- JPSC परीक्षा धांधली मामले में TDPL के मार्केटिंग मैनेजर अभय तिवारी के भाई और पत्नी को गिरफ्तार किया गया है.
- अभय तिवारी के परिवार और रिश्तेदारी के करीब 10 लोगों ने पिछले वर्षों में सरकारी नौकरी प्राप्त की है.
- छात्रों के आंदोलन के बाद CM सोरेन ने JSSC-CGL परीक्षा रद्द करने की घोषणा की थी, जिससे विवाद उत्पन्न हुआ.
JPSC परीक्षा धांधली मामले में गिरफ्तार TDPL के मार्केटिंग मैनेजर अभय तिवारी के भाई अक्षय तिवारी और उनकी पत्नी सुषमा कुमारी को गिरफ्तार कर लिया गया है. मंगलवार को दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की गई थी. अब सीआईडी ने दोनों को गिरफ्तार करने की जानकारी दी है. दोनों पर JPSC और JSSC-CGL में अवैध तरीके से सफलता हासिल करने का आरोप है. अभय तिवारी पहले ही जेल जा चुका है
मिली जानकारी के अनुसार मंगलवार को गिरिडीह पुलिस की विशेष टीम देवघर स्थित अभय तिवारी के घर पहुंची और उन्हें अपने साथ गिरिडीह ले आई. दोनों से अलग-अलग स्थानों पर पूछताछ की गई. जिसके बाद अब शाम में दोनों की गिरफ्तारी की बात सामने आई है.
अभय तिवारी के पहचान वाले 10 लोगों की जांच
बता दें कि अभय तिवारी पर आरोप है कि उसने अपने भाई अक्षय तिवारी और पत्नी को JSSC-CGL के जरिए सरकारी नौकरी दिलाने में मदद की. सीआईडी जांच के दौरान यह भी सामने आया कि अभय तिवारी के परिवार और रिश्तेदारी के करीब 10 लोगों ने बीते कुछ सालों में सरकारी नौकरी हासिल की है. अब इन सब की नियुक्ति जांच के दायरे में है.
अब पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन नियुक्तियों में किसी तरह की अनियमितता या परीक्षा में धांधली हुई थी. हालांकि, इस कार्रवाई और पूछताछ को लेकर पुलिस अभी कोई जानकारी साझा नहीं कर रही है.
छात्रों के आंदोलन के बाद JSSC-CGL परीक्षा रद्द
मालूम हो कि JPSC, JSSC-CGL परीक्षा में धांधली के मामले में छात्रों के लगातार आंदोलन के कारण सोमवार रात सीएम हेमंत सोरेन ने जेपीएससी सीजीएल परीक्षा को रद्द करने का ऐलान किया था. जिसके बाद छात्रों ने अपना अनशन समाप्त किया. हालांकि भर्ती परीक्षाओं के रद्द किए जाने के बाद इन परीक्षा को पास करने वाले छात्रों ने नाराजगी जताई है.
कांग्रेस नेताओं ने सीएम से की मुलाकात
इधर झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मंगलवार को कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में झारखंड कांग्रेस प्रभारी के. राजू, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश समेत कांग्रेस के मंत्री और विधायकों ने मुलाकात की. कांग्रेस नेताओं ने 17 अगस्त को झारखंड मंत्रालय में हुई कैबिनेट की विशेष बैठक में छात्र और अभ्यर्थियों के हित में लिए गए फैसलों को लेकर मुख्यमंत्री का आभार जताया.
कांग्रेस नेताओं ने TDPL के जरिए आयोजित परीक्षाओं को रद्द करने के सरकार के फैसले को छात्र और अभ्यर्थियों के हित में अहम कदम बताया. नेताओं का कहना था कि इस फैसले से प्रभावित अभ्यर्थियों को राहत मिलेगी और उनके भविष्य को लेकर बनी अनिश्चितता दूर होगी.
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि राज्य सरकार झारखंड के युवाओं और विद्यार्थियों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य से जुड़े मामलों में सरकार संवेदनशीलता और गंभीरता के साथ फैसले लेती रही है.
1975 अभ्यर्थियों की नौकरी अब बड़ा मुद्दा
हालांकि, इस पूरी मुलाकात के बीच करीब 1,975 अभ्यर्थियों की नौकरी जाने का मुद्दा बड़ा सवाल बना हुआ है. JSSC,CGL (झारखंड कर्मचारी चयन आयोग, कंबाइंड ग्रेजुएट लेवल) की नियुक्ति रद्द होने से इन अभ्यर्थियों के सामने रोजगार और भविष्य का संकट खड़ा हो गया है. लेकिन सरकार के मंत्री और विधायक इस मुद्दे पर खुलकर कुछ भी बोलने से बचते नजर आ रहे हैं. कांग्रेस नेताओं की मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान भी इस मामले पर कोई स्पष्ट बयान सामने नहीं आया...
अब सबसे बड़ा सवाल उन करीब 1,975 अभ्यर्थियों के भविष्य को लेकर है, जिनकी नियुक्ति रद्द होने से उनकी नौकरी और करियर सीधे तौर पर प्रभावित हुआ है. ऐसे में सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि सरकार इनके लिए क्या रास्ता निकालती है और इन अभ्यर्थियों के भविष्य को लेकर क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं......
यह भी पढ़ें - पूरे परिवार की सरकारी नौकरी! साला, भाभी और भतीजा सब BSO... JPSC आरोपी अभय तिवारी का फैमिली नेटवर्क
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं