
Acidity and gas : आजकल की खराब लाइफस्टाइल के कारण लोग गंभीर बीमारियों की जद में आ जा रहे हैं. जिनमें से एसिडिटी और गैस सामान्य परेशानी है. ऐसा तब होता है जब आप तली-भुनी और तेल मसाले वाली चीजें ज्यादा खाते हैं. लेकिन इन समस्याओं को अगर समय रहते सही नहीं किया गया तो ये सेहत संबंधी परेशानी खड़ी कर सकता है. आज इस लेख में हम बात करेंगे एसिडिटी और गैस (acidity and gas) में अंतर क्या होता है उसके बारे में.
एसिडिटी और गैस में अंतर | Acidity and gas
- गैस डकार के माध्यम से या फिर पेट फूलने (bloating) के माध्यम से होती है. औसतन व्यक्ति प्रतिदिन लगभग 13 से 21 बार गैस पास करता है. यह ज्यादातर कार्बन डाइऑक्साइड, हाइड्रोजन, नाइट्रोजन, ऑक्सीजन और मीथेन से बनी होती है. आपको बता दें कि गैस का कारण सेब, फलियां, ब्रोकोली, अंकुरित बीज, पत्ता गोभी, गोभी, प्याज,आड़ू खाने से होती है.
- एसिडिटी (acidity) तब होती है जब गले से पेट की ओर जाने वाली नली अचानक आराम की स्थिति में आ जाता है या ठीक तरह से नली को टाइट नहीं कर पाता है. इसकी नली वर्तुलाकार मांसपेशियों से बना होता है जो पेट और एसोफैगस यानी गले की नली के बीच वाल्व का काम करता है. जब ऐसा होता है तो गले में जलने, छाती में जलन, पेट में दर्द जैसी परेशानी होने लगती है. इसके कारण अल्सर, पेनक्रियाज कैंसर आदि के जोखिम बढ़ जाते हैं. एसिडिटी होने के पीछे शराब पीना, सिगरेट पीना, मोटापा, प्रेगनेंसी हो सकता है.
अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.
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