देश के सर्वोच्च न्यायालय यानी सुप्रीम कोर्ट में अब जजों की संख्या बढ़ाई गई है, अब चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया को मिलाकर कुल जजों की संख्या 38 हो चुकी है. इससे पहले सुप्रीम कोर्ट के कुल जजों ये संख्या 34 थी. सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या बढ़ने से उन लोगों को काफी ज्यादा फायदा होगा, जिनके मामले कई सालों से लंबित पड़े हैं. आइए जानते हैं कि देश की सबसे बड़ी अदालत में नए जजों की नियुक्ति कैसे होती है और इसके लिए कौन सिफारिश कर सकता है.
सुप्रीम कोर्ट में 92 हजार से ज्यादा पेंडिंग केस
जजों की संख्या बढ़ाए जाने के बाद लोगों को इस बात से राहत मिलती है कि इससे न्याय व्यवस्था में तेजी आएगी और पेंडिंग मामलों का निपटारा तेजी से होगा. सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट के मुताबिक फिलहाल कुल 92516 केस अभी पेंडिंग पड़े हुए हैं. इनमें 71867 सिविल केस हैं, जबकि 20649 केस क्रिमिनल हैं. कोविड महामारी के बाद ई-फाइलिंग यानी ऑनलाइन केस रजिस्ट्रेशन की सुविधा बढ़ी और केसेस की संख्या तेजी से बढ़ने लगी. यही वजह है कि अब जजों की संख्या बढ़ाए जाने की जरूरत महसूस हो रही है.
संविधान में सीटें बढ़ाने का नियम
अब हम समझने की कोशिश करते हैं कि सुप्रीम कोर्ट में जजों की अधिकतम संख्या कितनी हो सकती है. भारतीय संविधान के अनुच्छेद 124(1) के तहत संसद को सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या बढ़ाने की शक्ति दी गई है. जजों की संख्या बढ़ाने के लिए सरकार संसद में एक संशोधन विधेयक पेश करती है, 'सर्वोच्च न्यायालय (न्यायाधीशों की संख्या) अधिनियम, 1956' में संशोधन कर इसे लागू किया जा सकता है. इसके अलावा राष्ट्रपति द्वारा अनुच्छेद 124(2) के तहत सुप्रीम कोर्ट के जजों की नियुक्ति बाकी जजों से चर्चा के बाद की जाती है.
सरकार बिल कैसे लाती है?
जब भी संसद में इस तरह का कोई कानून बनाया जाता है तो सबसे पहले कैबिनेट में इसे लेकर चर्चा होती है. इसके बाद सरकार सदन में एक बिल लेकर आती है. इसके बाद मामले से जुड़े मंत्री इस पर पूरी जानकारी सदन को देते हैं. जैसे- लॉ मिनिस्ट्री, इस मंत्रालय को कानून मंत्री देखते हैं. ये मिनिस्ट्री सुप्रीम कोर्ट के पेंडिंग केसेस, वर्क लोड और ज्यूडिशियरी की जरूरत को देखकर सुझाव देती है कि जजों की संख्या बढ़ाई जाए या फिर नहीं.
सुप्रीम कोर्ट में सीटें कब बढ़ाई गईं?
अब हम जानते हैं कि कब-कब सुप्रीम कोर्ट में सीटें बढ़ाई गई हैं. शुरुआत में सुप्रीम कोर्ट में सिर्फ एक चीफ जस्टिस और सात जज हुआ करते थे.
- 1956 में 11 जज
- 1960 में 14 जज
- 1978 में 18 जज
- 1986 में 26 जज
- 2009 में 31 जज
- 2019 में 34 जज
- 2026 में 38 जज (CJI + 37)
केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में जजों की सीटें बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी थी, जिसके बाद अब मुख्य न्यायाधीश (CJI) समेत जजों की कुल स्वीकृत संख्या 38 (37 अन्य जज + 1 CJI) हो गई है.
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