- ईरान ने इजरायल के लिए जासूसी करने के आरोप में एक व्यक्ति को मौत की सजा दी है
- कुरोश कीवानी नामक आरोपी ने मोसाद को संवेदनशील स्थानों की तस्वीरें और जानकारी दी थी- ईरान का दावा
- ईरान की न्यायपालिका की मिजान न्यूज एजेंसी ने इस मामले की पुष्टि की है
अमेरिका और इजरायल से जारी जंग के बीच ईरान ने एक बड़ा कदम उठाया है. ईरान की न्यायपालिका की मिजान न्यूज एजेंसी के अनुसार, ईरान ने इजरायल के लिए जासूसी करने के आरोपी एक व्यक्ति को फांसी दे दी. मौत की सजा पाने वाले इस व्यक्ति की पहचान कुरोश कीवानी के रूप में की गई है. बुधवार, 18 मार्च को छपी मिजान की रिपोर्ट के अनुसार उस व्यक्ति को "इजरायल की जासूसी एजेंसी, मोसाद को ईरान में संवेदनशील स्थानों की तस्वीरें और जानकारी प्रदान करने का दोषी पाया गया है."
बता दें कि इजरायल के साथ एक दशक से युद्ध में उलझे ईरान ने मोसाद से संबंध रखने और देश के अंदर उसके खुफिया ऑपरेशन को सुविधाजनक बनाने का आरोप लगाते हुए कई लोगों को मौत की सजा दी है. जब जब जंग छिड़ती है तब ऐसी फांसी की सजा में और तेजी आती है.
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जेरुशलम पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार इससे पहले ईरान के इस्लामिक शासन ने 28 जनवरी को (जंग शुरू होने से एक महीने पहले) इजरायली जासूस को फांसी के फंदे पर लटकाया था. तब भी ईरानी न्यायपालिका के मीडिया आउटलेट ने कहा था कि हामिद्रेजा सबेट एस्माईलिपुर नाम के एक व्यक्ति को मोसाद एजेंट होने के कारण मौत के घाट उतारा गया था.
इजरायल को मिलती है ईरानी जासूसों की मदद
बता दें कि इजराइल की ताकत के पीछे सबसे बड़ा कारण उसकी शक्तिशाली खुफिया एजेंसी मोसाद को माना जाता है. इसे दुनिया की सबसे प्रभावी खुफिया एजेंसी में से एक माना जाता है. मोसाद ऐसे जासूसों की मदद से ही ईरान के अंदर जासूसी करने, आतंकवादी गतिविधियां रोकने, गुप्त अभियान (ब्लैक ऑप) चलाने और वैश्विक स्तर पर रणनीतिक खुफिया जानकारी इकट्ठा करने में माहिर है. दशकों से, मोसाद ने इजरायल में पहुंचने से पहले खतरों को बेअसर करने के लिए अपने देश के बॉर्डर से बाहर भी अत्यधिक जटिल ऑपरेशन किए हैं.
इसे आप एक उदाहरण से समझिए. एक दिन पहले 17 मार्च को ईरान के सिक्योरिटी चीफ अली लारिजानी को इजरायल ने एक हमले में मार गिराया. इसे ईरान के लिए सुप्रीम लीडर की मौत के बाद दूसरा सबसे बड़ा झटका माना जा रहा है. यहां खास बात है कि इस हमले को अंजाम देने से पहले इजरालय को इनपुट ईरान की राजधानी तेहरान के अंदर से ही आया था. ईरान इंटरनेशनल से इसको लेकर एक एक्सक्लूसिव रिपोर्ट छापी है. इसके अनुसार एक इजरायली अधिकारी ने ईरान इंटरनेशनल को बताया कि लारिजानी की हत्या पिछले 24 घंटों में ईरान की राजधानी तेहरान के निवासियों की ओर से इजरायल की खुफिया एजेंसियों को मिली बहुमूल्य जानकारी की बदौलत संभव हुई. यह मोसाद की ताकत है.
यह भी पढ़ें: तेहरान का 'भेदी' ईरान ढाए... इजरायल ने ईरानी सिक्योरिटी चीफ को कैसे मार गिराया?
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