Vande Mataram Controversy MP: इंदौर नगर निगम के बजट सम्मेलन में वंदे मातरम को लेकर उपजा विवाद अब सियासी बहस के केंद्र में आ गया है. कांग्रेस की दो महिला पार्षदों द्वारा राष्ट्रीय गीत गाने से इनकार किए जाने के बाद यह मुद्दा नगर निगम से निकलकर प्रदेश की राजनीति तक जा पहुंचा है. विपक्ष की चुप्पी और सत्ता पक्ष के आक्रामक रुख ने मामले को और गरमा दिया है. मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस घटनाक्रम को राष्ट्रीय भावनाओं से जोड़ते हुए कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने न सिर्फ बयान देने वाली पार्षदों की आलोचना की, बल्कि प्रदेश और राष्ट्रीय कांग्रेस नेतृत्व से भी सार्वजनिक स्पष्टीकरण की मांग कर दी. मुख्यमंत्री के बयान के बाद यह सवाल उठने लगे हैं कि क्या यह केवल निगम स्तर की घटना है या आने वाले समय में बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनने जा रहा है.
सुनिए CM ने क्या कहा?
इंदौर में कांग्रेस पार्षद द्वारा वन्दे मातरम् गायन और भारत माता की जय से इंकार करना, न केवल शर्मनाक है बल्कि दुर्भाग्यपूर्ण भी है।
— BJP Madhya Pradesh (@BJP4MP) April 11, 2026
- मुख्यमंत्री @DrMohanYadav51 जी pic.twitter.com/HsXXZoeycT
नगर निगम के बजट सम्मेलन से उठा विवाद
घटना इंदौर नगर निगम के बजट सम्मेलन की है, जहां सदन की कार्यवाही के दौरान वंदे मातरम गाया जाना था. इसी दौरान कांग्रेस की महिला पार्षद रुबीना इकबाल खान और फौजिया शेख अलीम ने धर्म का हवाला देते हुए राष्ट्रीय गीत गाने से इनकार कर दिया. सदन में मौजूद अन्य सदस्यों ने इसका विरोध भी किया, लेकिन कांग्रेस की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक पक्ष सामने नहीं आया.

Vande Mataram Controversy: वंदे मातरम पर इंदौर नगर निगम की महिला पार्षदों के बयान ने पकड़ा तूल
कांग्रेस की चुप्पी पर सवाल
इस पूरे घटनाक्रम के बाद कांग्रेस पार्टी की ओर से न कोई सफाई दी गई और न ही किसी तरह की कार्रवाई की जानकारी सामने आई. यही चुप्पी अब विवाद की सबसे बड़ी वजह बनती दिख रही है. राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि पार्टी नेतृत्व का रुख स्पष्ट न होने से मामला और तूल पकड़ गया है.
मुख्यमंत्री मोहन यादव का तीखा बयान
भोपाल में इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कांग्रेस पर सीधे निशाना साधा. उन्होंने कहा कि नगर निगम में वंदे मातरम गाने से इनकार करना दुर्भाग्यपूर्ण है और यह कांग्रेस के चरित्र को उजागर करता है. मुख्यमंत्री ने कहा कि “बड़ी बेशर्मी के साथ कहा गया कि मैं नहीं गाऊंगी”, जो राष्ट्रीय गीत का अपमान है.
प्रदेश और राष्ट्रीय नेतृत्व से जवाब की मांग
सीएम यादव ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और राष्ट्रीय नेतृत्व से इस मामले पर स्पष्टीकरण देने की मांग की. उन्होंने कहा कि हर मुद्दे पर बोलने वाले कांग्रेस नेता इस मामले में मौन क्यों हैं और पार्टी ऐसे बयानों को क्यों प्रोत्साहित करती है. मुख्यमंत्री ने यहां तक कहा कि यदि इस पर कार्रवाई नहीं हो सकती तो प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व को नैतिक आधार पर इस्तीफा देना चाहिए.
‘देशभक्ति का अपमान'
मुख्यमंत्री ने कहा कि वंदे मातरम और भारत माता की जय जैसे नारों के साथ देशभक्तों की भावना जुड़ी है. उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि हजारों लोगों ने ऐसे नारों के साथ अपने प्राण न्यौछावर किए हैं. ऐसे में इनका विरोध करना देशभक्तों का अपमान है और इससे समाज में गलत संदेश जाता है.
दोहरे चरित्र का आरोप
अपने बयान में सीएम यादव ने कांग्रेस पर दोहरे रवैये का आरोप भी लगाया. उन्होंने कहा कि एक ओर कांग्रेस खुद को राष्ट्रवादी बताती है, वहीं दूसरी ओर ऐसे मुद्दों पर उसका आचरण सवाल खड़े करता है. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उल्लेख करते हुए कहा कि वंदे मातरम के छंदों को लेकर प्रधानमंत्री ने देश का दिल जीता है, लेकिन कांग्रेस आज भी इस विषय पर स्पष्ट रुख नहीं अपना पा रही. फिलहाल यह देखना अहम होगा कि कांग्रेस इस विवाद पर अधिकारिक बयान देती है या नहीं. वहीं, सियासी जानकार मान रहे हैं कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा प्रदेश की राजनीति में लगातार उठता रहेगा और नगर निगम का यह मामला बड़े राजनीतिक विमर्श का रूप ले सकता है.
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