- धार जिले में भोजशाला मंदिर-कमाल मौला मस्जिद विवाद पर इंदौर हाईकोर्ट ने भोजशाला को मंदिर घोषित किया है
- कोर्ट ने भोजशाला परिसर में केवल पूजा की अनुमति दी है और नमाज पर प्रतिबंध लगाया है
- वाराणसी के ज्ञानवापी मस्जिद विवाद में इलाहाबाद हाईकोर्ट में वैज्ञानिक सर्वेक्षण की मांग पर सुनवाई जारी है
Bhojshala Verdict Dhar: मध्य प्रदेश के धार जिले में भोजशाला मंदिर-कमाल मौला मस्जिद विवाद मामले में हाईकोर्ट ने 15 मई, 2026 को फैसला सुनाया है. इंदौर हाईकोर्ट ने ऐतिहासिक साक्ष्यों को ध्यान में रखते हुए भोजशाला को मंदिर करार दिया है. हिंदू पक्ष के वकील विष्णुजैन ने हाईकोर्ट के फैसले पर बताया कि भोजशाला की पूरी इमारत को राजा भोज ने बनवाया था. कोर्ट ने पूजा-पाठ का अधिकार दिया है. अब इस परिसर में सिर्फ पूजा होगी, नमाज की अनुमति नहीं है. कोर्ट ने कहा-ये कमाल औला मस्जिद नहीं है.
भोजशाला धार के इस फैसले ने देश के अन्य शहरों में चल रहे धार्मिक विवादों की चर्चा भी तेज कर दी है. आइए भोजशाला विवाद में फैसले के मौके पर जानते हैं वाराणसी, मथुरा, लखनऊ, बदायूं और दिल्ली में चल रहे प्रमुख धार्मिक स्थल विवाद, दावा और उसकी वर्तमान स्थिति के बारे में.
भारत में प्रमुख धार्मिक स्थल विवाद
1. ज्ञानवापी मस्जिद विवाद (वाराणसी, उत्तर प्रदेश)
यह वर्तमान में देश का सबसे चर्चित मामला है. हिंदू पक्ष का दावा है कि काशी विश्वनाथ मंदिर को तोड़कर ज्ञानवापी मस्जिद बनाई गई थी.
ताजा स्टेटस (मई 2026): इलाहाबाद हाईकोर्ट में 'वज़ूखाने' (अभिषेक स्थल) के वैज्ञानिक सर्वेक्षण की मांग वाली याचिका पर सुनवाई जारी है. कोर्ट ने हाल ही में (14 मई 2026) इस मामले की अगली सुनवाई 20 जुलाई 2026 तक के लिए टाल दी है. सुप्रीम कोर्ट पहले ही इस मामले में दखल दे चुका है और फिलहाल वहां का एक हिस्सा सील है.
2. श्री कृष्ण जन्मभूमि - शाही ईदगाह विवाद (मथुरा, उत्तर प्रदेश)
यहां 13.37 एकड़ जमीन को लेकर विवाद है. हिंदू पक्ष का कहना है कि ईदगाह मस्जिद भगवान कृष्ण के जन्मस्थान पर बनी है.
ताजा स्टेटस: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इस विवाद से जुड़े सभी मुकदमों (लगभग 18 याचिकाएं) को एक साथ जोड़ दिया है. सुप्रीम कोर्ट ने भी हाईकोर्ट द्वारा केंद्र और एएसआई को पक्षकार बनाने के फैसले को सही ठहराया है. कोर्ट इस बात पर विचार कर रहा है कि क्या इस मामले में भी एएसआई सर्वे कराया जाना चाहिए.
3. कुतुब मीनार विवाद (दिल्ली)
विवाद इस बात पर है कि परिसर के भीतर स्थित 'कुव्वत-उल-इस्लाम' मस्जिद 27 हिंदू और जैन मंदिरों को तोड़कर बनाई गई थी.
ताजा स्टेटस: दिल्ली की साकेत कोर्ट और हाईकोर्ट में पूजा के अधिकार और परिसर के मूल स्वरूप को लेकर याचिकाएं लंबित हैं. सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में मुगल मस्जिद (परिसर के भीतर) में नमाज पर लगी रोक के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट को जल्द फैसला लेने का निर्देश दिया है. एएसआई का रुख है कि यह एक संरक्षित स्मारक है और यहां पूजा की अनुमति नहीं दी जा सकती.
4. टीले वाली मस्जिद (लक्ष्मण टीला) विवाद (लखनऊ, उत्तर प्रदेश)
दावा है कि यह औरंगजेब के समय 'लक्ष्मण टीला' को तोड़कर बनाई गई मस्जिद है.
ताजा स्टेटस: लखनऊ की जिला अदालत ने मुस्लिम पक्ष की उस याचिका को खारिज कर दिया है जिसमें मुकदमे को सुनवाई के योग्य नहीं बताया गया था. अब निचली अदालत में इस मामले की नियमित सुनवाई (Trial) शुरू हो चुकी है.
5. शम्सी शाही मस्जिद विवाद (बदायूं, उत्तर प्रदेश)
हिंदू महासभा का दावा है कि यह नीलकंठ महादेव मंदिर को तोड़कर बनाई गई मस्जिद है.
ताजा स्टेटस: बदायूं की एक फास्ट ट्रैक कोर्ट ने इस याचिका को 'सुनवाई योग्य' मान लिया है. मुस्लिम पक्ष ने इसे 'फर्जी' बताते हुए ऊपरी अदालत में चुनौती दी है, लेकिन वर्तमान में जिला स्तर पर साक्ष्यों को लेकर बहस जारी है.
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