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सिंबा सिस्टम क्या होता है? जानें इससे किस चीज की होती है गिनती

Simba system : सिंबा एक AI आधारित फोटो आइडेंटिफिकेशन सिस्टम है, जिसे एक खास जानवर की पहचान के लिए तैयार किया गया है. इसकी मदद से वन विभाग किसी तस्वीर को डेटाबेस में मौजूद लाखों रिकॉर्ड से मिलाकर यह पता लगा सकता है कि वह जानवर पहले से दर्ज है या नहीं.

सिंबा सिस्टम क्या होता है? जानें इससे किस चीज की होती है गिनती
क्या होता है सिंबा सिस्टम

Simba system : जंगल में घूमते दो एशियाई शेर आपको बिल्कुल एक जैसे दिख सकते हैं, लेकिन वन विभाग के लिए दोनों की अलग पहचान करना बेहद जरूरी होता है. अगर एक ही शेर की दो बार गिनती हो जाए या किसी दूसरे शेर को नया समझ लिया जाए, तो पूरी गणना प्रभावित हो सकती है. इसी चुनौती से निपटने के लिए गुजरात में सिंबा (SIMBA) सिस्टम का इस्तेमाल किया जाता है. यह AI आधारित सॉफ्टवेयर हर एशियाई शेर के चेहरे पर मौजूद कुदरती निशानों की मदद से उसकी अलग पहचान करता है. इससे शेरों की गिनती पहले से ज्यादा सटीक होती है और उनके संरक्षण में भी मदद मिलती है.

SIMBA का पूरा नाम Software with Intelligent Marking Based Identification of Asiatic Lions है. यह एक AI आधारित फोटो आइडेंटिफिकेशन सिस्टम है, जिसे खास तौर पर एशियाई शेरों की पहचान के लिए तैयार किया गया है. इसकी मदद से वन विभाग किसी शेर की तस्वीर को डेटाबेस में मौजूद लाखों रिकॉर्ड से मिलाकर यह पता लगा सकता है कि वह शेर पहले से दर्ज है या नहीं.

कैसे होती है एशियाई शेरों की गिनती और पहचान?

सिंबा सिर्फ शेरों की संख्या नहीं गिनता, बल्कि हर शेर की अलग पहचान भी करता है. इसके लिए यह शेर के चेहरे पर मौजूद मूंछों के पास बने धब्बों (व्हिस्कर स्पॉट पैटर्न), कानों की बनावट, चेहरे के निशान और दूसरे पहचान चिह्नों का एनालिसिस करता है. चूंकि ये निशान हर शेर में अलग होते हैं, इसलिए सिस्टम आसानी से बता देता है कि तस्वीर में दिख रहा शेर पहले से रिकॉर्ड में है या नया. इससे एक ही शेर की दो बार गिनती होने की संभावना काफी कम हो जाती है.

सिंबा सिस्टम हर शेर की एक डिजिटल प्रोफाइल भी तैयार करने में मदद करता है. इसमें शेर का माइक्रोचिप नंबर, लिंग, स्वास्थ्य की जानकारी, इलाज का रिकॉर्ड और दूसरी जरूरी जानकारियां जोड़ी जा सकती हैं. जरूरत पड़ने पर वन विभाग किसी भी शेर का रिकॉर्ड तुरंत देख सकता है.

वन विभाग के लिए क्यों है अहम?

गुजरात दुनिया की एकमात्र ऐसी जगह है, जहां एशियाई शेर प्राकृतिक रूप से पाए जाते हैं. ऐसे में उनकी सही गिनती और हर शेर की अलग पहचान संरक्षण के लिए बेहद जरूरी है. सिंबा सिस्टम की मदद से शेरों की आबादी का ज्यादा सटीक आकलन किया जा सकता है, उनकी गतिविधियों पर नजर रखी जा सकती है और जरूरत पड़ने पर बीमार या घायल शेर की पहचान भी जल्दी की जा सकती है.

पहले वन्यजीव विशेषज्ञों को तस्वीरों और फील्ड रिकॉर्ड के आधार पर शेरों की पहचान में काफी समय लगता था. अब सिंबा सिस्टम इस प्रक्रिया को तेज और ज्यादा सटीक बना रहा है. यही वजह है कि एशियाई शेरों की गिनती और संरक्षण के लिए इसे एक अहम तकनीकी कदम माना जा रहा है.

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