Baby Sleep Smile Reason: घर में न्यूबॉर्न बच्चे अक्सर ऐसी हरकतें करते हैं, जो दिल को सुकून से भर देते हैं. अक्सर छोटे बच्चे सोते समय हल्की-सी मुस्कान देते हैं, जिन्हें देख हर किसी का दिल खुश हो जाता है. दादी-नानी कहती हैं, 'नींद में बच्चों से भगवान बातें करते हैं, उनके साथ खेलते हैं.' लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि इसमें कितनी सच्चाई है. क्या सचमुच सोते हुए नवजात से भगवान खेलते हैं या इसका कोई और कारण है. आइए जानते हैं बच्चे नींद में मुस्कुराते क्यों हैं.
छोटे बच्चे सोते समय मुस्कुराते क्यों हैं
सोते समय बच्चों के मुस्कान को नियोनेटल स्माइलिंग (Neonatal Smiling) कहा जाता है. साइंटिफिक कारण के मुताबिक, जब बच्चा पैदा होता है, तब उसके दिमाग और शरीर को इस नई दुनिया की आदत लग रही होती है. ऐसे समय में अगर वह सोते-सोते मुस्कुराता है, तो वह रिफ्लेक्स (Reflex) होती है. जैसे, जब आप बच्चे की हथेली छुएं तो वह उंगली पकड़ लेता है, पैर छुएं तो हल्का झटका देता है. वैसे ही चेहरे की मांसपेशियां भी कभी-कभी अपने आप हिलती हैं और हमें लगता है कि बच्चा मुस्कुरा रहा है. मतलब बच्चों की ये मुस्कान शरीर की नेचुरल प्रक्रिया होती है.
बच्चों की नींद में क्या होता है
बच्चे भी बड़ों की तरह अलग-अलग तरह की नींद से गुजरते हैं. इसमें एक खास स्टेज होती है, जिसे REM (Rapid Eye Movement) स्लीप कहा जाता है. आपने नोटिस किया होगा कि बच्चे की बंद पलकों के नीचे आंखें हल्की-हल्की हिलती हैं, कभी चेहरा सिकुड़ता है, कभी मुस्कान आ जाती है. यही वो समय होता है जब दिमाग बहुत तेजी से काम कर रहा होता है. इस दौरान बच्चे का नर्वस सिस्टम मजबूत हो रहा होता है और ब्रेन डेवलपमेंट तेी से चल रहा होता है. तो जब बच्चा नींद में मुस्कुराता है, तो यह इस बात का इशारा हो सकता है कि उसका दिमाग सही तरीके से ग्रोथ कर रहा है.
बच्चों की असली स्माइल कब आती है
एक्सपर्ट कहते हैं कि जब बच्चा करीब 2 से 3 महीने का हो जाता है और आपकी आवाज सुनकर मुस्कुराता है, आपको देखकर हंसता है या आंखों में आंखें डालकर रिएक्ट करता है, तो इसे सोशल स्माइल कहते हैं. ये मुस्कान असली होती है. इसमें पहचान, इमोशन और प्यार शामिल होता है. यही वो समय है, जब बच्चा आपको पहचानना शुरू कर देता है.
क्या बच्चे नींद में सपने देखकर मुस्कुराते हैं
इस पर अभी भी रिसर्च चल रहा है. माना जाता है कि बहुत छोटे बच्चे कहानी वाले सपने शायद न देखते हों, क्योंकि उनकी याददाश्त और कल्पना शक्ति अभी पूरी तरह विकसित नहीं होती है. लेकिन REM नींद के दौरान उनका दिमाग एक्टिव रहता है यानी कुछ ना कुछ प्रोसेसिंग जरूर चल रही होती है, तो अगली बार जब आपका बच्चा सोते-सोते मुस्कुराए, तो समझ लीजिए वो भगवान से नहीं खेल रहा है, बल्कि उसका छोटा सा दिमाग बड़ी तेजी से सीख रहा है.
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