कैलाश पर्वत (Mount Kailash) को लेकर कई तरह की धार्मिक मान्यताएं और रहस्यमयी कहानियां प्रचलित हैं. हिंदू धर्म में इसे भगवान शिव का निवास माना गया है. कैलाश पर्वत को लेकर कई दावे किए जाते हैं. जैसे यहां समय तेज गति से चलता है. आखिर कोई इसकी चोटी तक क्यों नहीं पहुंच पाया है.
भगवान शिव का निवास माना जाता है
हिंदू धर्म में कैलाश पर्वत को भगवान शिव और माता पार्वती का निवास माना जाता है. धार्मिक मान्यता है कि भगवान शिव यहीं समाधि में लीन रहते हैं और यहीं से सृष्टि का संचालन करते हैं. इसी कारण लाखों श्रद्धालु हर साल कैलाश-मानसरोवर यात्रा पर जाते हैं.
कैलाश पर्वत को लेकर कई रहस्य
यहां समय तेजी से चलता है
सोशल मीडिया पर अक्सर दावा किया जाता है कि कैलाश पर्वत के पास समय सामान्य से तेज चलता है और लोगों के बाल या नाखून जल्दी बढ़ने लगते हैं. हालांकि अब तक ऐसा कोई वैज्ञानिक शोध प्रकाशित नहीं हुआ है जो यह साबित करता हो कि कैलाश क्षेत्र में समय की गति अलग है या मानव शरीर की जैविक प्रक्रियाएं वहां असामान्य रूप से बदल जाती हैं.
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क्या कंपास काम नहीं करता है
कुछ लोग दावा करते हैं कि कैलाश पर्वत के पास कंपास सही दिशा नहीं दिखाता. वैज्ञानिकों के अनुसार, पहाड़ी क्षेत्रों में स्थानीय चट्टानों की संरचना या आसपास के खनिजों के कारण कुछ स्थानों पर चुंबकीय विचलन (Magnetic Variation) देखा जा सकता है.
कोई कैलाश की चोटी पर क्यों नहीं चढ़ पाया है
हिंदू धर्म में मान्यता है कि भगवान शिव का निवास होने के कारण आज तक कोई भी व्यक्ति कैलाश की चोटी नहीं चढ़ पाया है. वहीं, वैज्ञानिक इसका कारण कोई अलौकिक शक्ति नहीं मानते हैं.
क्या कैलाश का आकार मानव निर्मित पिरामिड जैसा है
कुछ लोग कैलाश पर्वत को विशाल पिरामिड बताते हैं. भूवैज्ञानिकों के अनुसार, पर्वत का सममित (Symmetrical) आकार प्राकृतिक अपरदन (Erosion), चट्टानों की परतों और लंबे समय तक चली भूवैज्ञानिक प्रक्रियाओं का परिणाम हो सकता है.
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