JSSC-CGL मामले में झारखंड सरकार ने हाईकोर्ट में बड़ा बयान दिया है. सरकार ने साफ कर दिया है कि परीक्षा को रद्द करना ही ठीक है, क्योंकि पूरी परीक्षा दूषित है. सरकार ने हाईकोर्ट को बताया है कि इसमें आरोपी या फिर निर्दोष की पहचान करना मुश्किल है. ऐसे में परीक्षा को रद्द किया जाना ही जनहित में होगा. JSSC CGL की परीक्षा और इस परीक्षा के जरिये हुई नियुक्तियों को रद्द किये जाने के आदेश के खिलाफ झारखंड हाईकोर्ट में कई याचिकाएं दायर की गई हैं. जिन पर सुनवाई चल रही है. पिछले सुनवाई में अदालत ने राज्य सरकार को काउंटर एफिडेविट (जवाबी हलफनामा) दायर करने का निर्देश दिया था, जिसके बाद सरकार ने 42 पेज का काउंटर एफिडेविट दायर किया गया है.
सरकार ने अपने काउंटर एफिडेविट में ये 10 तर्क दिए हैं:
1. पूरी परीक्षा प्रक्रिया पर सवाल: सरकार का कहना है कि JSSC-CGL की पूरी परीक्षा प्रक्रिया ही प्रभावित हुई थी. ऐसे में यह तय करना मुश्किल है कि कौन अभ्यर्थी पूरी तरह निष्पक्ष तरीके से सफल हुआ और किसे गड़बड़ी का लाभ मिला.
2. सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का हवाला: सरकार ने कहा कि यदि पूरी परीक्षा प्रक्रिया दूषित पाई जाती है, तो सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्धारित सिद्धांतों के आधार पर पूरी परीक्षा रद्द की जा सकती है.
3. वन शिखा बनाम केंद्र सरकार मामले का उल्लेख: हलफनामे में सुप्रीम कोर्ट के वन शिखा बनाम केंद्र सरकार मामले में दिए गए सिद्धांत का हवाला दिया गया है. सरकार के मुताबिक, पूरी परीक्षा प्रक्रिया दूषित पाए जाने पर परीक्षा रद्द की जा सकती है.
4. सीआईडी जांच को बनाया आधार: सरकार ने कहा कि सीआईडी की जांच में सामने आए तथ्यों से परीक्षा में बड़े पैमाने पर अनियमितता होने की जानकारी मिली. इसी जांच के निष्कर्षों को परीक्षा रद्द करने के फैसले का प्रमुख आधार बताया गया है.
5. ICN Technology की भूमिका पर गंभीर सवाल: परीक्षा के प्रश्नपत्रों की छपाई और उन्हें परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाने जैसे गोपनीय काम ICN Technology को दिए गए थे. सरकार ने एजेंसी की भूमिका में गंभीर अनियमितताओं का उल्लेख किया है.
6. 28 गिरफ्तार, 265 लोगों को नोटिस: सरकार के मुताबिक मामले की जांच के दौरान ICN Technology के CEO सोमांश प्रकाश समेत 28 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. वहीं, जांच के दौरान 265 लोगों को नोटिस जारी किए गए.
7. पैसे लेकर उत्तर रटवाने का आरोप: सरकार ने हलफनामे में कहा है कि पैसे के बदले कुछ अभ्यर्थियों को परीक्षा से पहले ही प्रश्नों के उत्तर याद करवाए गए थे.
8. कई राज्यों और शहरों तक गड़बड़ी के तार: जांच में आसनसोल, कोलकाता, बिहार, झरिया और बोकारो के अलावा नेपाल में भी अभ्यर्थियों को उत्तर याद करवाए जाने की जानकारी सामने आने का सरकार ने दावा किया है.
9. मनी ट्रेल और नेपाल में सफल 10 अभ्यर्थियों का जिक्र: सरकार के अनुसार अभ्यर्थियों और परीक्षा एजेंसी से जुड़े लोगों के बीच कथित पैसों के लेन-देन के सबूत जांच में मिले हैं. हलफनामे में यह भी कहा गया है कि नेपाल में 28 अभ्यर्थियों को उत्तर याद करवाए गए थे, जिनमें से 10 अभ्यर्थी JSSC-CGL परीक्षा में सफल हुए.
10. नियुक्ति पत्र में पहले से सीआईडी जांच की शर्त: सरकार ने बताया कि सफल अभ्यर्थियों को दिए गए नियुक्ति पत्र में पहले ही स्पष्ट कर दिया गया था कि उनकी नियुक्ति सीआईडी जांच के परिणाम के अधीन रहेगी. जांच में पूरी परीक्षा प्रक्रिया के प्रभावित होने की बात सामने आने के बाद कैबिनेट ने परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया.
JSSC-CGL परीक्षा रद्द करने के फैसले पर झारखंड सरकार ने हाईकोर्ट में अपना पक्ष मजबूती से रखा है. काउंटर एफिडेविट में सरकार ने परीक्षा प्रक्रिया के बड़े पैमाने पर प्रभावित होने का दावा किया है. 28 गिरफ्तारियों, 265 नोटिस, पैसे लेकर उत्तर रटवाने और नेपाल में सफल अभ्यर्थियों का भी जिक्र किया गया है.
सरकार का तर्क है कि जब परीक्षा की पूरी प्रक्रिया पर ही गंभीर सवाल खड़े हो गए हों, तो केवल कुछ अभ्यर्थियों की परीक्षा रद्द करने या अलग-अलग दोषी अभ्यर्थियों की पहचान करने के बजाय पूरी परीक्षा को रद्द करना कानूनी रूप से उचित है.
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