झारखंड मंत्रालय में JSSC CGL के सफल अभ्यर्थियों का विरोध लगातार दूसरे दिन भी जारी है। 17 अगस्त को झारखंड सरकार ने विशेष कैबिनेट की बैठक बुलाकर JSSC CGL समेत कई भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने का फैसला लिया था. सरकार के इस फैसले के बाद वे अभ्यर्थी, जो कल तक सरकारी दफ्तरों में अपनी सेवाएं दे रहे थे, अब सड़कों पर उतरकर विरोध करने को मजबूर हैं.
"मामले की निष्पक्ष जांच कराए"
आंदोलन कर रहे सफल और चयनित अभ्यर्थियों का कहना है कि सरकार ने भीड़तंत्र के दबाव में जल्दबाजी में यह फैसला लिया है. उनका आरोप है कि बिना उनकी बात सुने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराए परीक्षा और पूरी चयन प्रक्रिया को रद्द करना उनके साथ अन्याय है. अभ्यर्थी सरकार से अपने फैसले पर दोबारा विचार करने और चयनित उम्मीदवारों के भविष्य को सुरक्षित रखने की मांग कर रहे हैं.
"दोषियों के खिलाफ हो कार्रवाई"
सफल अभ्यर्थियों का कहना है कि अगर भर्ती प्रक्रिया में किसी तरह की गड़बड़ी हुई है तो उसकी निष्पक्ष जांच कराई जाए और जो भी दोषी पाए जाएं, उनके खिलाफ कार्रवाई हो. लेकिन कुछ लोगों के आरोप या आंदोलन के दबाव में पूरी चयन प्रक्रिया को रद्द करना उन हजारों अभ्यर्थियों के साथ अन्याय है, जिन्होंने वर्षों की मेहनत के बाद परीक्षा पास की और चयनित हुए.
पिछले दो दिनों से मंत्रालय के बाहर और अंदर प्रदर्शन कर रहे इन अभ्यर्थियों ने सरकार से न्याय की गुहार लगाई है. आंदोलन कर रहे चयनित उम्मीदवारों से हमारे संवाददाता हरिवंश शर्मा ने बातचीत की.
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