धरती पर जो जन्म लेता है उसका एक निश्चित जीवनकाल होता है. लेकिन समुद्र में पाया जाने वाला एक छोटा-सा जीव ऐसा भी है, जिसके पास है 'कभी न मरने' का वरदान. यही वजह है कि इसे Immortal Jellyfish (अमर जेलीफिश) भी कहा जाता है. इसका वैज्ञानिक नाम Turritopsis dohrnii है. जानें जेलीफिश से जुड़ी बेहद खास बातें, जिनसे शायद अब तक आप अनजान होंगे.
कैसे वापस बन जाती है जवान
आमतौर पर जेलीफिश का जीवन चक्र अंडे से लार्वा, फिर पॉलीप और अंत में वयस्क जेलीफिश तक पहुंचता है. लेकिन Turritopsis dohrnii में एक अनोखी क्षमता होती है. जब यह घायल हो जाती है, भूख से कमजोर पड़ती है या किसी अन्य तनाव का सामना करती है, तब यह अपने वयस्क शरीर को फिर से पॉलीप (Polyp) अवस्था में बदल सकती है. इसके बाद यह दोबारा विकसित होकर नई वयस्क जेलीफिश बन जाती है. इस प्रक्रिया को Transdifferentiation कहा जाता है, जिसमें एक प्रकार की कोशिका दूसरे प्रकार की कोशिका में बदल जाती है.
क्या यह सच में कभी नहीं मरती?
जेलीफिश बुढ़ापे से बच सकती है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि इसे कोई मार ही नहीं सकता. अगर इसे कोई शिकारी खा जाए, गंभीर बीमारी हो जाए या किसी दुर्घटना का शिकार हो जाए, तो इसकी मृत्यु हो सकती है. इसलिए वैज्ञानिक इसे Biologically Immortal कहते हैं, यानी यह प्राकृतिक उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को बार-बार रीसेट कर सकती है.
वैज्ञानिकों ने इसके बारे में क्या-क्या पता लगाया है
हाल के वर्षों में वैज्ञानिकों ने Turritopsis dohrnii के जीनोम का अध्ययन किया. शोध में पाया गया कि इसमें DNA की मरम्मत (DNA Repair) से जुड़े जीन अधिक सक्रिय होते हैं. जिससे इसकी कोशिकाओं की सुरक्षा और पुनर्निर्माण की क्षमता बेहतर हो जाती है और कोशिकाएं खुद को दोबारा विकसित करने में सक्षम होती हैं. वैज्ञानिकों का मानना है कि इन गुणों का अध्ययन करने से भविष्य में Ageing Research और Regenerative Medicine के क्षेत्र में बहुत मदद मिल सकती है.
कहां पाई जाती है यह जेलीफिश
जेलीफिश मुख्य रूप से भूमध्य सागर (Mediterranean Sea), जापान के आसपास का समुद्री क्षेत्र, अटलांटिक महासागर के कुछ हिस्सों व अन्य गर्म समुद्री क्षेत्रों में पाई जाती है.
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