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मैनुअल नहीं डिजिटल डाका! कोडिंग के दम पर मिनटों में स्कॉर्पियो पार, नेपाल तक फैला था गिरिडीह गैंग का नेटवर्क

गिरिडीह पुलिस ने झारखंड और बिहार में सक्रिय एक हाईटेक वाहन चोर गिरोह का पर्दाफाश किया है. यह गिरोह लैपटॉप, कोडिंग सॉफ्टवेयर और इलेक्ट्रॉनिक जैमर की मदद से स्कॉर्पियो जैसी महंगी गाड़ियों के डिजिटल लॉक को हैक कर चोरी करता था. हाल ही में गिरिडीह से चोरी हुई एक स्कॉर्पियो को पुलिस ने नेपाल सीमा के पास से बरामद किया है.

मैनुअल नहीं डिजिटल डाका! कोडिंग के दम पर मिनटों में स्कॉर्पियो पार, नेपाल तक फैला था गिरिडीह गैंग का नेटवर्क
स्कॉर्पियो बरामद
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झारखंड और बिहार में सक्रिय वाहन चोरों के एक हाईटेक अंतरराज्यीय गिरोह का खुलासा हुआ है, जिसने पुलिस की चिंता बढ़ा दी है. यह गिरोह अब मास्टर-की या लोहे की रॉड से गाड़ियों के लॉक नहीं तोड़ता, बल्कि लैपटॉप और विशेष सॉफ्टवेयर की मदद से आधुनिक वाहनों, खासकर स्कॉर्पियो टॉप मॉडल के डिजिटल लॉकिंग सिस्टम को हैक कर कुछ ही मिनटों में वाहन चोरी कर लेता है. गिरिडीह पुलिस ने इस गिरोह का पर्दाफाश करते हुए नेपाल सीमा के पास से चोरी की एक स्कॉर्पियो बरामद की है. जांच में यह भी पता चला है कि चोरी के वाहनों को नेपाल में खपाया जा रहा था.

लैपटॉप और जैमर से देते थे वारदात को अंजाम

पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरोह के सदस्य तकनीक का इस्तेमाल कर गाड़ियों के सुरक्षा सिस्टम को बायपास कर देते थे. इसके लिए वे एक विशेष लैपटॉप और कोडिंग सॉफ्टवेयर का उपयोग करते थे. वाहन का डिजिटल लॉक तोड़ने के बाद नया लॉक इंस्टॉल कर उसे आसानी से स्टार्ट कर लिया जाता था. चोरी के दौरान अपराधी इलेक्ट्रॉनिक जैमर का भी इस्तेमाल करते थे, जिससे गाड़ी में लगा GPS ट्रैकर और सुरक्षा अलार्म काम करना बंद कर देता था.

देवघर से चोरी की नेक्सन कार से पहुंचे थे गिरिडीह

दरअसल, गिरिडीह के पचंबा थाना क्षेत्र के तेलोडीह गांव से एक काले रंग की स्कॉर्पियो एस-11 चोरी हो गई थी. मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी डॉ. बिमल के निर्देश पर विशेष जांच टीम गठित की गई. जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज में पता चला कि चोर एक सफेद रंग की टाटा नेक्सन कार से आए थे. बाद में जांच में सामने आया कि यह नेक्सन भी देवघर से चोरी की गई थी.

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जमुई-लखीसराय होते हुए नेपाल बॉर्डर तक पहुंचे चोर

टेक्निकल सेल और सीसीटीवी फुटेज की मदद से पुलिस ने चोरों के रूट का पता लगाया. जांच में सामने आया कि गिरोह के सदस्य जमुई और लखीसराय के रास्ते बिहार पहुंचे थे. पुलिस को यह भी जानकारी मिली कि झारखंड के दुमका, हजारीबाग तथा बिहार के औरंगाबाद और मुजफ्फरपुर में ऐसे कई गिरोह सक्रिय हैं, जो महंगी एसयूवी गाड़ियां चुराकर नेपाल पहुंचाते हैं.

सूचना के आधार पर पुलिस ने पूर्वी चंपारण जिले के झरोखर थाना क्षेत्र स्थित नारायण टोला, जो नेपाल सीमा के नजदीक है, में छापेमारी की. पुलिस की कार्रवाई की भनक लगते ही अपराधी स्कॉर्पियो छोड़कर नेपाल की ओर फरार हो गए. पुलिस ने वाहन को सुरक्षित बरामद कर लिया.

गिरोह की पहचान, गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी

पचंबा थाना में आयोजित प्रेस वार्ता में डीएसपी आर.के. राणा ने बताया कि गिरोह के कई सदस्यों की पहचान कर ली गई है. उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है. पुलिस अब इस नेटवर्क के जरिए होने वाली सीमा पार वाहन तस्करी और हाईटेक वाहन चोरी के पूरे तंत्र की जांच कर रही है. यह मामला आधुनिक वाहन सुरक्षा प्रणालियों की कमजोरियों और अंतरराष्ट्रीय वाहन तस्करी नेटवर्क पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है.

अमरनाथ सिन्हा की रिपोर्ट

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