Unknown and interesting facts about ballpoint pen: हम सभी रोज पेन का इस्तेमाल करते हैं. स्कूल में नोट्स लिखने से लेकर ऑफिस में फाइल बनाने तक, बॉलपॉइंट पेन हमारी जिंदगी का एक अहम हिस्सा बन चुका है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि साधारण सा दिखने वाला ये पेन सबसे पहले कब बनाया गया था और इसे किसने बनाय था, जानें बॉलपॉइंट पेन से जुड़े ऐसे ही रोचक तथ्य.
ballpoint pen के बारे में दिलचस्प बातें-
बॉलपॉइंट पेन का विचार
सबसे पहला बॉलपॉइंट पेन 1888 में अमेरिकी आविष्कारक जॉन जे. लाउड ने पेटेंट कराया था. उनका उद्देश्य ऐसा पेन बनाना था, जो चमड़े और खुरदुरी सतहों पर लिख सके. हालांकि यह कागज पर ठीक से नहीं लिख पाता था.
आधुनिक बॉलपॉइंट पेन के जनक
हंगरी के पत्रकार लास्जलो बीरो ने 1938 में आधुनिक बॉलपॉइंट पेन विकसित किया था. उन्होंने देखा कि अखबार में इस्तेमाल होने वाली स्याही जल्दी सूख जाती है और उसी सिद्धांत पर नया पेन बनाया.
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इस नाम से भी जाना जाता है ये पेन
ब्रिटेन सहित कई देशों में बॉलपॉइंट पेन को बिरो कहा जाता है, जो इसके आविष्कारक लास्जलो बीरो के नाम पर पड़ा है.
एक पेन हजारों शब्द लिखता है
एक सामान्य बॉलपॉइंट पेन लगभग 45,000 से 50,000 शब्द तक लिख सकता है. यानी एक पेन से पूरी किताब के बराबर सामग्री लिखी जा सकती है.
इसकी नोक में होता है खास बॉल
पेन की नोक पर लगा छोटा सा गोला स्टील, पीतल या टंगस्टन कार्बाइड जैसे मजबूत पदार्थों से बनाया जाता है. यही घूमता हुआ बॉल स्याही को कागज पर पहुंचाता है.
दुनिया का सबसे ज्यादा बिकने वाला पेन
बीआईसी क्रिस्टल (BIC Cristal) को दुनिया का सबसे लोकप्रिय और सबसे अधिक बिकने वाला पेन माना जाता है. इसकी अरबों इकाइयां बिक चुकी हैं.
पहली बार यह काफी महंगा था
1945 में जब बॉलपॉइंट पेन अमेरिका में बिक्री के लिए आया, तब इसकी कीमत लगभग 12 डॉलर थी, जो उस समय एक दिन की मजदूरी के बराबर मानी जाती थी.
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आज हर सेकंड बिकते हैं सैकड़ों पेन
अनुमान है कि दुनिया भर में हर सेकंड 100 से अधिक बॉलपॉइंट पेन बेचे जाते हैं. यह इसकी लोकप्रियता का सबसे बड़ा प्रमाण है.
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