Jharkhand News: झारखंड के धनबाद में साल 2023 में हुए रिकवरी एजेंट उपेंद्र सिंह हत्याकांड ने पूरे राज्य को दहला दिया था. अब इस मामले में एक चौंकाने वाला मोड़ आया है. पुलिस की रिमांड के दौरान प्रिंस खान गैंग के गुर्गे सैफी ने कुबूल किया कि उपेंद्र की हत्या के पीछे उनकी पत्नी रूनी सिंह का हाथ था. अवैध संबंधों के चलते रूनी ने गैंगस्टर प्रिंस खान को सुपारी देकर अपने ही पति को रास्ते से हटवा दिया. हैरानी की बात यह है कि हत्या के बाद रूनी ने उपेंद्र के चचेरे भाई पिंटू सिंह पर केस दर्ज करवाकर उसे जेल भिजवा दिया था.
कॉलेज गेट पर बरसाई गई थीं गोलियां
घटना 1 फरवरी 2023 की है, जब उपेंद्र सिंह अपने बेटे को पीके राय मेमोरियल कॉलेज छोड़ने गए थे. कॉलेज गेट पर पहुंचते ही घात लगाए हमलावरों ने उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी थी. अस्पताल ले जाने के दौरान उनकी मौत हो गई. सैफी के खुलासे के बाद अब पुलिस रूनी सिंह और इस साजिश में शामिल अन्य लोगों की सरगर्मी से तलाश कर रही है.
पाकिस्तानी नौकरानी ने कराई गैंगस्टर की 'एंट्री'
पूछताछ में यह भी पता चला है कि झारखंड का आतंक बन चुका प्रिंस खान इस समय पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में छिपा हुआ है. उसे सुरक्षित पाकिस्तान पहुंचाने में उसके घर में वर्षों से काम करने वाली एक 'खास' नौकरानी ने मदद की, जो मूल रूप से पाकिस्तान की रहने वाली है. सैफी के मुताबिक प्रिंस खान वहां ISI और अन्य आतंकी संगठनों के सीधे संपर्क में है और हवाला के जरिए भारत से हर महीने करीब 2 करोड़ रुपये की रंगदारी वसूल रहा है.
सफेदपोश और मीडिया के साथ मिलीभगत
एसएसपी प्रभात कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि सैफी ने उन सफेदपोश नेताओं, बिल्डरों और मीडिया से जुड़े लोगों के नामों का भी खुलासा किया है जो प्रिंस खान को संरक्षण दे रहे थे. इस मामले की गंभीरता को देखते हुए अब CBI भी जांच में शामिल हो गई है और लगभग 100 संदिग्ध बैंक खातों पर छापेमारी की जा रही है. पुलिस ने साफ किया है कि अपराधियों की मदद करने वाले इन 'सफेदपोशों' को जल्द ही सलाखों के पीछे भेजा जाएगा.
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