इजरायली जासूस कुरुश कीवानी को ईरान में मौत की सजा दी गई है. कीवानी पर इजरायल की खुफिया एजेंसी 'मोसाद' के लिए काम करने का आरोप था. ईरान में इस्लामी दंड विधान (Islamic Penal Code) के तहत मौत की सजा दी जाती है. यहां मुख्य रूप से फांसी के जरिए मौत के घाट उतारा जाता है. ये (फांसी देना) मृत्युदंड का सबसे आम तरीका है. आपको जानकर हैरानी होगी की मार्च 2026 तक, ईरान में दुनिया भर में सबसे ज्यादा फांसी की सजा दी गई हैं. अकेले ही 2025 में एक हजार से ज्यादा लोगों को फांसी दी गई है.
किस तरह से दी जाती है सजा
ईरान में अधिकांश मृत्युदंड जेलों के अंदर दिए जाते हैं. लेकिन कुछ विशेष मामलों में मृत्युदंड सार्वजनिक स्थानों पर भी दी जाते हैं. यहां तक की गंभीर मामलों में, अपराधी को उसी जगह पर सार्वजनिक रूप से फांसी दी जाती है, जहां अपराध किया हो.
किन मामलों में मिलती है मौत की सजा
ईरान में हत्या, नशीली दवाओं की तस्करी और कुछ अन्य गंभीर अपराधों में मौत की सजा दी जाती है. पूरी कानूनी प्रक्रिया होने के बाद ही मौत की सजा सुनाई जाती है.
इन अपराधों में मिलता है मृत्यु दंड-
- हत्या,
- बलात्कार,
- बच्चों से छेड़छाड़,
- समलैंगिकता,
- नशीली दवाओं की तस्करी,
- अपहरण,
- आतंकवाद,
- चोरी,
- वेश्यावृत्ति
- विद्रोह,
- धर्मत्याग,
- ईशनिंदा और इत्यादि
चार कैटेगरी में बांटा है अपराध
जैसा की हमने बताया कि ईरान में मौत की सजा इस्लामिक पीनल कोड के तहत दी जाती है. मौत की सजा वाले अपराधों को यहां चार कैटेगरी में बांटा हुआ है. Qesas(बदला), Hadd (भगवान के खिलाफ़ अपराध), Tazir (अपनी मर्ज़ी से), और रोकने वाले अपराध (Deterrent Crimes).
- UN के अनुसार ईरान में, 2025 में कम से कम 1,500 लोगों को मौत की सजा दी गई.
- जिनमें से कम से कम 47 प्रतिशत मामले ड्रग्स से जुड़े अपराधों से थे.
- साल 2025 में 35 साल में सबसे ज़्यादा फांसी की सजा यहां दी गई.
- हाल ही में ईरान मे विरोध प्रदर्शनों हुए थे. जनवरी 2026 की शुरुआत में कम से कम 52 फांसी दी गई थी. ह्यूमन राइट्स ग्रुप्स ने इसकी पुष्टि की है.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं