भिंड जिले में महज 20 रुपए के किराए को लेकर शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गया. आरोप है कि एक यात्री से किराया पूरा मांगने पर कुछ लोगों ने चलती बस को रुकवा लिया और कंडक्टर को बस से नीचे उतारकर सड़क पर बेरहमी से पीटा. कंडक्टर के साथ लात-घूंसों और बेल्ट से मारपीट किए जाने का वीडियो भी सामने आया है. पीड़ित का आरोप है कि मारपीट के दौरान बस की दो दिन की करीब 27 हजार रुपए की रोकड़ भी छीन ली गई. घटना के बाद इलाके में बस कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं.
20 रुपए के किराए से शुरू हुआ विवाद
घटना भिंड-ग्वालियर नेशनल हाईवे-719 पर बरहद गांव के सामने की बताई जा रही है. जानकारी के अनुसार मेहगांव थाना क्षेत्र के पड़कोली गांव निवासी भगवान सिंह भदौरिया बालाजी ट्रेवल्स की बस में कंडक्टर हैं. 25 अगस्त को बस भिंड से ग्वालियर जा रही थी और कंडक्टर यात्रियों से किराया वसूल रहा था. इसी दौरान एक यात्री से ग्वालियर का 100 रुपए किराया मांगा. आरोप है कि यात्री ने 100 रुपए की बजाय केवल 80 रुपए दिए. जब कंडक्टर ने बाकी 20 रुपए मांगे तो दोनों के बीच कहासुनी शुरू हो गई. देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और मामला तूल पकड़ने लगा.
फोन कर बुलाए गए साथी
पीड़ित कंडक्टर का आरोप है कि विवाद बढ़ने पर यात्री ने अपने गांव के लोगों को फोन कर दिया. इसके बाद कुछ लोग मेहगांव तिराहे से बस में सवार हो गए. आरोप है कि इन लोगों ने बस के अंदर ही कंडक्टर के साथ गाली-गलौज शुरू कर दी और हाथापाई भी की. बस में मौजूद यात्रियों के सामने माहौल तनावपूर्ण हो गया, लेकिन इसके बाद जो हुआ उसने सभी को हैरान कर दिया.
बस रुकवाकर सड़क पर की पिटाई
आरोप है कि जब बस बरहद गांव के सामने पहुंची तो वहां पहले से मौजूद कुछ लोगों ने बस को रुकवा लिया. इसके बाद कंडक्टर भगवान सिंह को बस से नीचे उतार लिया गया. कथित तौर पर आरोपियों ने उसे सड़क पर गिराकर बेरहमी से पीटा. बताया जा रहा है कि मारपीट के दौरान लात-घूंसों के साथ बेल्ट का भी इस्तेमाल किया गया. घटना में कंडक्टर को शरीर के कई हिस्सों में चोटें आई हैं.
वीडियो आया सामने
मारपीट के दौरान बस में मौजूद एक यात्री ने छिपकर पूरी घटना का वीडियो बना लिया. अब यह वीडियो सामने आया है, जिसमें कुछ लोग कंडक्टर के साथ मारपीट करते दिखाई दे रहे हैं. वीडियो सामने आने के बाद मामले ने और गंभीर रूप ले लिया है. पुलिस भी अब वीडियो के आधार पर आरोपियों की पहचान करने में जुटी हुई है.
27 हजार रुपए की रोकड़ छीने जाने का आरोप
पीड़ित भगवान सिंह भदौरिया ने बरहद गांव निवासी के.पी. भदौरिया समेत अन्य लोगों पर मारपीट का आरोप लगाया है. उनका कहना है कि घटना के दौरान बस की दो दिन की करीब 27 हजार रुपए की रोकड़ भी उनसे छीन ली गई. हालांकि उनका आरोप है कि पुलिस को शिकायत देने के बावजूद एफआईआर में रोकड़ छीने जाने की बात दर्ज नहीं की गई. इस बात को लेकर भी पीड़ित ने नाराजगी जताई है.
चार दिन बाद दर्ज हुई एफआईआर
बताया जा रहा है कि घटना के चार दिन बाद पुलिस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज की. पुलिस ने तीन नामजद और तीन अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला कायम किया है. फिलहाल मेहगांव थाना पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है. सामने आए वीडियो और अन्य सबूतों के आधार पर मारपीट में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है.
पहले भी हो चुके हैं ऐसे विवाद
बरहद गांव में बस कर्मचारियों के साथ किराए को लेकर विवाद का यह पहला मामला नहीं है. स्थानीय लोगों के अनुसार इससे पहले भी किराया मांगने को लेकर बस कर्मचारियों के साथ मारपीट की घटनाएं सामने आ चुकी हैं.
करीब आठ महीने पहले भी किराया विवाद को लेकर एक बस को रोकने, ड्राइवर के साथ मारपीट करने और बस को हाईजैक करने जैसी शिकायतें सामने आई थीं. ऐसे में ताजा घटना ने एक बार फिर बस कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
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