

भोपाल का बदनाम ऐशबाग 90 डिग्री ओवरब्रिज; 10 महीने की खींचतान खत्म, रि‑डिजाइन के बाद जल्द खुलेगा जनता के लिए
ऐशबाग का 90 डिग्री रेलवे ओवरब्रिज, जिसे रि‑डिज़ाइन कर सुरक्षित बनाया जाएगा

90 Degree Railway Overbridge Bhopal: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के ऐशबाग इलाके में बना 90 डिग्री रेलवे ओवरब्रिज, जो अपने खतरनाक मोड़ के कारण देश‑दुनिया में चर्चा और आलोचना का विषय बना रहा, उसे लेकर आखिरकार बड़ा फैसला हो गया है. लंबे समय से बंद पड़े इस ब्रिज को अब सुधारा जाएगा और आवश्यक तकनीकी बदलावों के बाद इसे आम जनता के लिए खोला जाएगा. पिछले करीब दस महीनों से लोक निर्माण विभाग और रेलवे के बीच चली आ रही खींचतान उच्च स्तरीय बैठक में समाप्त हो गई, जिसमें ब्रिज के मोड़ को रि‑डिजाइन करने पर सहमति बनी.

उच्च स्तरीय बैठक में बनी सहमति

पीडब्ल्यूडी और रेलवे के बीच लंबे समय से ब्रिज के डिजाइन को लेकर मतभेद बने हुए थे. ब्रिज की बनावट और 90 डिग्री के खतरनाक मोड़ को लेकर कई स्तर पर मंथन हुआ. आखिरकार हाल ही में हुई उच्च स्तरीय बैठक में इस बात पर सहमति बनी कि ब्रिज के मोड़ को तकनीकी रूप से सुरक्षित बनाने के लिए रि‑डिजाइन किया जाएगा, ताकि दुर्घटनाओं की आशंका को कम किया जा सके.

90 Degree Railway Overbridge: ऐशबाग 90 डिग्री ब्रिज

90 Degree Railway Overbridge: ऐशबाग 90 डिग्री ब्रिज

इस तरह होगा खतरनाक मोड़ का सुधार

ब्रिज के 90 डिग्री मोड़ को सुधारने के लिए मोड़ के रेडियस को मौजूदा दो मीटर से बढ़ाकर 2.5 मीटर तक किया जाएगा. इसके चलते ओवरब्रिज की चौड़ाई 8.5 मीटर से बढ़कर 10.5 से 11 मीटर तक हो जाएगी. अधिकारियों के अनुसार, सुधार के बाद भारी और मध्यम वाहन भी इस मोड़ से आसानी से गुजर सकेंगे. पहले यह मोड़ न सिर्फ वाहन चालकों के लिए असुविधाजनक था, बल्कि कई बार जानलेवा साबित हो सकता था.

जल्द शुरू होगा रि‑डिजाइन का काम

रेलवे की ओर से दो से तीन दिनों के भीतर नया डिजाइन मिलने की उम्मीद जताई जा रही है. इसके बाद चार से पांच दिनों में सुधार कार्य शुरू कर दिया जाएगा. खास बात यह है कि जिस कंपनी ने इस ब्रिज का निर्माण किया था, वही कंपनी अब इसके रि‑डिजाइन और सुधार का काम भी करेगी. इससे काम में समन्वय बना रहेगा और समय पर सुधार पूरा होने की उम्मीद है.

उद्घाटन से पहले ही बंद हो गया था ब्रिज

करीब 18 करोड़ रुपये की लागत से बना यह रेलवे ओवरब्रिज जून 2025 में लगभग पूरा हो चुका था. उद्घाटन की तैयारियों के दौरान जब इसकी तस्वीरें और वीडियो सामने आए, तो पता चला कि ब्रिज का एक मोड़ लगभग 90 डिग्री का है. इस खुलासे के बाद सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ब्रिज को बिना शुरू किए ही बंद कर दिया गया. देखते‑ही‑देखते यह ब्रिज सोशल मीडिया और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर चर्चा का विषय बन गया और इसकी तीखी आलोचना होने लगी.

इंजीनियरों पर गिरी गाज

विवाद बढ़ने के बाद पीडब्ल्यूडी ने सात इंजीनियरों को निलंबित किया. मोड़ को सुरक्षित बनाने के लिए मैनिट समेत अन्य तकनीकी एजेंसियों के विशेषज्ञों ने कई बार मौके का निरीक्षण किया और रिपोर्ट सौंपीं, जिनके आधार पर अब नया डिजाइन तैयार किया गया है.

मेट्रो प्रोजेक्ट भी बना बड़ी बाधा

जांच के दौरान यह बात भी सामने आई कि जिस दिशा से मेट्रो लाइन गुजर रही है, वहां से मोड़ का रेडियस बढ़ाना आसान नहीं था. इसी वजह से डिजाइन में बदलाव करने में देरी हुई. रेलवे और पीडब्ल्यूडी के बीच कई दौर की बैठकें चलीं. लंबी प्रक्रिया और तकनीकी अड़चनों के बाद अब सभी बाधाएं दूर हो सकी हैं. फिलहाल राहत की खबर यह है कि आगामी चार से पांच दिनों में काम शुरू कर ब्रिज को जल्द ही लोगों के लिए खोल दिया जाएगा.

यह भी पढ़ें : Bhopal 90 Degree Bridge: रेलवे ने पहले उठा दिए थे ये सवाल, फिर भी PWD इंजीनियरों ने कर दिया कमाल

यह भी पढ़ें : अजब-गजब मध्यप्रदेश में दुनिया का 8वां अजूबा! भोपाल में बना 90° टर्न वाला फ्लाईओवर, मीम्स की आई बाढ़

यह भी पढ़ें : 'बड़ी बेशर्मी के साथ कहा मैं नहीं गाऊंगी,' कांग्रेस पर बरसे CM मोहन, कहा- राष्ट्रीय गीत के अपमान पर मौन क्यों?

यह भी पढ़ें : PMKVY में MP नंबर वन; 47 आईटीआई को 9+ रेटिंग, CM मोहन ने प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना पर ये कहा

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com