Minneapolis ICE Shooting: अमेरिका के मिनियापोलिस में एक एजेंट ने कार सवार महिला पर गोलियां चला दीं, जिसमें महिला की मौके पर ही मौत हो गई. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पहले ही अमेरिका में अवैध रूप से रहने वाले लोगों को लेकर काफी सख्ती दिखा रहे हैं, इसी बीच उनके इमिग्रेशन एजेंट ने बिना झिझके एक महिला को गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया. इस घटना की दुनियाभर में काफी चर्चा हो रही है और वीडियो भी वायरल हो रहा है. ऐसे में आइए जानते हैं कि जिस एजेंसी के एजेंट ने महिला को गोली मारी है, वो अमेरिका में क्या काम करती है.
ICE एजेंट ने चलाई गोली
अमेरिका में महिला पर गोली चलाने वाला एजेंट ICE का था. इसकी फुलफॉर्म इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट है. ये एक ऐसी एजेंसी है, जो सरकार के इशारे पर काम करती है और देश में गैर कानूनी तरह से रहने वाले लोगों को पकड़ने का काम करती है. जिस 37 साल की महिला को गोली मारी गई, उसे इस एजेंसी के एजेंट रोक रहे थे, जब वो नहीं रुकी तो एक एजेंट ने शीशे पर गोलियां चला दीं. इस गोलीबारी में कार सवार महिला की मौत हो गई.
विवादों में रही है एजेंसी
इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट यानी ICE पहली बार विवादों में नहीं है, इससे पहले भी इस एजेंसी को बंद करने के लिए अमेरिका में प्रदर्शन हुए हैं. साल 2018 में ट्रंप की जीरो टॉलरेंस पॉलिसी के बाद एजेंसी पर आरोप लगा कि वो छोटे बच्चों को उनके माता-पिता से अलग कर रही है, साथ ही क्रूरता के आरोप भी लगे. लोग ट्रंप पर आरोप लगाते हैं कि वो इस एजेंसी का इस्तेमाल अप्रवासी समुदाय में डर पैदा करने के लिए एक हथियार के तौर पर करते हैं.
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सरकार का क्या पक्ष है?
ICE को बंद करने की मांगों को लेकर सरकार भी अपना पक्ष रखती है. ट्रंप प्रशासन का मानना है कि इस एजेंसी को खत्म करने से अमेरिका की सीमाएं सुरक्षित नहीं रहेंगीं और क्राइम रेट तेजी से बढ़ जाएगा. उनका तर्क है कि यही एजेंसी देश से अपराधियों और गलत इरादे से आए लोगों की पहचान करती है और उन्हें बाहर करने का काम करती है.
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