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पश्चिम बंगाल: चुनाव में डराने-धमकाने वालों की खैर नहीं, बस आपको हेल्‍पलाइन नंबर पर करना होगा कॉल

पश्‍च‍िम बंगाल में राज्‍यपाल से लोगों ने पुराने अनुभाव साझा क‍िया. बताया क‍ि प‍िछने चुनाव में पर‍िवार के सदस्‍य की हत्‍या कर दी थी और वोट देने से रोक द‍िया गया था.  

पश्चिम बंगाल: चुनाव में डराने-धमकाने वालों की खैर नहीं, बस आपको हेल्‍पलाइन नंबर पर करना होगा कॉल
पश्चिम बंगाल के राज्यपाल आर.एन. रवि ने हेल्पलाइन नंबर जारी किया.

पश्चिम बंगाल के राज्यपाल आर.एन. रवि ने मंगलवार को घोषणा की कि राज्य में होने वाले आगामी दो चरणों के विधानसभा चुनाव (23 अप्रैल और 29 अप्रैल) को स्वतंत्र, निष्पक्ष और भयमुक्त बनाने के लिए 24x7 नागरिक हेल्पलाइन शुरू की गई है. राज्यपाल कार्यालय की ओर से मंगलवार की शाम को जारी बयान में कहा गया कि पिछले कुछ दिनों में राज्यपाल ने आम जनता से कई मुलाकातें कीं.

राज्यपाल से चिंता व्यक्त की     

लोगों ने चुनाव से पहले और बाद में होने वाली हिंसा को लेकर अपनी चिंता व्यक्त की. बयान में कहा गया कि कई लोगों ने अपने पुराने अनुभव साझा किए, जिनमें चुनाव के दौरान हिंसा, परिवार के सदस्यों की हत्या और मतदान से रोके जाने जैसी घटनाएं शामिल थीं. कुछ लोगों ने बताया कि डराने-धमकाने के बावजूद वोट डालने पर उन्हें शारीरिक हमले का सामना करना पड़ा.

राजभवन ने 24x7 हेल्पलाइन शुरू की 

बयान के अनुसार, राज्य प्रशासन और पुलिस ने चुनाव आयोग के निर्देशों के तहत सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं, फिर भी लोगों की मदद के लिए राजभवन ने 24x7 हेल्पलाइन शुरू की है. इस पहल का उद्देश्य है कि हर मतदाता बिना किसी डर के लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भाग ले सके.

वोट डालने की अपील की 

हेल्पलाइन शिकायतें प्राप्त करेगी, उनका जल्द समाधान कराने की कोशिश करेगी और लोगों को सही संस्थागत सहायता तक पहुंचाने में मदद करेगी. सभी शिकायतों को पूरी संवेदनशीलता और गोपनीयता के साथ देखा जाएगा. राज्य के सभी मतदाताओं से अपील की गई है कि वे लोकतंत्र के इस महापर्व में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें और मतदान जरूर करें. हर वोट महत्वपूर्ण है.

इससे पहले 2023 के पंचायत चुनाव के दौरान भी पूर्व राज्यपाल सी.वी. आनंद बोस ने हिंसा रोकने के लिए इसी तरह का कदम उठाया था और राजभवन में ‘पीस रूम' खोला गया था. यह व्यवस्था 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान भी जारी रही थी.

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