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उदयपुर से जोधपुर 4 घंटे में... मेवाड़-मारवाड़ रेल लाइन पकड़ेगी रफ्तार, अरावली-कुंभलगढ़ और देवगढ़ घूमना आसान होगा

मेवाड़-मारवाड़ ब्रॉडगेज रेल लाइन को लेकर मांग तेज हो गई है. इससे जोधपुर और उदयपुर के बीच रेल कनेक्टिविटी और बेहतर होगी, राजस्थान के मशहूर किले और वाइल्डलाइफ सेंक्चुरी भी देखना आसान होगा.

उदयपुर से जोधपुर 4 घंटे में... मेवाड़-मारवाड़ रेल लाइन पकड़ेगी रफ्तार, अरावली-कुंभलगढ़ और देवगढ़ घूमना आसान होगा
Mewar-Marwar Railway line: उदयपुर और जोधपुर के बीच रेल लाइन
Gemini Graphics
उदयपुर:

उदयपुर डिवीजन के मेवाड़ और जोधपुर डिवीजन के मारवाड़ को जोड़ने वाली मावली जंक्शन-मारवाड़ जंक्शन ब्रॉडगेज रेल लाइन परियोजना फिर परवान पकड़ सकती है. इसकी लंबाई लगभग 151 किमी है और राजस्थान ऐतिहासिक स्मारकों को जोड़ने वाली रेल परियोजना है.इस परियोजना के तहत ट्रैक को छोटी लाइन से ब्रॉडगेज में बदलने और नए ट्रैक बिछाने का काम दो अलग चरणों में होना है. पहला चरण नाथद्वारा से देवगढ़ मदारिया तक 82 से 85 किमी लंबा है, जिसकी लागत 969 करोड़ है. इस रूट पर 95% से अधिक काम हो चुका है. रेल रूट पर 121 किमी प्रति घंटे की गति से सफलतापूर्वक स्पीड ट्रायल हो चुका है. इसमें कांकरोली, बेजनाल, सोनियाणा मेवाड़, कुंवारिया, लावासरदारगढ़, आमेट, कुंवाथल और देवगढ़ मदारिया स्टेशन होंगे. दूसरे चरण में देवगढ़ मदारिया से मारवाड़ जंक्शन की लंबाई 72 से 75 किमी है. रेल मंत्रालय ने इसके फाइनल लोकेशन सर्वे को मंजूरी दे दी है.रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सर्वे के लिए 12 करोड़ का बजट जारी हुआ था. इसके लिए मांग तेज है.

इस रेल रूट का लंबा इतिहास

इस रेलमार्ग का निर्माण अंग्रेजी हुकूमत के दौरान साल 1936 में हुआ था.लंबे समय तक यह सिर्फ मीटरगेज ही रहा, जहां मावली-मारवाड़ पैसेंजर ट्रेन चलती थी. फिर आधुनिक ब्रॉडगेज में बदलकर अपग्रेड किया जा रहा है.

मेवाड़ से मारवाड़ रेल लाइन से क्या फायदा

इस रेल लाइन से उदयपुर से जोधपुर सिर्फ 4 घंटे में पहुंचेंगे. मेवाड़ में उदयपुर से मारवाड़ में जोधपुर के लिए ट्रेन का लंबा सफर करना पड़ता था. इस ब्रॉडगेज रेल लाइन के शहरों की दूरी करीब 250 किलोमीटर तक कम हो जाएगी. रेल यात्रा का समय 7 घंटे से घटकर सिर्फ 4 घंटे रह जाएगा. यह ट्रेन अरावली की घाटियों और दर्रों से गुजरेगी. इससे टॉडगढ़-रावली वन्यजीव अभ्यारण्य, कुंभलगढ़ किला और देवगढ़ जैसे मशहूर पर्यटनस्थल एक बड़े रेल नेटवर्क से जुड़ जाएंगे. उदयपुर और राजसमंद का फेमस मार्बल-ग्रेनाइट सेक्टर दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर और गुजरात के बंदरगाहों से जुड़ जाएगा. माल ढुलाई सस्ती और आसान हो जाएगी.

मेवाड़ रेल विकास परिषद की मांग

यह रेल लाइन देवगढ़-मदारिया से प्रारंभ होकर लासानी, ताल, भीम, जवाजा, बाली, तारागढ़, कोबरा और कालाबार होते हुए हरिपुर स्टेशन तक जाएगी. मेवाड़ रेल विकास परिषद के अध्यक्ष प्रकाश मांडोत 102 किमी रेल लाइन को जल्द मंजूरी के लिए केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से मिले हैं. रेलवे बोर्ड इसका 2023 में सर्वे पूरा कर रिपोर्ट दे चुका है. उत्तर पश्चिम रेलवे भी अपनी रिपोर्ट दे चुका है. हालांकि परियोजना को अभी तक आखिरी मंजूरी नहीं मिली है. मेवाड़ परिषद 15 सालों से इस रेल लाइन के लिए मुहिम चला रही है.

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इस रेल लाइन के चालू होने से राजस्थान ही नहीं, केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के निवासियों को सीधा फायदा मिलेगा. पर्यटन, व्यापार और माल ढुलाई को बढ़ावा मिलेगा. देवगढ़-मदारिया से मारवाड़ जंक्शन तक खामली घाट, फुलाद, टॉडगढ़, सिरियारी होकर आमान परिवर्तन के सर्वे को आगे बढ़ाने की मांग रखी है.

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