झारखंड में नक्सलवाद के खिलाफ अभियान के दौरान झारखंड पुलिस और सीआरपीएफ को संयुक्त रूप से बड़ी सफलता हाथ लगी है. सीआरपीएफ के आईजी साकेत कुमार सिंह और आईजी अभियान नरेंद्र कुमार सिंह के नेतृत्व में सुरक्षा बलों के की ओर से किए जा रहे लगातार कार्रवाई के वजह से झारखंड पुलिस के समक्ष 40 लाख रुपया के छह इनामी नक्सली समेत 16 नक्सलियों ने हथियार डाल दिया है.
यह सभी नक्सली अपने साथ 6 इंसास रायफल, 2 एके-47 रायफल, 1एचके-33 रायफल,1 यूएस कार्बाइन, 1 एम-16 रायफल, सहित 1562 राउंड कारतूस के साथ झारखंड पुलिस के सामने सरेंडर करेंगे.
सभी नक्सली कल यानी 28 जुलाई को झारखंड पुलिस मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान आधिकारिक तौर पर आत्मसमर्पण करेंगे.
सरेंडर करने वाले प्रमुख नाम में चंपा मंझिआइन उर्फ गुड़िया, चंदन लोहरा, सुदेश होनहागा उर्फ सोनाराम, जयकांत उर्फ बंगाली मुंडा हैं. ये प्रमुख नाम है जो रीजन और जोनल कमिटी के सदस्य थे.
लगातार गिरफ्तारी और सरेंडर से टूट रही माओवादियों की कमर
हाल के दिनों में झारखंड पुलिस और सीआरपीएफ के संयुक्त अभियानों ने माओवादी संगठन की जड़ों को हिला कर रख दिया है. हाल ही में एक करोड़ के इनामी मिसिर बेसरा के बेहद करीबी सहयोगी अजय महतो उर्फ टाइगर को गिरिडीह-बोकारो सीमा से गिरफ्तार किया गया. इस बड़ी गिरफ्तारी ने संगठन के मनोबल को बुरी तरह तोड़ दिया है.
ऑपरेशन नवजीवन का दिख रहा है व्यापक असर
माओवादियों के इस बड़े आत्मसमर्पण को झारखंड पुलिस के ‘ऑपरेशन नवजीवन' की सफलता के तौर पर देखा जा रहा है. इससे ठीक दो महीने पहले भी राज्य में नक्सलियों ने भारी तादाद में हथियार डाले थे.
बीते 21 मई को भाकपा माओवादी संगठन के 25 और जेजेएमपी के दो उग्रवादियों सहित कुल 27 नक्सलियों ने एक साथ सरेंडर किया था. इनमें केंद्रीय कमेटी के सदस्य मिसिर बेसरा उर्फ सागर जी और असीम मंडल की टीम के शीर्ष कमांडर तथा मारक दस्ते के खूंखार सदस्य शामिल थे. ये वो नक्सली थे जो कोल्हान और सारंडा के दुर्गम जंगल-पहाड़ी इलाकों के चप्पे-चप्पे से वाकिफ थे. इन माओवादियों ने अपने साथ 16 अत्याधुनिक हथियार और 2857 गोलियां पुलिस को सौंपी थीं.
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