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क्या मोबाइल चलाने से बढ़ जाता है आकाशीय बिजली गिरने का खतरा? जानें सच

हर साल आकाशीय बिजली (Lightning) गिरने से भारत में हजारों लोगों की मौत हो जाती है. National Crime Records Bureau के अनुसार, साल 2023 में देश में बिजली गिरने से करीब 2,560 लोगों की मौत हो गई थी. ये आंकड़ा प्राकृतिक आपदाओं से हुई कुल मौतों का लगभग 40% था.

क्या मोबाइल चलाने से बढ़ जाता है आकाशीय बिजली गिरने का खतरा? जानें सच
बारिश और आंधी के दौरान अपना बचाव करें.

बारिश और आंधी के दौरान कई बार आकाशीय बिजली (Lightning) गिर जाती है. आकाशीय बिजली जहां पर गिरती है, वो जगह पूरी तरह से तबाह हो जाती है. अगर किसी इंसान पर आकाशीय बिजली गिर जाए तो उसकी मौत तक हो जाती है. आकाशीय बिजली गिरने को लेकर कई तरह के सवाल लोगों के मनों में आते हैं. अधिकतर लोगों के मन में ये सवाल जरूर आता है कि क्या मोबाइल फोन इस्तेमाल के दौरान आकाशीय बिजली गिरने का खतरा बढ़ जाता है? विशेषज्ञ बताते हैं कि आकाशीय बिजली गिरने का सबसे ज्यादा खतरा खुली जगहों पर होता है. आमतौर पर ऊंची जगहों, खुले मैदान, पेड़ों, बिजली के खंभों पर ये बिजली गिरती है. वहीं मोबाइल फोन चलते समय आकाशीय बिजली गिरने का खतरा न के समान होता है . 

मोबाइल फोन का रेडियो सिग्नल इतना शक्तिशाली नहीं होता कि वह आसमान से बिजली अपनी ओर खींच सके. हालांकि खराब मौसम के दौरान अगर खुली जगह, पेड़ के नीच या बिजली के खंभे के नीचे फोन का इस्तेमाल करने से बिजली गिरने का खतरा बढ़ जाता है. इसलिए बारिश के मौसम में और आंधी के दौरान आप खुली जगह पर फोन का इस्तेमाल करने से बचें. 

बारिश और आंधी के दौरान क्या करना चाहिए

बारिश और आंधी के दौरान अपना बचाव करें. गरज-चमक होने पर सुरक्षित इमारत के अंदर ही रहें. बिजली कड़कने के समय गलती से भी पेड़ के नीचे, खुले मैदान में खड़े न हों. साथ ही बिजली के उपकरणों से दूर रहें.

पता होना चाहिए 30-30 नियम

कहा जाता है कि अगर बिजली चमकने और गरजने के बीच का समय 30 सेकंड से कम का होता है, तो आकाशीय बिजली गिरने का खतरा बढ़ जाता है. ऐसे होने पर तुरंत किसी सुरक्षित स्थान पर चले जाएं. इसे 30-30 नियम कहा जाता है.

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