Old Monk Name Story : रम पसंद करने वालों के लिए Old Monk किसी परिचय की मोहताज नहीं है. दशकों से यह ब्रांड लाखों लोगों की पसंद बना हुआ है और इसे प्यार से 'बूढ़ा साधु' भी कहा जाता है. लेकिन इन दिनों Old Monk एक अलग वजह से सुर्खियों में है. फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) ने इसके तीन वेरिएंट को बैन कर दिया है. इनमें The Legend, Gold Reserve और XXX Matured Rum शामिल हैं. आरोप है कि इनके लेबल पर उम्र (Ageing) से जुड़ा दावा मौजूदा नियमों के अनुसार नहीं था.
हालांकि, हालिया विवाद ने इसके नाम, इतिहास और निर्माण प्रक्रिया को लेकर लोगों की दिलचस्पी एक बार फिर बढ़ा दी है. लोगों के मन में सवाल उठने लगे हैं कि आखिर Old Monk का नाम कैसे पड़ा, इसे कौन बनाता है और यह मशहूर रम किस चीज से तैयार होती है.
Old Monk नाम के पीछे क्या है कहानी?
Old Monk का निर्माण मोहन मीकिन कंपनी करती है. इस ब्रांड के जन्मदाता कर्नल वेद रतन मोहन माने जाते हैं. कहा जाता है कि वेद रतन मोहन, बेनेडिक्टिन संतों की जीवनशैली और उनकी बेहतरीन शराब बनाने की कला से बेहद प्रभावित थे. इन्हीं संतों के सम्मान में उन्होंने अपनी रम का नाम Old Monk रखा. बेनेडिक्टिन संत, ईसाई संत बेनेडिक्ट के अनुयायी माने जाते हैं और यूरोप में वाइन व दूसरे अल्कोहल प्रोडक्ट्स को बनाने की समृद्ध परंपरा को आगे बढ़ाने में उनका बड़ा योगदान रहा है.
किस चीज से बनती है Old Monk?
Old Monk एक डार्क रम है, जिसे मोलासिस (शीरा) से बनाया जाता है. मोलासिस वह गाढ़ा काला तरल पदार्थ होता है, जो गन्ने से चीनी बनाने की प्रक्रिया के बाद बच जाता है. निर्माण के दौरान पहले मोलासिस को फर्मेंट किया जाता है और फिर डिस्टिलेशन के जरिए अल्कोहल तैयार किया जाता है. इसके बाद इस स्पिरिट को 7 सालों तक ओक के बैरल में मैच्योर किया जाता है. इसी प्रक्रिया से रम को उसका गहरा भूरा रंग, खास खुशबू और अलग स्वाद मिलता है. Old Monk के स्वाद में वैनिला, कैरेमेल और चॉकलेट जैसे मीठे फ्लेवर महसूस किए जाते हैं, जो इसे दूसरी रम से अलग पहचान देते हैं.
FSSAI ने क्यों लगाया प्रतिबंध?
FSSAI के अनुसार, XXX Matured Rum के लेबल पर इसे "7 Years' Blended" बताया गया था, जबकि इसमें रम स्पिरिट की मात्रा 5 फीसदी से भी कम थी और ज्यादातर हिस्सा बिना मैच्योरिटी वाले न्यूट्रल स्पिरिट का था. FSSAI का कहना है कि मौजूदा नियमों के अनुसार किसी भी ब्लेंडेड अल्कोहलिक ड्रिंक पर एजिंग का दावा उसी सबसे कम एजिंग वाली स्पिरिट के आधार पर किया जा सकता है, जो उसमें शामिल हो. इसी वजह से इन वेरिएंट्स को नियमों के उल्लंघन का दोषी माना गया है.
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