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'नंबर्स नहीं मेरा ट्रैक रिकॉर्ड दिलाएगी जीत', परिमल नाथवानी के नामांकन से झारखंड में राज्यसभा चुनाव हुआ दिलचस्प

उद्योगपति परिमल नाथवानी की एंट्री राज्यसभा चुनाव को दिलचस्प बना दिया है. परिमल नाथवानी ने अपना नामांकन निर्दलीय के रूप में नामांकन दर्ज करवाया है.

'नंबर्स नहीं मेरा ट्रैक रिकॉर्ड दिलाएगी जीत', परिमल नाथवानी के नामांकन से झारखंड में राज्यसभा चुनाव हुआ दिलचस्प
परिमलन नाथवानी, बैद्यनाथ राम और प्रणव झा ने कराया नामांकन (NDTV)
Jharkhand:

झारखंड में राज्यसभा चुनाव काफी दिलचस्प हो गया है. झारखंड में दो सीट पर हो रहे राज्यसभा चुनाव में आंकड़ों के गेम के मुताबिक, कांग्रेस और JMM ने अपने एक-एक उम्मीदवार को मैदान में उतार दिया है. कांग्रेस ने जहां प्रणव झा को उम्मीदवार बनाया है. वहीं JMM ने बैद्यनाथ राम को प्रत्याशी बनाया है. लेकिन इस पूरे गेम में अब उद्योगपति परिमल नाथवानी की एंट्री पूरे चुनाव को दिलचस्प बना दिया है. बताया जा रहा है कि परिमल नाथवानी ने अपना नामांकन निर्दलीय के रूप में नामांकन दर्ज करवाया है. हालांकि शनिवार को सीएम हेमंत सोरेन से उनकी मुलाकात की बात सामने आई थी. लेकिन बैद्यनाथ राम के नाम की घोषणा के बाद पूरा खेल बदल गया. अब कहा जा रहा है कि बीजेपी के सपोर्ट से परिमल नाथवानी निर्दलीय मैदान में उतर गए हैं.

झारखंड में राज्यसभा चुनाव के नंबर गेम में जीत के लिए प्रथम वरीयता के 28 विधायकों का समर्थन जरूरी है. ऐसे में गठबंन में JMM के पास 34, कांग्रेस के पास 16 और आरजेडी के पास 4 विधायक और सीपीआई के पास 2 सीट है. ऐसे में गठबंध के पास दो सीटों के आंकड़े पहले से तैयार है. वहीं बीजेपी के 21 सीट और आजसू-जेडीयू और एलजेपी के पास 1-1 सीट है, यानी कुल 24 सीट है. मतलब NDA के पास जादूई आंकड़े से 4 कम विधायक हैं. लेकिन तीसरे उम्मीदवार के लिए अगर चुनाव में किसी तरह की भी क्रॉस वोटिंग होती है तो खेल बिगड़ सकता है.

जैसा की कहा जा रहा है कि परिमल नाथवानी को बीजेपी का सपोर्ट है तो उन्हें 4 विधायकों के साथ नंबर गेम में आगे निकलना होगा. परिमल के नामांकन के दौरान भाजपा के कई विधायक उनके साथ विधानसभा पहुंचे.

निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी ने इस पूरे मुकाबले को एक नया और बेहद दिलचस्प मोड़ दे दिया है. 4 विधायकों की कमी के गणितीय दबाव को दरकिनार करते हुए नाथवानी ने नंबर्स गेम की जगह अपने काम के रिपोर्ट कार्ड को आगे कर दिया है. परिमल ने कहा है कि मैं आंकड़ों की राजनीति नहीं करता, मुझे काम पर भरोसा है.

नाथवानी का दावा ट्रैक रिकॉर्ड दिलाएगी जीत

नामांकन दाखिल करने के बाद एनडीटीवी से बात करते हुए परिमल नाथवानी बेहद आत्मविश्वास से लबरेज नजर आए. जब उनसे जीत के लिए जरूरी 28 वोटों और वर्तमान में एनडीए के 24 विधायकों के समीकरण (4 वोटों की कमी) पर सवाल पूछा, तो उन्होंने साफ कहा कि मैं आंकड़ों की उलझन भरी बात नहीं करता. राजनीति सिर्फ जोड़-तोड़ का नाम नहीं है. मुझे पूरा विश्वास है कि मेरी जीत होगी और सदन में पहुंचने के लिए मुझे हर वर्ग और दल का सहयोग मिलेगा,

नाथवानी ने सीधे तौर पर झारखंड की जनता और यहां के जनप्रतिनिधियों के साथ अपने पुराने जुड़ाव को जीत का मुख्य आधार बताया. उन्होंने अपनी मजबूत दावेदारी पेश करते हुए कहा कि झारखंड के लिए उन्होंने पिछले दो टर्म में जो काम किए हैं, वे सबके सामने हैं. उन्होंने राज्य में विश्वस्तरीय हॉस्पिटल बनवाने से लेकर सामाजिक और बुनियादी ढांचे के विकास में बड़ा योगदान दिया है. नाथवानी ने कहा कि इस बार अगर मुझे मौका मिलता है, तो मैं पिछले दो टर्म से भी कहीं ज्यादा रफ्तार के साथ झारखंड के विकास के लिए काम करूंगा.

राज्सभा सांसद रह चुके हैं परिमल नाथवानी

बता दें परिमल नाथवानी झारखंड से वर्ष 2008 और 2014 में राज्यसभा सांसद रह चुके हैं. वर्तमान में वे आंध्र प्रदेश से राज्यसभा का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं. इस बार वे निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में मैदान में उतरे हैं. राजनीतिक सूत्रों के मुताबिक भाजपा ने अपना आधिकारिक उम्मीदवार नहीं उतारने का फैसला किया है और नाथवानी को समर्थन देने की रणनीति बनाई है.

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