झारखंड की चर्चित और विवादित भर्ती परीक्षाओं JPSC और JSSC-CGL को लेकर हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपना लिया है. समय दिए जाने के बावजूद झारखंड सरकार द्वारा हलफनामा दाखिल नहीं किए जाने पर अदालत ने नाराजगी जाहिर की और 18 सितंबर तक जवाब दाखिल करने का अंतिम निर्देश दिया. दूसरी तरफ CID लगातार कार्रवाई करते हुए भर्ती अनियमितताओं के मामले में नई गिरफ्तारियां कर रही है. ऐसे में अब सभी की नजर 18 सितंबर की सुनवाई और जांच के अगले खुलासों पर टिकी हुई है.
हलफनामा दाखिल नहीं होने पर नाराज हुआ हाईकोर्ट
JPSC और JSSC-CGL से जुड़े मामलों की सुनवाई के दौरान झारखंड हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से पूछा कि निर्धारित समय तक हलफनामा क्यों दाखिल नहीं किया गया. अदालत ने याद दिलाया कि सरकार को पहले ही 15 सितंबर तक अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया जा चुका था.
अदालत ने स्पष्ट कर दिया कि सरकार 18 सितंबर को सुबह 10:30 बजे तक अपना हलफनामा दाखिल करे. इसके बाद मामले में विस्तृत सुनवाई की जाएगी.

अदालत ने दिए सख्त संकेत
कोर्ट की टिप्पणी से यह संकेत मिला है कि वह भर्ती परीक्षाओं से जुड़े मामलों में अब और देरी के पक्ष में नहीं है. हाईकोर्ट ने साफ कर दिया कि निर्धारित समय पर जवाब दाखिल होने के बाद पूरे मामले पर विस्तार से सुनवाई होगी. यह मामला उन भर्ती परीक्षाओं से जुड़ा है जिनमें अनियमितताओं के आरोप लगने के बाद राज्यभर में अभ्यर्थियों ने विरोध प्रदर्शन किया था.
CID ने की दो और गिरफ्तारियां
इस बीच, भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की जांच कर रही झारखंड CID ने दो और लोगों को गिरफ्तार किया है. अधिकारियों के अनुसार, बिहार के जमुई निवासी दिलीप कुमार पासवान को JSSC संयुक्त स्नातक स्तरीय (CGL) परीक्षा-2023 में कथित अनियमितताओं के मामले में गिरफ्तार किया गया है. जांच एजेंसी का आरोप है कि उसने कई अभ्यर्थियों को अनुचित लाभ पहुंचाने का काम किया. CID अब तक JSSC-CGL मामले में 13 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है.
कोचिंग संचालक भी गिरफ्तार
CID ने JPSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के मामले में रांची के एक कोचिंग सेंटर संचालक संजीत कुमार को भी गिरफ्तार किया है. जांच एजेंसी के मुताबिक संजीत कुमार रांची के रातू रोड क्षेत्र में स्थित एक कोचिंग संस्थान का संचालन करता था और कथित तौर पर बिचौलिए की भूमिका निभा रहा था. उसे गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है.

पूर्व अध्यक्ष सहित कई लोग जांच के घेरे में
JPSC से जुड़े मामलों में CID पहले ही 20 से अधिक लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है. इनमें आयोग के पूर्व अध्यक्ष एल. ख्यांगते भी शामिल हैं, जिन्हें 10 अगस्त को गिरफ्तार किया गया था. जांच एजेंसियां भर्ती प्रक्रिया, चयन सूची और कथित नेटवर्क की विभिन्न कड़ियों को जोड़ने का प्रयास कर रही हैं.
अभ्यर्थियों के आंदोलन से शुरू हुआ विवाद
भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर अभ्यर्थियों ने 25 जुलाई से आंदोलन शुरू किया था. प्रदर्शनकारी JPSC और JSSC द्वारा आयोजित परीक्षाओं को रद्द करने तथा पूरे मामले की CBI जांच की मांग कर रहे थे. लगातार विरोध के बाद राज्य सरकार ने 18 अगस्त को JSSC-CGL 2023 सहित कई भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने की घोषणा की थी. इसके बाद अभ्यर्थियों ने अपना आंदोलन समाप्त कर दिया था.
सरकार के फैसले पर लगी रोक
हालांकि परीक्षा उत्तीर्ण कर चुके कुछ अभ्यर्थियों ने सरकार के फैसले को अदालत में चुनौती दी. इसके बाद झारखंड हाईकोर्ट ने परीक्षाएं रद्द करने के सरकार के निर्णय पर अंतरिम रोक लगा दी थी.
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