भारत की पेट्रोल और डीजल की टेंशन आने वाले दिनों में दूर हो सकती है. दुनिया के सबसे बड़े तेल के खजाने वाले देश से अगर डील फाइनल हो गई, तो रूस और खाड़ी देशों पर भारत को मोहताज नहीं रहना पड़ेगा. वेनेजुएला की अंतरिम राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज आज भारत दौरे पर आ रही हैं. ऊर्जा और निवेश के क्षेत्र में भारत वेनेजुएला का एक अहम साझेदार है. होर्मुज संकट के दौरान भारत, वेनेजुएला के तेल का दूसरा सबसे बड़ा खरीदार बना है. राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज की भारत यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच कई समझौते होने के आसार हैं.
अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच जारी संघर्ष का वैश्विक तेल और सप्लाई चेन पर लगातार प्रभाव पड़ रहा है. ऐसे में भारत अपने तेज आयातक देशों की लिस्ट में और नाम जोड़ने में जुटा हुआ है. इसी बीच, तेल समृद्ध देश वेनेजुएला की राष्ट्रपति की यात्रा हो रही है. वेनेजुएला की अंतरिम राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज, जिन्होंने अमेरिका द्वारा तत्कालीन राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को "कब्जे में लेने" के बाद सत्ता संभाली, 3 से 7 जून तक भारत की यात्रा पर रहेंगी.
दुनिया के सबसे बड़े तेल के खजाने वाले देश से डील के आसार
वेनेजुएला की राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज की यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है, जब होर्मुज की नाकाबंदी, जिसने वैश्विक ऊर्जा संकट पैदा कर दिया, अभी भी जारी है और मोदी सरकार ने ईंधन बचाने के उपाय भी लोगों को सुझाए हैं. भारत ने अपने आयात में विविधता लाने के प्रयास के तहत वेनेजुएला से कच्चे तेल की खरीद की दिशा में भी कदम बढ़ाया है. भारत के विदेश मंत्रालय के अनुसार, वेनेजुएला की राष्ट्रपति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय चर्चा में भाग लेंगी, जिसमें भारत-वेनेजुएला संबंधों के सभी पहलुओं को शामिल किया जाएगा और ऊर्जा, व्यापार, निवेश, फार्मास्यूटिकल्स, स्वास्थ्य सेवा, परिवहन और नवीकरणीय ऊर्जा में आगे सहयोग के रास्ते तलाशे जाएंगे.
भारत वेनेजुएला के तेल का दूसरा सबसे बड़ा खरीदार
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि अंतरिम राष्ट्रपति के साथ विदेश मामलों, अर्थव्यवस्था एवं वित्त, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, संचार एवं सूचना एवं परिवहन सहित कई मंत्री होंगे. हाल के महीनों में, भारत वेनेजुएला से तेल का दूसरा सबसे बड़ा आयातक बनकर उभरा है. रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, मई 2026 तक भारत ने प्रतिदिन 427,000 बैरल तेल खरीदा है, जो दक्षिण अमेरिकी देश से अमेरिका की खरीद के बाद दूसरे स्थान पर है. भारतीय निजी तेल कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज ने भी हाल के महीनों में वेनेजुएला में कच्चे तेल के तीन सबसे बड़े खरीदारों में अपना स्थान बनाया है.
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होर्मुज संकट लंबे वक्त तक चला तो भी राहत देता रहेगा ये रूट
वेनेजुएला से तेल खरीदना भारत के लिए कई मायनों में अहम रह सकता है. खाड़ी देशों के हालत को देखकर ये कहना मुश्किल है कि कब होर्मुज स्ट्रेट पर संकट खड़ा हो जाए. हालांकि, वेनेजुएला से अगर हम तेज मंगवाते हैं, तो होर्मुज का रोड़ा बीच में नहीं आएगा. खाड़ी में अगर जंग होती है, तो भी वेनेजुएला से तेल आना बंद नहीं होगा. वहीं, वेनेजुएला में सरकार बदलने के बाद अमेरिका के प्रतिबंध का खतरा भी नहीं है.
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